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प्रयागराजः आसमां को छू रहीं हैं बेटियां, हौसले की हैं इबारत बेटियां
Fri, 08 Mar 2019 01:03 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Mar 2019 01:03 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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आसमां पर सितारे टांकने से लेकर सागरमाथा के सीने को चीरने तक बेटियों ने कमाल, धमाल किया है। हिम्मत, हौसलों, जोश, जुनून, जज्बे की इबारत लिखें तो प्रयागराज की बेटियां भी किसी से कम नहीं। सात समंदर पार जापान से आकर यहीं की बेटी बनी तोमोका हो, ‘कान्हा’ के होठों से बांसुरी लेकर अपने अधरों से लगाने वाली वंशिका या फिर अशिक्षा के अंधेरे को शिक्षा की रोशनी से दूर भगाने वाली आलिया, शालिनी, अंजलि आदि-आदि, उम्मीदों की सुबह लिए बेटियां हमेशा नया जहान बनाने में जुटी हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी ऐसी ही बेटियों की कहानी बयां कर रहे हैं,
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज में पीजी के बाद महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय से सोशल वर्क में मास्टर डिग्री के साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहीं दारागंज की आलिया अशिक्षा के अंधेरे को दूर भगाने में जुटी हैं। ग्रेजुएशन के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना से सेवा का संस्कार सीखने वाली आलिया ने शुरुआत संस्था से नाता जोड़ते हुए शालिनी यादव, अंजलि सिंह, अंजू, पूजा आदि के साथ मलिन बस्ती या दूर दराज के गांवों में जाकर ऐसे बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, जिनमें पढ़ने की ललक थी, पर वे साधनविहीन थे। आलिया और साथियों की कोशिश से ऐसे हजारों बच्चों ने स्कूल का मुंह देखा। कई बेटियों ने तो पढ़कर परिवार को भी संवारा। सामाजिक कार्यों के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल कर चुकीं आलिया कहती हैं, एक बार त्योहार पर मिठाइयां बांटते हुए जब एक बच्चे से पूछा, पढ़ना चाहोगे और उसने आस से सिर हिला दिया तो बस, उनकी जिंदगी में रोशनी भरने का संकल्प ले लिया। सीएमपी के पास की हरिहर बस्ती की रीता भी मददगार बनीं। फिलहाल ऐसी ही चार बस्तियों के बच्चे पढ़, बढ़ रहे हैं, हौसले और उम्मीद के साथ।
भारतीय संस्कृति को जानने-समझने की ललक ऐेसी रही कि सात समंदर पार जापान से आकर तोमोका प्रयागराज की बेटी बन गईं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग से प्रो.पुष्पा तिवारी के निर्देशन में ‘तीर्थस्थल गया के पौराणिक महत्व से लेकर वर्तमान बदलाव’ पर शोध कर रहीं तोमोका फिलहाल तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध के रहस्यों को गहराई से जान समझ रही हैं। इसी के साथ उन्होंने गयावाल के इतिहास को भी करीब से जाना। वह पटना सहित कई जगहों पर श्राद्ध पर व्याख्यान भी दे चुकी हैं। जुलाई 2014 में भारत आकर तोमोका ने शानदार हिन्दी बोलनी सीखी। डॉ. मधु शुक्ला से शास्त्रीय गायन सीखने वाली तोमोका पद्मभूषण परवीन सुल्ताना के साथ को दो बार संगत कर चुकी हैं।
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इतिहास और भारतीय संस्कृति सहित तीज त्योहारों के अध्ययन में जुटीं तोमोका कहती हैं, पहली बार वर्ष 2008 में इंडिया आई थी, मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार, पूर्वजों के निमित्त्त पूजा को देखा तो बस और जानने की इच्छा हो गई। देवी-देवताओं की कहानी, इतिहास खोजने में जुटी तो वेद, पुराण, रामायण, महाभारत भी पढ़ा। एक महिला होने के नाते महिलाओं के बीच व्रत, कथा को जानने में मदद मिली। इच्छा है कि जीवन भर इसे और जानती रहूं।
