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प्रयागराज : क्रिप्टोकरंसी के नाम पर 50 लाख से अधिक ठगे, रेलवे कर्मचारी ने थाने में की शिकायत

Mon, 10 Jan 2022 04:39 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 10 Jan 2022 04:39 AM IST
सार

रेलवे कर्मचारी राजीव मिश्रा नौकरी के साथ साथ नेटवर्किंग कंपनियों में पैसा लगाते थे। दो साल पहले उन्होंने अपने एक परिचित राकेश कोटरिया की सलाह पर ऑनलाइन कंपनी ऑरलेक्स फाइनेंशियल सर्विस के माध्यम से क्रिप्टोकरंसी बिट्क्वाइन में पैसा निवेश करना शुरू किया।

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Prayagraj: More than 50 lakhs cheated in the name of cryptocurrency, railway employee complained to the police station
क्रिप्टोकरेंसी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

शहर में क्रिप्टोकरंसी में पैसा लगाने के नाम पर 50 लाख से अधिक की ठगी की गई है। रेलवे कर्मचारी राजीव मिश्रा ने एक ऑनलाइन कंपनी के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। राजीव का आरोप है कि क्रिप्टोकरंसी में पैसा लगाने के नाम पर कंपनी ने उनसे करीब सात लाख रुपये निवेश कराए। कुछ महीने रिटर्न देने के बाद कंपनी के लोगों ने फोन उठाना बंद कर दिया है। उनकी तरह शहर के 10 और लोगों ने क्रिप्टोकरंसी में रकम लगाई थी। सबका पैसा फंस गया है। 

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रेलवे कर्मचारी राजीव मिश्रा नौकरी के साथ साथ नेटवर्किंग कंपनियों में पैसा लगाते थे। दो साल पहले उन्होंने अपने एक परिचित राकेश कोटरिया की सलाह पर ऑनलाइन कंपनी ऑरलेक्स फाइनेंशियल सर्विस के माध्यम से क्रिप्टोकरंसी बिट्क्वाइन में पैसा निवेश करना शुरू किया। कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया था कि अगर वे कंपनी ऑरलेक्स एसआईपी निवेश योजना के तहत बिटक्वाइन खरीदेंगे तो उन्हें एक निश्चित राशि रिटर्न में जरूर मिलेगी। बिटक्वाइन के उतार चढ़ाव का नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा।
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राजीव को पांच बार में 5000 डॉलर का निवेश करना था। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से भी खाते खोलकर तकरीबन 10000 डॉलर यानी सात लाख के करीब निवेश कर दिया। शुरू के महीनों में उन्हें रिटर्न भी मिला लेकिन जनवरी 2021 के बाद से पैसा मिलना बंद हो गया। पहले तो कंपनी के लोग बहाने बनाते रहे, फिर फोन उठाना बंद कर दिया। इस दौरान कंपनी के लोग देश भर से सैकड़ों लोगों को इसी स्कीम के तहत जोड़ते रहे।
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उनके ग्रुप में उनके अलावा प्रयागराज के दस और लोग भी थे। उनके ग्रुप के अलावा प्रयागराज के तमाम लोग भी कंपनी से जुड़े थे। कंपनी के लोग जूम मीटिंग के द्वारा प्रलोभन देकर लोगों से लाखों रुपयों का निवेश कराया। राजीव दिल्ली जाकर कंपनी के लोगों से मिले लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने खुल्दाबाद थाने पर कंपनी के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर की जांच की जा रही है। 

जल्द मुनाफे के लालच में गंवा रहे करोड़ों रुपये

जल्द लाभ कमाने के लालच में शहर के लोग बड़ी संख्या में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिप्टोकरंसी में निवेश कर रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक अगर-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्रिप्टोकरंसी में 10 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। चूंकि डिजिटल करंसी की खरीद फरोख्त सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हो रही है, और इसकी कोई सरकारी निगरानी भी नहीं है। इसका फायदा उठाकर साइबर शातिर लोगों को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं।

देश में डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे वजीर एक्स, यूनोक्वाइन, और जेबपे के माध्यम से लोग लोग वर्चुअल करंसी खरीद बेच रहे हैं। शेयर मार्केट से जुड़े तमाम लोगों ने इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से करोड़ों का निवेश किया है। शहर में भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े तमाम लोग मुनाफा कमाने के लिए क्रिप्टोकरंसी में निवेश करने की सलाह देते हैं। सरकार या सेबी की ओर से क्रिप्टोकरंसी के बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी जाती, क्योंकि इसका कोई गवर्निंग बॉडी (शासी निकाय) नहीं है।

निवेश कराने के बाद किया जाता है फ्रॉड
कोई भी व्यक्ति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साइन अप करने के बाद ई वॉलेट में रकम भेज सकता है। इसके बाद उसी रकम से कोई डिजिटल करंसी खरीदी या बेची जा सकती है। साइबर शातिर इसी का फायदा उठाते हैं। वे अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाकर लोगों से पैसों का निवेश करवा लेते हैं और रकम हड़प कर फरार हो जाते हैं। लोग शिकायत करते हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं होता, क्योंकि शातिर तब तक प्लेटफॉर्म बंद कर दूसरा प्लेटफॉर्म खोल चुके होते हैं। 

मार्केट में कई तरह की डिजिटल करंसी
प्रयागराज। दुनिया में कई तरह की डिजिटल करंसी चल रही हैं। इसमें मुख्य रूप से बिट्क्वाइन, इथेरियम, डॉगक्वाइन लिटक्वाइन, फेयरक्वाइन और डैश आदि हैं। एक तरह से डिजिटल रुपये को हम छू नहीं सकते लेकिन अपने ई वॉलेट में रख सकते हैं। उन्हें बढ़ता या घटना हुआ देख सकते हैं। 

हम लोगों को यही सलाह देते हैं कि जब तक क्रिप्टोकरंसी को लेकर कोई कानून न बन जाए, लोग इसमें निवेश न करें। तमाम लोग शिकायतें लेकर आते हैं कि उनके रुपये डूब गए। नाइजीरिया का एक गिरोह इस समय दिल्ली और उत्तर प्रदेश में क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से ठगी कर रहा है। पुलिस गिरोह को पकड़ने का प्रयास कर रही है। - राजीव तिवारी, साइबर थाना प्रभारी 

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