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Prayagraj Flood Update : खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर गंगा-यमुना का जलस्तर, बाढ़-बारिश ने ली चार की जान

Mon, 04 Aug 2025 09:34 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 04 Aug 2025 09:34 AM IST
सार

Prayagraj Flood News : चेतावनी बिंदु को पार करने के बाद गंगा-यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर पहुंच गया है। फाफामऊ में रविवार की शाम गंगा का जलस्तर 85.77 और नैनी में यमुना का जलस्तर 85.78 मीटर रिकाॅर्ड किया गया है।

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Prayagraj Flood Update: Ganga-Yamuna water level about one meter above the danger mark
Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

चेतावनी बिंदु को पार करने के बाद गंगा-यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर पहुंच गया है। फाफामऊ में रविवार की शाम गंगा का जलस्तर 85.77 और नैनी में यमुना का जलस्तर 85.78 मीटर रिकाॅर्ड किया गया है। जिले में 250 के करीब गांव और मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 180 से अधिक मोहल्ले और गांवों में बिजली आपूर्ति और पठन-पाठन बाधित हो गया है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

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दूसरी ओर प्रयागराज और काैशाम्बी में झमाझम बारिश हुई। प्रयागराज में ही करीब 62 एमएम बारिश रिकाॅर्ड की गई। इससे काैशाम्बी में तीन स्थानों पर कच्चे मकान ढह गए, जिसकी चपेट में आने से मां-बेटी समेत तीन की माैत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। इसके अलावा प्रयागराज के मंसूराबाद क्षेत्र स्थित उल्दा गांव में साथियों संग गंगा की बाढ़ देखने गया किशोर नाले में डूब गया।

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गंगा-यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदु 84.734 मीटर को बीते रोज ही पार कर गया था। शनिवार को इसमें और बढ़ोतरी के साथ ही खतरा भी बढ़ने लगा है। प्रशासन की ओर से राहत शिविरों की संख्या 12 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है जिसमें फिलहाल सात हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों ने डेरा डाला है। हालत यह है कि बाढ़ के कारण 45 से 50 हजार के करीब लोग बेघर हो चुके हैं और चार लाख की आबादी प्रभावित हो रही है। जिले के लगभग 180 से अधिक मोहल्ले और गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और स्कूलों में पठन-पाठन बाधित हो रहा है।

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नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा जलस्तर

माना जा रहा है कि गंगा-यमुना का जलस्तर ऐसा ही बढ़ता रहा तो 1978 की बाढ़ का रिकार्ड टूट जाएगा। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो 1978 में गंगा नदी फाफामऊ में 88.390 मीटर तो यमुना नदी के नैनी में 87.990 मीटर तक पहुंचने का रिकार्ड है।

नदियों में बाढ़ के साथ बारिश ने भी कहर बरपाया है। शहर से देहात शनिवार को करीब 62 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इस दाैरान काैशाम्बी के बहादुरपुर, कोखराज और पश्चिम शरीरा में अलग-अलग कच्चे मकान ढहने से मलबे में दबकर मां-बेटी सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि पांच लोग जख्मी हो गए।

इसके अलावा प्रयागराज के मंसूराबाद क्षेत्र स्थित उल्दा गांव में साथियों संग बाढ़ देखने गया किशोर (कक्षा 11वीं का छात्र पप्पू गाैतम) गहरे नाले में डूब गया। मशक्कत के बाद उसका शव बरामद किया गया।

जिले में करीब 106 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इसमें 49 नगरीय क्षेत्र के मोहल्ले भी शामिल हैं। 18 राहत शिविर खोले गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में जहां रास्ते कट गए हैं, वहां 159 नावें लगाई गईं हैं। जहां से सूचना आ रही है, वहां तुरंत राहत पहुंचाया जा रहा है। एनडीआरएफ की दो और टीमें मंगाई गई हैं। -मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी प्रयागराज

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