युवा गायिका श्रुति सिंह चौहान ने कुंभपर्व के दौरान ‘युवा कुंभ’ के तहत भजन, लोकगीत में पहला स्थान हासिल करके फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। संगीत समिति से प्रभाकर तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संगीत गायन में ग्रेजुएशन कर रही श्रुति संगीत समिति की गायन की सभी प्रतियोगिताओं में अव्वल रही हैं। भाव संगीत में आकाशवाणी, दूरदर्शन की बी ग्रेड कलाकार ने सांस्कृतिक केंद्र के मंचों से भी प्रस्तुतियां दी हैं। इंडियन आइडल में सेंकेड राउंड तक पहुंची श्रुति सिंगिग स्टार ऑफ यूपी के फाइनल में पहुंच चुकी है। बीते दिनों डार्क एलबम में रैप पर उसका गायन खूब सराहा गया।
प्रयागराज के अनमोल रत्न पद्मविभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया और बांसुरी एक दूसरे के पर्याय हैं। अब प्रयागराज की एक बेटी वंशिका ने उनसे प्रेरणा लेकर होठों से न सिर्फ बांसुरी लगाई बल्कि कई मंचों पर बांसुरी बजाकर लोगों को चकित गर रही है। गर्ल्स हाईस्कूल की नौवीं की छात्रा वंशिका ने सांस्कृतिक केंद्र की कार्यशाला में बांसुरी बजाना सीखा था, फिलहाल वह आकाशवाणी, दूरदर्शन से भी कार्यक्रम प्रस्तुत क रके वाहवाही बटोर चुकी है। वंशिका कहती है, मैं साबित करना चाहती हूं कि बेटियां भी बांसुरी बजा सकती हैं।
सोरांव के गांव तिली का पूरा से निकल कर एथलेटिक की दुनिया में कमाल करने वाली रोजी पटेल पर हर किसी को नाज है। उसने दस किलोमीटर की वॉक रेस में स्वर्णिम उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2018-19 में जारी हुई वर्ल्ड रैंकिंग में रोजी पटेल को सातवां स्थान मिला हुआ है। तमिलनाडु के चेन्नई स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में छठवीं ओपन वाकिंग रेस चैंपियनशिप में 10 किलोमीटर की वॉक रेस 53 मिनट में पूरी कर पहला स्थान हासिल करते हुए गोल्ड अर्जित किया और इतिहास रचा। उत्तराखंड में कोच अनूप बिष्ट से ट्रेनिंग ले रही हैं।
इलाहबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में शोध कर रही युवा लेखिका लीमा धर फिर एक बार चर्चा में हैं। 19 सदी में इंग्लंड में घोर पितृसत्ता से जूझ रही महिलाओं की आवाज़ बनकर ब्रॉंटे बहनों ने जिस तरह समाज के सामने महिलाओं के संघर्ष के विषय को उजागर किया और नारी के प्रति हो रहे अत्याचार की कहानियों को अपने उपन्यास का विषय बनाया, लीमा उसी पर शोध कर रहीं हैं। लीमा का यह शोध नारीवाद को अलग पहचान देगा। उनका अगला अंग्रेजी उपन्यास इसी विषय पर केंद्रित है। शोध कार्य और उपन्यास पर साथ काम कर रही लीमा देश के विभिन्न शहरों में अनेक मंचों पर व्याख्यान दे चुकी है।
राष्ट्रीय स्तर पर ‘तबला’ में टॉपर रहीं रुचि
अपनी जिद और लगन से तबला वादन में गेजुएशन में गोल्ड मेडलिस्ट बनीं रुचि रानी गुप्ता ने आल इंडिया प्रवीण परीक्षा में भी श्रेष्ठता क्त्रस्म में स्थान बनाया। आल इंडिया तबला प्रतियोगिता में भी वह टॉपर रहीं। लखनऊ तबला घराने के उस्ताद इलमाश खान सहित फर्रुखाबाद घराने के पंडित अनूप बनर्जी से तबला सीख रही रुचि की किताब ‘तालों की रिश्तेदारियां’ भी संगीतप्रेमियों के बीच चर्चा में रही। सीनियर रिसर्च फेलोशिप पाने वाली रुचि आकाशवाणी की वार्ताकार होने के साथ वह अनेक मंचों पर प्रस्तुतियां दे चुकी हैं।
मॉडर्न फैशन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के साथ शादियों के मौसम में नए ब्राइडल लुक एवं हेयर स्टाइलिंग की बात हो तो ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट बनीं जया का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। लक्मे से ब्राइडल एक्सपर्ट के रूप कॅरियर की शुरुआत करने वाली जया टेम्पटू एयरब्रश मेकअप आर्टिस्ट के साथ ही इलाहाबाद में एयरब्रश मेकअप लांच करने वाले पहली मेकअप आर्टिस्ट हैं। उन्होंने एक दिन में लगातार 30 दुल्हन को एयरब्रश मेकअप से तैयार करने का रिकॉर्ड भी बनाया है। वह मलयेशिया की एकेडेमी की हेयर एक्सपर्ट और अमेरिकन डर्मोलॉजिकल की सर्टिफाइड स्किन एक्सपर्ट भी हैं।
