Prayagraj Flood : पानी उतरा...अब आई समस्याओं की बाढ़, संक्रमण समेत अन्य बीमारियों का बढ़ा खतरा
गंगा-यमुना की बाढ़ के कारण 1600 लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली थी। इसके लिए प्रशासन ने छोटा बघाड़ा, ऐनीबेसेंट स्कूल एलनगंज, राजापुर कछार के ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कैंट हाईस्कूल सदर बाजार, स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज अशोक नगर, सेंट जोसेफ गर्ल्स हाईस्कूल मम्फोर्डगंज, यूनिटी पब्लिक स्कूल करेली, महबूब अली इंटर कॉलेज स्टेनली रोड पर शिविर लगाया गया था।
विस्तार
गंगा और यमुना में आई बाढ़ भले ही उतर गई, लेकिन फिलहाल प्रभावितों की मुसीबतें बरकरार हैं। शनिवार को राहत शिविरों से घर लाैटे सैकड़ों की संख्या में लोग दिनभर साफ सफाई में जुटे रहे। दूसरी ओर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गलियों और सड़कों की सफाई के लिए नगर निगम की ओर से 30 टीमें लगाई गई हैं। साथ ही पानी निकासी के लिए 50 से अधिक पंप भी लगाए गए हैं।
गंगा-यमुना की बाढ़ के कारण 1600 लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली थी। इसके लिए प्रशासन ने छोटा बघाड़ा, ऐनीबेसेंट स्कूल एलनगंज, राजापुर कछार के ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कैंट हाईस्कूल सदर बाजार, स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज अशोक नगर, सेंट जोसेफ गर्ल्स हाईस्कूल मम्फोर्डगंज, यूनिटी पब्लिक स्कूल करेली, महबूब अली इंटर कॉलेज स्टेनली रोड पर शिविर लगाया गया था।
अब बाढ़ का पानी उतरने के बाद शनिवार को शिविरों से लोग घरों को लाैट गए, लेकिन घरों और गलियों में जमा कीचड़ पानी से उन्हें विभिन्न मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दिनभर लोग घरों की साफ-सफाई में जुटे रहे। निगम ने भी सड़कों और गलियों में सफाई कराई।
गंदगी हटवाने की लोगों ने उठाई मांग
बाढ़ उतरने के बाद जमा गंदगी से क्षेत्रों में बीमारियों का भी खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इसके लिए एहतियाती कदम उठाने की गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण बीमारियां फैल सकती हैं। इसे तत्काल साफ कराया जाए। इसके पहले, शिविरों में भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंचे थे, जो खांसी-बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियों के शिकार थे।
गंगा और यमुना का जलस्तर स्थिर होने के बाद अब सहायक नदियां उफान पर, बाढ़ का खतरा बरकरार