प्रयागराज डबल मर्डर केस : दोनों परिवारों के बीच वर्षों से चल रही थी खूनी रंजिश
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औद्योगिक क्षेत्र थाना के चकपुरे मियां खुर्द गांव में दोहरे हत्याकांड के बाद घर वालों ने गांव के ही नवनील मिश्र, आकाश मिश्र, सुजीत मिश्र और महेश नारायण मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दरअसल मिश्रा परिवार के नवनीत मिश्रा की ढाई साल पहले हत्या हुई थी। उस मामले में बजरंग के परिवार के लोगों को नामजद कराके जेल भेजा गया था।
हादसे में गंभीर रूप से घायल बजरंग बहादुर पटेल के भतीजे राज बहादुर पटेल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि ढाई वर्ष पूर्व गांव के नवनीत मिश्र की हत्या में उसके भाइयों को फर्जी तरीके से फंसाते हुए उसके पिता महेश नारायण मिश्र ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसे सगे भाई जेल गए थे और एक भाई अब भी जेल में बंद है। मामले में उसके चाचा बजरंग बहादुर पटेल पैरवी किया करते थे। इसी को लेकर महेश नारायण मिश्र व उसके पुत्र नवनील मिश्र अक्सर बजरंग बहादुर को जान से मारने की धमकी देते थे। इस संबंध में औद्योगिक क्षेत्र पुलिस से भी शिकायत की जा चुकी है।
तहरीर में राज बहादुर ने बताया है कि बुधवार भोर में वह धान के खेत में पानी लगाने जाने के लिए अपने चाचा को बुलाने गया तो छत की सीढ़ी की तरफ गांव के ही नवनील मिश्र, आकाश मिश्र, सुजीत कुमार छत के जीने से बाहर उतर रहे थे। महेश नारायण बाहर खड़ा था। उसने जब टार्च की बटन दबाई तो रोशनी पड़ते ही सभी भागने लगे। नवनील के हाथ में तलवार व आकाश के हाथ में सब्बल था।
यह देेखकर उसे अनहोनी की आशंका हुई और सीढ़ी से घर में घुसा तो देखा के आगे के कमरे में उसके चाचा अचेत व चाची मृत पड़ी हैं। वहीं उसकी चचेरी बहन बगल के कमरे में मृत पड़ी थी। इसके बाद वह घर गया और परिजनों को बता बताते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बजरंग बहादुर पटेल की पत्नी व बेटी की हत्या के बार से ही आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों परिवारों में काफी दिनों से दुश्मनी चली आ रही है। वहीं नवनील भूमाफिया दिलीप मिश्रा का बहुत खास है, जिसकी सरपरस्ती में वह गांव में गुंडई करता है। अभी दो साल पहले जब प्रशासन द्वारा आईटीआई गेट के पास दिलीप मिश्र का मकान गिराया जा रहा था तो नवनील वहां अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर पहुुंचा था। उसने अन्य लोगों के साथ कार्रवाई का विरोध किया था। पुलिस ने उसकी बंदूक जब्त करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की थी।
चार साल पहले बजरंग के पुत्र ने जहर खाकर की थी आत्महत्या
चकपूरे मियां खुर्द के बजरंग बहादुर पटेल की दो बेटियां और एक बेटा था। ग्रामीणों ने बताया कि बजरंग के पुत्र चंद्रशेखर ने चार वर्ष पहले जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। कुछ माह पहले बहू सलोनी ने दूसरा विवाह कर लिया था। पोती अंशिका बजरंग के साथ ही रहती थी। बड़ी बेटी अंजू का विवाह घूरपुर थाना क्षेत्र के चिल्ली गांव निवासी सूर्यभान के साथ हुआ है। छोटी बेटी तनु इंटर की पढ़ाई कर रही थी।
मुआवजे से बनवाया मकान
दिल्ली हावड़ा रूट के चौड़ीकरण के दौरान चकपूरे मियां खुर्द निवासी बजरंग के खेत का रेलवे ने अधिग्रहण कर लिया था। मुआवजे से ही बजरंग ने साल भर पहले घर के अगले हिस्से में पक्का निर्माण कराया था। परिजनों के अनुसार पुरानी रंजिश में योजनाबद्ध तरीके से ही मां-बेटी की हत्या की गई।