देश में सबसे लंबे बालों वाली महिला के रूप में इंडिया स्टॉर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल हो गईं। उन्हें बीती 26 जनवरी को इंडिया स्टॉर पर्सनालिटी अवार्ड और इससे पहले नई दिल्ली में ‘इंडियन रिकार्ड होल्डर्स एट वर्ल्ड स्टेज’ से नवाजा गया था। अब तक उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड यूनियन की ओर से ‘वर्ल्ड किंग्स’ में शामिल करने के साथ ही लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस, इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस, वंडर बुक रिकार्डस, इंडिया बुक रिकार्डस. उत्तर प्रदेश बुक ऑफ रिकार्डस आदि की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज में पीजी के बाद महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय से सोशल वर्क में मास्टर डिग्री के साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहीं दारागंज की आलिया अशिक्षा के अंधेरे को दूर भगाने में जुटी हैं। ग्रेजुएशन के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना से सेवा का संस्कार सीखने वाली आलिया ने शुरुआत संस्था से नाता जोड़ते हुए शालिनी यादव, अंजलि सिंह, अंजू, पूजा आदि के साथ मलिन बस्ती या दूर दराज के गांवों में जाकर ऐसे बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, जिनमें पढ़ने की ललक थी, पर वे साधनविहीन थे। आलिया और साथियों की कोशिश से ऐसे हजारों बच्चों ने स्कूल का मुंह देखा। कई बेटियों ने तो पढ़कर परिवार को भी संवारा। सामाजिक कार्यों के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल कर चुकीं आलिया कहती हैं, एक बार त्योहार पर मिठाइयां बांटते हुए जब एक बच्चे से पूछा, पढ़ना चाहोगे और उसने आस से सिर हिला दिया तो बस, उनकी जिंदगी में रोशनी भरने का संकल्प ले लिया। सीएमपी के पास की हरिहर बस्ती की रीता भी मददगार बनीं। फिलहाल ऐसी ही चार बस्तियों के बच्चे पढ़, बढ़ रहे हैं, हौसले और उम्मीद के साथ।
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इतिहास और भारतीय संस्कृति सहित तीज त्योहारों के अध्ययन में जुटीं तोमोका कहती हैं, पहली बार वर्ष 2008 में इंडिया आई थी, मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार, पूर्वजों के निमित्त्त पूजा को देखा तो बस और जानने की इच्छा हो गई। देवी-देवताओं की कहानी, इतिहास खोजने में जुटी तो वेद, पुराण, रामायण, महाभारत भी पढ़ा। एक महिला होने के नाते महिलाओं के बीच व्रत, कथा को जानने में मदद मिली। इच्छा है कि जीवन भर इसे और जानती रहूं।
युवा गायिका श्रुति सिंह चौहान ने कुंभपर्व के दौरान ‘युवा कुंभ’ के तहत भजन, लोकगीत में पहला स्थान हासिल करके फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। संगीत समिति से प्रभाकर तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संगीत गायन में ग्रेजुएशन कर रही श्रुति संगीत समिति की गायन की सभी प्रतियोगिताओं में अव्वल रही हैं। भाव संगीत में आकाशवाणी, दूरदर्शन की बी ग्रेड कलाकार ने सांस्कृतिक केंद्र के मंचों से भी प्रस्तुतियां दी हैं। इंडियन आइडल में सेंकेड राउंड तक पहुंची श्रुति सिंगिग स्टार ऑफ यूपी के फाइनल में पहुंच चुकी है। बीते दिनों डार्क एलबम में रैप पर उसका गायन खूब सराहा गया।
