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प्रयागराज: माघ मेले में कुंभ के प्रयोग, पहली बार पांटून पुलों पर सौर ऊर्जा वाले डेलीनेटर

Tue, 02 Jan 2024 01:34 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अनूप ओझा, प्रयागराज
अनूप ओझा, प्रयागराज Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 02 Jan 2024 01:34 PM IST
सार

दृश्यता शून्य होने पर भी पांटून पुलों पर डेलीनेटर की मदद से हादसे रोके जा सकेंगे। अद्वितीय छटा  संतों-भक्तों का ध्यान खींचेगी।

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Prayagraj: Kumbh experiments in Magh Mela, solar powered delineators on pontoon bridges for the first time
माघ मेला - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

माघ मेले में महाकुंभ के प्रयोग शुरू हो गए हैं। पहली बार पांटून पुलों पर ट्रैफिक मार्कर के तौर पर सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले डेलीनेटर लगाए जा रहे हैं। इस डेलीनेटर से पांटून पुलों पर सुरक्षित यातायात हो सकेगा। खराब मौसम में दृश्यता न होने पर भी इस डेलीनेटर की मदद से पांटून पुलों पर हादसे रोके जा सकेंगे। साथ ही रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए पांटून पुल हर किसी का ध्यान खींचेंगे।

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डेलीनेटर पोस्ट को अभी महावीर पांटून पुल पर लगाया जा रहा है। करीब तीन सौ से अधिक डेलीनेटर पोस्ट इस पांटून पुल पर लगाए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा से प्रकाशित होने वाले यह डेलीनेटर ट्रैफिक मार्कर के रूप में काम करेंगे। पीपों के बीच रेलिंग पोस्ट के साथ इस डेलीनेटर को लगाया गया है। यह रेलिंग पोस्ट और पीपों के बीच चिपके हुए या 10 से 15 इंच तक बाहर निकले प्लास्टिक के खंभों की तरह दिखेंगे। डेलीनेटर का यह अभिनव प्रयोग पांटून की सीमा या सुरक्षित लेन को विभाजित करने और यातायात संकेतक के रूप में मदद करने के लिए होगा।
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महावीर पांटून पुल के अवर अभियंता दीपक कुमार बताते हैं कि पहली बार यह प्रयोग किया जा रहा है। डेलीनेटर शाम होते ही प्रकाशित हो जाएंगे। इनकी रोशनी की जगमगाहट संगम से लेकर अरैल घाट तक संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का ध्यान खींचेगी।
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क्या है डेलीनेटर
आम तौर पर डेलीनेटर पोस्ट एक प्लास्टिक ट्यूब निर्मित होता है। इस पोस्ट को अस्थायी और स्थायी दोनों तरह से स्थापित किया जा सकता है। माघ मेले में डेलीनेटर का उपयोग केवल दो महीने की अवधि के लिए ही किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं के मुताबिक यह पोस्ट किसी हल्के होने के साथ ही मजबूत भी होते हैं। जबतक इन भारी प्रहार नहीं होगा तबतक क्षति नहीं होती। इनका रखरखाव तो आसान है ही, मरम्मत में कम समय खर्च होगा।

अभी माघ मेले में महावीर और ओल्ड जीटी पांटून पुलों पर डेलीनेटर लगाए जाएंगे। यह प्रयोग सफल रहा तो इन्हें महाकुंभ में बनने वाले सभी 30 पांटून पुलों पर लगाया जाएगा।
दीपक कुमार, अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी कुंभ मेला डिवीजन।

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