Prayagraj News : चक्रवात संग बारिश से दुर्गा पूजा पंडालों के गेट गिरे, रामलीला में बाधा
शुक्रवार रात करीब पौने दस बजे तेज हवाएं चक्रवात में बदल गईं। इस दौरान हवा की गति का अनुमान करीब सौ किलोमीटर प्रति घंटे आंकी गई है। चक्रवात संग हुई बारिश के दौरान कई रामलीला के मंचन में बाधा आई।
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शुक्रवार रात करीब पौने दस बजे तेज हवाएं चक्रवात में बदल गईं। इस दौरान हवा की गति का अनुमान करीब सौ किलोमीटर प्रति घंटे आंकी गई है। चक्रवात संग हुई बारिश के दौरान कई रामलीला के मंचन में बाधा आई। कटरा स्थित समया माई मंदिर पार्क में दुर्गा पूजा का करीब 70 फीट ऊंचा गेट एक मकान पर गिर गया। गनीमत रही कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं, साउथ मलाका बारवारी का गेट तेज हवाओं के साथ धराशायी हो गया। कई पूजा पंडालों में लगे पर्दे, मैटिंग उड़ गई। सड़कों पर लगे ग्लोसाइन बोर्ड और दर्जनों अस्थायी गेट क्षतिग्रस्त हो गए।
रात करीब पौने दस बजे उमस भरी गर्मी के बीच अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। थोड़ी देर में तेज रफ्तार हवाएं धूल भरी आंधी फिर चक्रवात में बदल गई। कई स्थानों पर चक्रवात प्रभावी तो रहा तो कही-कहीं हवाओं की गति कुछ देर के लिए तेज हुईं।
कटरा निवासी उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह भदौरिया के मुताबिक कटरा समया माई मंदिर पूजा पंडाल के बाहर बना करीब 70 फीट ऊंचा गेट तेज आंधी फिर चक्रवात के दौरान उनके भाई विवेक भदौरिया के मकान पर गिर गया। उन्होंने बताया कि घर में भाई की पत्नी शालिनी और उनका बेटा भव्य सिंह थे।
शोर-गुल मचा तो मोहल्लों वालों के साथ उन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान बारिश होने लगी और टूटा गेट और तेज हवा से टूटे बिजली के लटक रहे तार खतरा बने थे। बाद में बिजली गुल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। आयोजकों ने तारों को किसी तरह हटवाया। एसडीओ बिजली पवन कुमार ने बिजली आपूर्ति ठप करा कर राहत कार्य शुरू कराया।
कई पूजा पंडालों में भारी नुकसान, तैयारी पर पड़ सकता है असर
साउथ मलाका बारवारी दुर्गा पूजा कमेटी के शुभांशु बोस के मुताबिक पूजा पंडाल के बाहर लगा गेट तेज आंधी के दौरान जमीन पर गिर गया। यहां बिजली की सजावट भी प्रभावित हुई है। स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही मीरापुर बारवारी कमेटी के अध्यक्ष श्यामल राय ने बताया कि जहां मां की मूर्ति है, वह स्थान वाटर प्रूफ है, लेकिन बाहर पंडाल के पर्दे और मैटिंग उड़ गईं।
तेज आंधी और चक्रवात के दौरान नेतानगर, बाई का बाग, कटघर, अशोक नगर, दरभंगा, कर्नलगंज के उन पूजा पंडालों की सजावट प्रभावित हुई है, जो निर्माण के अंतिम दौर में थे। कहीं-कहीं तो पंडाल के बाहर बने स्टॉल और अस्थायी दुकानों में लगे कपड़े फट कर उड़ गए। अचानक बदले मौसम में कई पंडालों में देवी प्रतिमाओं की स्थापना की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
रामलीला में बाधा, बारिश में भी डटे रहे दर्शक
पथरचट्टी रामलीला कमेटी के लीला स्थल पर तेज हवाओं और बारिश का दो बार खलल पड़ा। संचालक मंडल के राजीव गुप्ता के मुताबिक लीला को अंतिम दौर में कुछ देर के लिए दो बार रोकना पड़ा। बाद में देर रात तक बूंदाबांदी और बौछारों के बीच लीला का मंचन पूर्ण हुआ। इस दौरान दर्शक डटे रहे। वहीं पजावा रामलीला के मंचन में भी बाधा पड़ी लेकिन वहां भी लीला का कार्यक्रम पूरा किया गया। करेली के नयापुरवा में राम दल तेज आंधी की वजह से करीब पौने ग्यारह बजे निकाला गया। वहां बारिश नहीं हुई, बूंदाबांदी से मौसम खुशनुमा हो गया।
लौटता मानसून कराएगा बदलाव का एहसास, बूंदाबांदी के आसार
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब क्षेत्र की तीव्रता की वजह से मौसम में बदलाव संभावित है। शनिवार को हवाओं की गति तेज रहने के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। इस वजह से शनिवार को प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ समेत प्रदेश के कई स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है। बादलों की आवाजाही संग धूप-छांव का मौसम बना रहेगा।
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