प्रयागराज के अनमोल रत्न पद्मविभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया और बांसुरी एक दूसरे के पर्याय हैं। अब प्रयागराज की एक बेटी वंशिका ने उनसे प्रेरणा लेकर होठों से न सिर्फ बांसुरी लगाई बल्कि कई मंचों पर बांसुरी बजाकर लोगों को चकित गर रही है। गर्ल्स हाईस्कूल की नौवीं की छात्रा वंशिका ने सांस्कृतिक केंद्र की कार्यशाला में बांसुरी बजाना सीखा था, फिलहाल वह आकाशवाणी, दूरदर्शन से भी कार्यक्रम प्रस्तुत क रके वाहवाही बटोर चुकी है। वंशिका कहती है, मैं साबित करना चाहती हूं कि बेटियां भी बांसुरी बजा सकती हैं।
सोरांव के गांव तिली का पूरा से निकल कर एथलेटिक की दुनिया में कमाल करने वाली रोजी पटेल पर हर किसी को नाज है। उसने दस किलोमीटर की वॉक रेस में स्वर्णिम उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2018-19 में जारी हुई वर्ल्ड रैंकिंग में रोजी पटेल को सातवां स्थान मिला हुआ है। तमिलनाडु के चेन्नई स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में छठवीं ओपन वाकिंग रेस चैंपियनशिप में 10 किलोमीटर की वॉक रेस 53 मिनट में पूरी कर पहला स्थान हासिल करते हुए गोल्ड अर्जित किया और इतिहास रचा। उत्तराखंड में कोच अनूप बिष्ट से ट्रेनिंग ले रही हैं।
इलाहबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में शोध कर रही युवा लेखिका लीमा धर फिर एक बार चर्चा में हैं। 19 सदी में इंग्लंड में घोर पितृसत्ता से जूझ रही महिलाओं की आवाज़ बनकर ब्रॉंटे बहनों ने जिस तरह समाज के सामने महिलाओं के संघर्ष के विषय को उजागर किया और नारी के प्रति हो रहे अत्याचार की कहानियों को अपने उपन्यास का विषय बनाया, लीमा उसी पर शोध कर रहीं हैं। लीमा का यह शोध नारीवाद को अलग पहचान देगा। उनका अगला अंग्रेजी उपन्यास इसी विषय पर केंद्रित है। शोध कार्य और उपन्यास पर साथ काम कर रही लीमा देश के विभिन्न शहरों में अनेक मंचों पर व्याख्यान दे चुकी है।
राष्ट्रीय स्तर पर ‘तबला’ में टॉपर रहीं रुचि
अपनी जिद और लगन से तबला वादन में गेजुएशन में गोल्ड मेडलिस्ट बनीं रुचि रानी गुप्ता ने आल इंडिया प्रवीण परीक्षा में भी श्रेष्ठता क्त्रस्म में स्थान बनाया। आल इंडिया तबला प्रतियोगिता में भी वह टॉपर रहीं। लखनऊ तबला घराने के उस्ताद इलमाश खान सहित फर्रुखाबाद घराने के पंडित अनूप बनर्जी से तबला सीख रही रुचि की किताब ‘तालों की रिश्तेदारियां’ भी संगीतप्रेमियों के बीच चर्चा में रही। सीनियर रिसर्च फेलोशिप पाने वाली रुचि आकाशवाणी की वार्ताकार होने के साथ वह अनेक मंचों पर प्रस्तुतियां दे चुकी हैं।
मॉडर्न फैशन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के साथ शादियों के मौसम में नए ब्राइडल लुक एवं हेयर स्टाइलिंग की बात हो तो ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट बनीं जया का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। लक्मे से ब्राइडल एक्सपर्ट के रूप कॅरियर की शुरुआत करने वाली जया टेम्पटू एयरब्रश मेकअप आर्टिस्ट के साथ ही इलाहाबाद में एयरब्रश मेकअप लांच करने वाले पहली मेकअप आर्टिस्ट हैं। उन्होंने एक दिन में लगातार 30 दुल्हन को एयरब्रश मेकअप से तैयार करने का रिकॉर्ड भी बनाया है। वह मलयेशिया की एकेडेमी की हेयर एक्सपर्ट और अमेरिकन डर्मोलॉजिकल की सर्टिफाइड स्किन एक्सपर्ट भी हैं।
देश में सबसे लंबे बालों वाली महिला के रूप में इंडिया स्टॉर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल हो गईं। उन्हें बीती 26 जनवरी को इंडिया स्टॉर पर्सनालिटी अवार्ड और इससे पहले नई दिल्ली में ‘इंडियन रिकार्ड होल्डर्स एट वर्ल्ड स्टेज’ से नवाजा गया था। अब तक उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड यूनियन की ओर से ‘वर्ल्ड किंग्स’ में शामिल करने के साथ ही लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस, इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस, वंडर बुक रिकार्डस, इंडिया बुक रिकार्डस. उत्तर प्रदेश बुक ऑफ रिकार्डस आदि की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है।