Prayagraj Encounter : ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्र ने गृहमंत्री को पत्र भेजकर वकील पांडेय से जताया था जान का खतरा
ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्र ने प्रयागराज में एनकाउंटर में मारे गए वकील पांडेय उर्फ राजीव पांडेय पुत्र रामसहस पांडेय निवासी बड़ेशिव मार्ग गोपीगंज भदोही से जान का खतरा बताया था। गृहमंत्री को भेजे गए पत्र में विधायक ने आरोप लगाया था कि उनके विरोधियों ने वकील पांडेय को उनकी हत्या की सुपारी दी है और वकील पांडेय कभी भी उनकी हत्या कर सकता है।
बीती रात प्रयागराज जनपद के नैनी थाना क्षेत्र के अरैल में एक मुठभेड़ में माफिया मुन्ना बजरंगी एवं दिलीप मिश्रा गैंग का कुख्यात शार्प शूटर एवं पचास हजार रूपये के ईनामी अपराधी वकील पांडेय उर्फ राजीव पांडेय उर्फ राजू और उसके साथी व शार्प शूटर एचएस. अमजद उर्फ अंगद उर्फ पिन्टु उर्फ डाक्टर पुत्र हफीजउल्ला को प्रयागराज एसटीएफ ने एक मुठभेड़ में मार गिराया।
यह मुठभेड़ उपाधीक्षक एसटीएफ प्रयागराज नवेन्दु कुमार पुलिस के नेतृत्व में किया गया। मौके से 30 एवं 9 एमएम की पिस्टल व जिंदा कारतूस व खोखा एवं एक मोटरसाइकिल बरामद किया गया। बताते चलें कि वर्ष 2013 में माफिया मुन्ना बजरंगी व मुख्तार अंसारी के इशारे पर दोनों अपराधियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बनारस के तत्कालीन डिप्टी जेलर अनिल कुमार त्यागी की निर्मम हत्या दिनदहाडेे करके सनसनी फैला दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल ज्ञानपुर से वर्तमान विधायक विजय मिश्रा द्वारा अपने लेटर पैड पर गृहमंत्री भारत सरकार को लेटर में वकील उर्फ राजीव पांडेय से अपनी जान को खतरा बता चुके हैं।
माफिया दिलीप मिश्रा के काॅलेज से गिरफ्तार खान मुबारक गैंग का शार्प शूटर एवं एक लाख के ईनामिया अपराधी नीरज सिंह ने पूछताछ पर बताया था कि माफिया दिलीप मिश्रा के कहने पर मैने वकील पांडेय के साथ मिलकर आरएसएस से संबंध रखने वाले सुजीत सिंह एवं सपा के नेता नन्हू खां के दमाद समील अहमद पुत्र मंजूर अहमद की हत्या करने के लिए तीन बार रेकी की थी, लेकिन नीरज सिंह के पकड़ जाने के कारण हत्या रूक गई थी।
झारखंड के कोयला माफिया व धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में शामिल मुन्ना बजरंगी का शार्प शूटर अमन सिंह रांची के होटरवार जेल में बंद है के कहने पर वकील पांडेय एवं अमजद अपने साथियो के साथ मिल कर रांची के होटरवार जेल के किसी अधिकारी की हत्या कर सनसनी फफैलाना चाहते थे, जिससे अमन सिंह का दबदबा जेल में हो जाता।