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प्रयागराजः आसमान से बरसी आग, पारा 46 डिग्री पार
Sat, 27 Apr 2019 12:59 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 27 Apr 2019 12:59 AM IST
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गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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संगम नगरी शुक्रवार को प्रदेश का सबसे गर्म रहा। पारा 46 डिग्री के पार होने से आसमान से दिन में आग बरसी। कड़क धूप चमड़ी में जलन का एहसास कराने वाली रही। सूरज के ताप से सड़कें तवे की तरह तपती रहीं। लू के थपेड़ों के साथ चिलचिलाती गर्मी से बड़ों संग बच्चे भी व्याकुल रहे। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अप्रैल में तापमान का बढ़ना असामान्य घटना है। 48 घंटे तपिश बरकरार रहेगी। ऐसे में अचानक धूल भरी आंधी और बारिश के भी आसार हैं।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री अधिक 46.3 डिग्री सेेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब आठ डिग्री अधिक 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 24 घंटे में पारा करीब पांच डिग्री छलांग लगा गया। सूरज की बढ़ती तपिश से वातावरण से नमी गुम कम हो गई है। नमी (आर्द्रता) 63/12 मापी गई। यही कारण है कि तापमान से कहीं अधिक तपिश परेशानी का कारण बनी है। लोगों का दोपहर से ही सड़कों पर चलना मुश्किल हुआ। इस बीच धूल के साथ लू के गर्म थपेड़े सताते रहे। रात मे तपिश बनी रही।
बढ़ती गर्मी में स्कूली बच्चे सर्वाधिक परेशान रहे। सुबह तो कुछ राहत रही लेकिन दोपहर में छुट्टी के समय गर्मी आफत बन गई। गर्मी से कई बच्चे बीमार भी हुए। रिक्शा-ट्राली या अभिभावकों के साथ दोपहिया सवार बच्चे गर्मी से बेहाल दिखे। कीडगंज की पूनम ने बताया कि एसजेसी में पढ़ने वाले बेटे आरव को तेज गर्मी के कारण कक्षा के भीतर उल्टियां हुईं। सूचना पर वह स्कूल जाकर उसे घर लाईं। वहां पता चला कि कई बच्चे गर्मी के प्रकोप से पीड़ित हुए। गर्मी से बीमार हुए छह बच्चे चिल्ड्रेन अस्पताल भी पहुंचे। डॉ. आरके यादव के मुताबिक तेज गर्मी में संक्रमण तेज होता है। उल्टी या दस्त हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। सादा पानी खूब पिएं।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में इस तरह की तपिश वर्ष 2011 के बाद इस बार दो बार दर्ज की गई है। इसी महीने की 15 तारीख को पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसी कारण शुक्रवार को मई-जून की तरह तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार गया। वहीं न्यूनतम तापमान के बढ़ने से रात में भी गर्मी का प्रकोप बना रहा। रात का न्यूनतम पारा 28 डिग्री पर जाने को आतुर रहा। रिकार्ड के मुताबिक रात में तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अप्रैल में तापमान के बढ़ने से मौसम विज्ञानी भी हैरान हैं। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक यह असामान्य स्थिति है। 15 अप्रैल को अचानक बढ़ा तापमान संकेत दे गया था पारा अप्रैल में ही 45 डिग्री पार जाएगा। पहले संभावना जताई थी, हुआ भी ऐसा ही। उन्होंने बताया कि यह जलवायु परिवर्तन से होने वाले दुष्परिणामों का संकेत भी है। अभी दो दिन तापमान बढ़ेगा। ऐसे में अगले कुछ दिनों में तापमान में वृद्धि के साथ धूल भरी आंधी और बारिश के आसार बनेंगे। फिलहाल सूखी गर्मी सताएगी।
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आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री अधिक 46.3 डिग्री सेेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब आठ डिग्री अधिक 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 24 घंटे में पारा करीब पांच डिग्री छलांग लगा गया। सूरज की बढ़ती तपिश से वातावरण से नमी गुम कम हो गई है। नमी (आर्द्रता) 63/12 मापी गई। यही कारण है कि तापमान से कहीं अधिक तपिश परेशानी का कारण बनी है। लोगों का दोपहर से ही सड़कों पर चलना मुश्किल हुआ। इस बीच धूल के साथ लू के गर्म थपेड़े सताते रहे। रात मे तपिश बनी रही।
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बढ़ती गर्मी में स्कूली बच्चे सर्वाधिक परेशान रहे। सुबह तो कुछ राहत रही लेकिन दोपहर में छुट्टी के समय गर्मी आफत बन गई। गर्मी से कई बच्चे बीमार भी हुए। रिक्शा-ट्राली या अभिभावकों के साथ दोपहिया सवार बच्चे गर्मी से बेहाल दिखे। कीडगंज की पूनम ने बताया कि एसजेसी में पढ़ने वाले बेटे आरव को तेज गर्मी के कारण कक्षा के भीतर उल्टियां हुईं। सूचना पर वह स्कूल जाकर उसे घर लाईं। वहां पता चला कि कई बच्चे गर्मी के प्रकोप से पीड़ित हुए। गर्मी से बीमार हुए छह बच्चे चिल्ड्रेन अस्पताल भी पहुंचे। डॉ. आरके यादव के मुताबिक तेज गर्मी में संक्रमण तेज होता है। उल्टी या दस्त हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। सादा पानी खूब पिएं।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में इस तरह की तपिश वर्ष 2011 के बाद इस बार दो बार दर्ज की गई है। इसी महीने की 15 तारीख को पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसी कारण शुक्रवार को मई-जून की तरह तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार गया। वहीं न्यूनतम तापमान के बढ़ने से रात में भी गर्मी का प्रकोप बना रहा। रात का न्यूनतम पारा 28 डिग्री पर जाने को आतुर रहा। रिकार्ड के मुताबिक रात में तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अप्रैल में तापमान के बढ़ने से मौसम विज्ञानी भी हैरान हैं। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक यह असामान्य स्थिति है। 15 अप्रैल को अचानक बढ़ा तापमान संकेत दे गया था पारा अप्रैल में ही 45 डिग्री पार जाएगा। पहले संभावना जताई थी, हुआ भी ऐसा ही। उन्होंने बताया कि यह जलवायु परिवर्तन से होने वाले दुष्परिणामों का संकेत भी है। अभी दो दिन तापमान बढ़ेगा। ऐसे में अगले कुछ दिनों में तापमान में वृद्धि के साथ धूल भरी आंधी और बारिश के आसार बनेंगे। फिलहाल सूखी गर्मी सताएगी।