एसआरएन में युवती से गैंगरेप प्रकरण: राजनीतिक पार्टियां और जनसंगठनों ने खोला मोर्चा
- एसआरएन में युवती से रेप के आरोप का मामला गरमाया, न्यायिक जांच कराए जाने की मांग
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में युवती से रेप के आरोप का मामला धीरे-धीरे गरमाता जा रहा है। सपा नेता के लगातार प्रदर्शन किए जाने के साथ बुधवार को पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबट्रीज (पीयूसीएल) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी अलग-अलग बैठक मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है।
पीयूसीएल के सदस्यों ने घटना के मामले में कई सवाल खड़े किए। कहा कि पुलिस ने मामले में तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जब दबाव बनाया गया तो स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय प्रशासन और सीएमओ की ओर से कमेटी बनाकर जांच कराई गई। सदस्यों ने इसे गलत बताया। कहा कि जब युवती की मौत हो गई तो पुलिस ने अज्ञात डॉक्टर्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया। इससे यह साबित होता है कि इस पूरे मामले को चिकित्सालय प्रशासन और पुलिस रफा-दफा करने में लगी रही। सदस्यों ने रिपोर्ट न दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों को दंडित करने और मामले की जांच रिटायर्ड या वर्तमान जस्टिस से कराने की मांग की, जिसमें शहर के प्रबुद्ध नागरिकों को भी शामिल करने की बात कही।
उधर, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी ने मामले की कड़े शब्दों में निन्दा की। साथ ही महिला के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों पर तत्काल करवाई करने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि प्रदेश में महामारी के काल में लगातार महिला उत्पीड़न की घटनाएं हो रही है लेकिन सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन है जिसके चलते अपराधी भयमुक्त होकर अपराध कर रहे हैं। बैठक में अखिल विकल्प, रवि मिश्रा, मुन्नीलाल यादव, पृथ्वी पाल, रमाकांत मौर्य, भूपेन्द्र पांडेय, विकास स्वरूप आदि मौजूद रहे।
कैंडल जला कर दी गई श्रद्धांजलि
प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के रेप के आरोप के मामले में बुधवार को कैंडल जला कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मामले सीएमओ और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की आवाज बुलंद की। इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया। रिचा सिंह ने कहा कि घटना में कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने आईजी को पत्र भी भेजा है। इस मौके पर मुजफ्फर बाग़ी, प्रमोद यादव बच्चा, मो. इमरान, पिन्टू यादव, सचिन दास, संदीप, सूरज मिश्रा, मुकेश, काशान सिद्दीकी, मो. मुजीब, नौशाद सिद्दीकी, औन जैदी, सै. मो. अस्करी आदि शामिल रहे।
आईजी और सीएमओ को लीगल नोटिस पकड़ाई
प्रयागराज। जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य कोशलेश कुमार सिंह ने बुधवार को आईजी और सीएमओ को लीगल नोटिस पकड़ाई है। नोटिस में सवाल खड़े किए गए हैं। कहा गया है कि एफआईआर दर्ज होने से पहले आईजी लेवल के अधिकारी द्वारा आरोपियों को क्लीन चिट दिए जाने से जांच प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। कहा गया है कि जब आईजी लेवल का अधिकारी आरोपियों को क्लीन चिट दे चुका है तो सब इंस्पेक्टर लेवल का अधिकारी उस आरोपी को दोषी कैसे ठहरा सकता है? इसी विरोधीभासी स्थिति को देखते हुए लीगल नोटिस जारी की गई है। पुलिस का यह कार्य आईपीसी और सीआरपीसी के प्रावधानों के बाहर है।