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प्रयागराज: घायल सेना के जवान का बैग लेकर भागा ई-रिक्शा चालक, मदद के नाम पर घुमाती रही पुलिस
Sat, 02 Mar 2019 01:07 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 02 Mar 2019 01:07 PM IST
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एक तरफ जहां सेना के सम्मान में चौतरफा लोग नारेबाजी कर रहे हैं, वहीं नैनी पुलिस सेना वालों की मदद करना तो दूर तमीज से पेश तक आना उचित नहीं समझ रही है। शुक्रवार को सेना के जवान को खूब परेशान किया। नैनी पुलिस की कड़वी यादें लेकर वह जवान अपने गंतव्य की ओर चला गया। क्षेत्र के लेप्रोशी चौराहे के पास मीरजापुर राजमार्ग पर शुक्रवार दोपहर में ई रिक्शा वाला सेना के एक जवान के दो बैग लेकर भाग गया। जिसमें जरूरी कागजात, कपड़े, नकदी व अन्य सामान थे।
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जवान अपनी बहन के साथ लेप्रोशी चौराहे के बगल बने बस अड्डे पर रीवां के लिए बस पकडने जा रहा था। मूलत: मध्य प्रदेश के भोपाल के 41 प्रथम तल श्री रामशरणम कालोनी निवासी राम भरत कुशवाहा पुत्र शिवचंद्र सैनिक हैं। शुक्रवार को वह अपनी बहन संगीता के साथ गांव से प्रयागराज आए। यहां से उन्हें रीवां जाना था। रीवां के लिए बस नैनी के लेप्रोशी चौराहे पर मिलती है। इसलिए वह अपनी बहन को लेकर ईरिक्शा से लेप्रोशी चौराहे के बगल स्थित बस अड्डे पर जा रहे थे। दोपहर में करीब 1.20 बजे वह लेप्रोशी चौराहे से मीरजापुर रोड पर पहुंचे थे तभी उनके ईरिक्शा में टैंपो वाले ने टक्कर मार दी। जिसमें वह और उनकी बहन जख्मी हो गए। वह उतरे और बहन के पैर में लगी चोट को देखने लगे। इस बीच ई रिक्शा वाला उनका बैग लेकर भाग खड़ा हुआ।
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कुछ दूर पर उनके दो बैग तो गिरे मिल गए लेकिन दो बैग नहीं मिले। उन्होंने बताया कि उनके गायब बैग में 15 हजार रुपये नकद, कपड़े, जरूरी कागजात थे। बहन के पैर में चोट आ गई, जिसमें पांच हजार रुपये लग गए। रामभरत के मुताबिक उन्होंने तत्काल डायल 100 पर और चौराहे पर खड़ी पुलिस को सूचित किया, लेकिन कोई मदद को नहीं आया। नजदीकी पुलिस चौकी पर गया तो वहां से थाने भेज दिया गया। थाने पहुंचा तो वहां मौजूद मुंशी ने यह कहकर उलझाए रखा कि तहरीर में दो शब्द अंगे्रजी में लिखे हैं, इसे हिंदी में करो। उनका कहना था कि काफी परेशानी के बाद मुकदमा तो दर्ज हो गया लेकिन पुलिस ने तनिक भी मदद नहीं की।
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