{"_id":"5ec976ac8ebc3e906f64b432","slug":"prayagraj-four-day-kovila-with-her-aunt-reached-srn-again","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराजः मौसी के साथ फिर एसआरएन पहुंची चार दिन की ‘कोविला’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराजः मौसी के साथ फिर एसआरएन पहुंची चार दिन की ‘कोविला’
Sun, 24 May 2020 12:47 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 24 May 2020 12:47 AM IST
विज्ञापन
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना संक्रमित महिला के कोख से जन्म लेने वाली चार दिन की ‘कोविला’ (काल्पनिक नाम) फिर एसआरएन अस्पताल पहुंच गई। उसे उसकी मौसी के साथ भेजा गया है। बच्ची के माता-पिता समेत पूरा परिवार कोरोना से संक्रमित है।
शुक्रवार को बच्ची और उसके पिता की रिपोर्ट निगेटिव बताकर एसआरएन से घर भेजा गया था। शाम को फिर अचानक स्वास्थ्य विभाग ने उसके पिता और दादी के कोरोना से संक्रमित होने की खबर दी। इस पर बच्ची को उसकी मौसी के साथ फिर एसआरएन भेज दिया गया। वहां मौसी उसकी देखभाल कर रही है।
पखवारे भर पहले पट्टी के सलाहपुर गांव में मुंबई से आए अधेड़ की हालत बिगड़ गई थी। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। वहां उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर लौटे और अंतिम संस्कार कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने 17 मई को अधेड़ के बेटों, गर्भवती बहू और पत्नी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा।
विज्ञापन
इस बीच गर्भवती बहू की हालत बिगड़ने लगी। जानकारी होने पर सीएचसी अधीक्षक ने सीएमओ से बात कर 18 मई को गर्भवती महिला व उसके पति को प्रयागराज भेज दिया। जांच में महिला कोरोना संक्रमित पाई गई। 19 मई को ऑपरेशन के बाद उसने बच्ची को जन्म दिया। 20 मई को महिला के पति व नवजात बच्ची का सैंपल लेकर जांच की गई। इसके बाद बच्ची और उसके पिता की रिपोर्ट निगेटिव बताकर दोनों को एंबुलेंस से घर भेज दिया गया। पिता ने बेटी की देखभाल के लिए उसे मौसी के घर सरायछिवलहा में छोड़ दिया। इसके बाद वह अपने घर पहुंचा।
कुछ ही देर बाद उसके पास स्वास्थ्य विभाग से फोन आया। जिसमें बताया गया कि वह और उसकी मां कोरोना पाजिटिव हैं। युवक ने दलील दी कि प्रयागराज में उसकी जांच हुई है और रिपोर्ट निगेटिव आई, मगर स्वास्थ्य विभाग के अफसर उसकी सुनने को तैयार नहीं हुए। युवक व उसकी मां को लालगंज स्थित कोविड एलवन अस्पताल ट्रामा सेंटर में भर्ती करा दिया। इसके बाद नवजात बच्ची के बारे में जानकारी जुटाई गई।
पता चला कि पीड़ित पिता ने उसे मौसी के घर सराय छिवलहा में छोड़ा है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार रात सराय छिवलहा पहुंची। यहां नवजात बच्ची के साथ उसके मौसी को लेकर प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल चली गई। सीएचसी अधीक्षक पट्टी डा. महेंद्र ने बताया कि नवजात बच्ची और उसे पालने वाली उसकी मौसी को भी शुक्रवार रात प्रयागराज भेज दिया गया। नवजात की देखरेख फिलहाल उसकी मौसी ही कर रही है।
विज्ञापन
शुक्रवार को बच्ची और उसके पिता की रिपोर्ट निगेटिव बताकर एसआरएन से घर भेजा गया था। शाम को फिर अचानक स्वास्थ्य विभाग ने उसके पिता और दादी के कोरोना से संक्रमित होने की खबर दी। इस पर बच्ची को उसकी मौसी के साथ फिर एसआरएन भेज दिया गया। वहां मौसी उसकी देखभाल कर रही है।
विज्ञापन
पखवारे भर पहले पट्टी के सलाहपुर गांव में मुंबई से आए अधेड़ की हालत बिगड़ गई थी। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। वहां उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर लौटे और अंतिम संस्कार कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने 17 मई को अधेड़ के बेटों, गर्भवती बहू और पत्नी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा।
विज्ञापन
इस बीच गर्भवती बहू की हालत बिगड़ने लगी। जानकारी होने पर सीएचसी अधीक्षक ने सीएमओ से बात कर 18 मई को गर्भवती महिला व उसके पति को प्रयागराज भेज दिया। जांच में महिला कोरोना संक्रमित पाई गई। 19 मई को ऑपरेशन के बाद उसने बच्ची को जन्म दिया। 20 मई को महिला के पति व नवजात बच्ची का सैंपल लेकर जांच की गई। इसके बाद बच्ची और उसके पिता की रिपोर्ट निगेटिव बताकर दोनों को एंबुलेंस से घर भेज दिया गया। पिता ने बेटी की देखभाल के लिए उसे मौसी के घर सरायछिवलहा में छोड़ दिया। इसके बाद वह अपने घर पहुंचा।
कुछ ही देर बाद उसके पास स्वास्थ्य विभाग से फोन आया। जिसमें बताया गया कि वह और उसकी मां कोरोना पाजिटिव हैं। युवक ने दलील दी कि प्रयागराज में उसकी जांच हुई है और रिपोर्ट निगेटिव आई, मगर स्वास्थ्य विभाग के अफसर उसकी सुनने को तैयार नहीं हुए। युवक व उसकी मां को लालगंज स्थित कोविड एलवन अस्पताल ट्रामा सेंटर में भर्ती करा दिया। इसके बाद नवजात बच्ची के बारे में जानकारी जुटाई गई।
पता चला कि पीड़ित पिता ने उसे मौसी के घर सराय छिवलहा में छोड़ा है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार रात सराय छिवलहा पहुंची। यहां नवजात बच्ची के साथ उसके मौसी को लेकर प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल चली गई। सीएचसी अधीक्षक पट्टी डा. महेंद्र ने बताया कि नवजात बच्ची और उसे पालने वाली उसकी मौसी को भी शुक्रवार रात प्रयागराज भेज दिया गया। नवजात की देखरेख फिलहाल उसकी मौसी ही कर रही है।