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Prayagraj Flood : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा यमुना का जलस्तर, चलाई गईं नावें

Thu, 31 Jul 2025 06:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 31 Jul 2025 06:28 PM IST
सार

Prayagraj Sangam Flood News : प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी कछारी इलाकों के बाद अब बस्तियों की ओर बढ़ रह है। प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के तीन गांव और 17 मुहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं।

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Prayagraj Flood: The water level of Ganga and Yamuna is rising rapidly in Prayagraj, boats were launched
बाढ़ में डूबे नागवासुकि क्षेत्र के मकान। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी कछारी इलाकों के बाद अब बस्तियों की ओर बढ़ रह है। प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के तीन गांव और 17 मुहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। इसमें फूलपुर तहसील के दो और करछना तहसील का एक गांव है। बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सहायता के लिए छह नौका का संचालन किया गया।

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बृहस्पतिवार को सायं चार बजे तक बाढ़ के परिदृश्य पर नजर डालें तो गंगा और यमुना का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। जलस्तर इसी तरह से बढ़ता रहा तो कई बस्तियां और मुहल्ले पानी में डूब सकते हैं। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.60 पर पहुंच गया है और यहां पर जलस्तर की वृद्धि जारी है। छतनाग में जलस्तर 82.14 पर है। फाफामऊ और छतनाग में खतरे का बिंदु 84.738 है। नैनी में यमुना का जलस्तर 82.61 मीटर पर पहुंच गया है और बढ़ोत्तरी जारी है। यहां भी खतरे का निशान 84.738 है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार 17 मुहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। इसमें ज्यादातर मुहल्ले प्रयागराज नगर निगम के अंतर्गत आते हैं।

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इसमें सदर तहसील के 14 मुहल्ले कछार मऊ/सरैया, राजापुर देह माफी, असदुल्लापुर मोहम्मदाबाद, बेली कछार, बेली उपरहार, बघाडा जहूरउद्दीन, बघाडा बालन, बखतियारा, मयोराबाद, नकौली, नेवादा के अलावा फूलपुर तहसील के सोनौटी, बदरा और करछन तहसील का देहली भगेसर गांव बाढ़ की जद में हैं। पांच परिवारों के 22 सदस्य राहत शिविर में शरण लिए हैं। प्रशासन के अनुसार फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सदर तहसील में 26, सोरांव में सात, फूलपुर में13, करछना तहसील में 20, मेजा में 11, बारा में नौ, हंडिया में छह और कोरांव में तीन कुल 95 राहत शिविर बनाए गए हैं। 
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बस्तियों में पहुंचा बाढ़ का पानी, जलस्तर में और वृद्धि के आसार

गंगा और यमुना नदियां एक बार फिर उफान पर हैं। बृहस्पतिवार को बाढ़ का पानी बस्तियों में घुस गया। इसी के साथ बेघर हुए लोगों के लिए राहत शिविर भी शुरू हो गए। चिंता की बात यह है कि अभी दो-तीन दिनों तक दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने के आसार हैं।

दोनों नदियों का जलस्तर बृहस्पतिवार की सुबह 82.50 मीटर पार हो गया। इसी के साथ कछार के निचले इलाके की बस्तियों में पानी घुस गया। बघाड़ा, शिवालय पार्क, अमिताभ बच्चन पुलिया, सलोरी, शिवकुटी, बेली कछार, राजापुर, नेवादा, अशोक नगर आदि मोहल्लों के कछारी इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया है। इन क्षेत्रों के नालों व नालियों से बाढ़ का पानी बस्तियों में फैलने लगा है।

मुश्किल यह कि दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से राहत शिविर खोल दिए गए हैं। कैंट गेस्ट हाउस में बृहस्पतिवार सुबह ही पांच परिवार पहुंच गए। शाम तक एक दर्जन से अधिक परिवार यहां पहुंचे। यही स्थिति बघाड़ा स्थित एनी बेसेंट स्कूल की भी रही। यहां भी बाढ़ पीड़ितों के आने का क्रम सुबह ही शुरू हो गया।

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खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहीं गंगा-यमुना

बृहस्पतिवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंगा औ यमुना का जलस्तर 82.60 मीटर के ऊपर पहुंच गया। इसके बाद भी जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी रही। पहाड़ों पर तेज बारिश होने की वजह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कानपुर से 83,594 और नरौरा से 62,053 क्यूसेक पानी लगातार आ रहा है। यह पानी दो-तीन दिनों में यहां पहुंचेगा। ऐसे में गंगा के जलस्तर में दो-तीन दिनों तक बढ़ोतरी जारी रहने की बात कही जा रही है। इसके अलावा मध्य प्रदेश की नदियां भी उफान पर हैं।

केन, बेतवा में लगातार पानी बढ़ रहा है। इससे यमुना के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी जारी है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शाम को गंगा के जलस्तर में ढाई सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी जारी थी। वहीं नैनी में यमुना नदी के जलस्तर में प्रतिघंटे करीब दो सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। तीन दिनों तक जलस्तर में वृद्धि का यही क्रम जारी रहा तो दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान 84.738 मीटर के करीब पहुंच जाएगा।

गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर लगातार जानकारी ली जा रही है। अभी दो-तीन दिनों तक जलस्तर में वृद्धि के आसार हैं। इसे देखते हुए पूरी तैयारी की गई है। बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। जरूरत के अनुसार राहत शिविर भी शुरू हो गए हैं। सभी विभागों को जरूरी इंतजाम करने के साथ अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। - मनीष कुमार वर्मा, डीएम

बाढ़ से 17 मोहल्ले और गांव प्रभावित

बाढ़ की वजह से 17 मोहल्ले और गांव प्रभावित हो गए हैं। सबसे अधिक प्रभाव सदर तहसील के अंतर्गत कछारी इलाकों में पड़ा है। सदर के 14 मोहल्लों की बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसमें कछार मऊ-सरैया, राजापुर देह माफी, असदुल्लापुर मोहम्मदाबाद, बेली कछार, बेली उपरहार, बघाड़ा जहूरउद्दीन, बघाड़ा बालन, बख्तियारा, म्योराबाद, नकौली, नेवादा शामिल हैं। फूलपुर तहसील के अंतर्गत सोनौटी और बदरी गांव प्रभावित हैं। दोनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे गांव में आवागमन भी प्रभावित हो गया है। करछना का देहली भगेसर गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। इन तीनों गांवों में आवागमन के लिए छह नावें लगाई गई हैं। दिन में राहत शिविरों में 27 लोगों ने शरण ले ली थी जिन्हें भोजन उपलब्ध कराया गया।

बाढ़ कंट्रोल रूम पर दे सकते हैं सूचना

जिला प्रशासन का कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू है। कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0532-2642577, 0532-264258 और 1077 पर सूचना दी और प्राप्त की जा सकती है। इन नंबरों पर फोन करके राहत भी मांगी जा सकती है।

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