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Prayagraj Crime News: डायल 112 पर हर चार घंटे में छेड़खानी की एक शिकायत

Sun, 04 Oct 2020 03:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 04 Oct 2020 03:48 PM IST
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Prayagraj Crime News: One complaint of Molested on dial 112 every four hours
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

हाथरस व बलरामपुर में हुई वारदातों के बाद हर तरफ महिला सुरक्षा का मुद्दा चर्चा में है। लेकिन बेटियों को सुरक्षित माहौल प्रदान कर पाने में प्रयागराज की हालत बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती। हाल यह है कि यहां डायल 112 पर हर चार घंटे में छेड़खानी की एक शिकायत पहुंच रही है। पुलिस विभाग के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं। 

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डायल 112 पर अन्य मामलों के साथ ही छेड़छाड़ पीड़िताएं भी अपनी शिकायत दर्ज कराती हैं। सूत्रों के मुताबिक, डायल 112 पर आने वाली शिकायती फोन कॉल्स लखनऊ में रिसीव की जाती हैं फिर इन्हें संबंधित जिले में बनाए गए डायल 112 सेंटर में बैठे कर्मचारी के माध्यम से पीआरवी वाहनों पर स्थानांतरित किया जाता है।

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Prayagraj Crime News: One complaint of Molested on dial 112 every four hours
molest

मामला छेड़छाड़ का होने पर इसे 1090 हेल्पलाइन पर भेजा जाता है जहां से लखनऊ में बने कॉल सेंटर में बैठी महिला पुलिसकर्मी पीड़िताओं से बात करती हैं और जरूरत पड़ने पर संबंधित पीआरवी वाहनों को शिकायत निस्तारण के लिए मौके पर भेजती हैं। केवल सितंबर महीने की बात करें तो 30 दिनों में 1090 हेल्पलाइन तक जिले की कुल 173 शिकायतें पहुंचीं। औसतन अनुमान लगाया जाए तो रोज के हिसाब से कुल छह मामले होते हैं। बात 24 घंटे की करें तो यह आंकड़ा हर चार घंटे में छेडख़ानी की एक शिकायत डायल 112 पर पहुंच रही हैं। 

Prayagraj Crime News: One complaint of Molested on dial 112 every four hours
molest

घर के भीतर भी सुरक्षित नहीं

यहां ध्यान देने वाली एक और बात यह है कि डायल 112 पर आने वाली ज्यादातर शिकायतें घरेलू हिंसा की होती हैं। सितंबर माह के 30 दिनों की बात करें तो जिले में डायल 112 पर 13 हजार से ज्यादा लोगों ने शिकायतें दर्ज कराईं। औसतन देखें तो 400 से  ज्यादा शिकायतें प्रतिदिन पहुंचीं। सूत्र बताते हैं कि इनमें से ज्यादातर शिकायतें घरेलू हिंसा की होती हैं जिनमें घर के भीतर ही महिलाओं का उत्पीडन होता है। 

कागजों पर दौड़ रहे एंटी रोमियो स्क्वॉड

महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रत्येक थाने में एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया है। लेकिन इन टीमों ने पिछले एक हफ्ते में क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। अफसरों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कार्रवाई का रिकॉर्ड की जानकारी मीडिया सेल से मिलेगी। उधर मीडिया सेल प्रभारी वीरेंद्र यादव से बात की गई तो वह गोलमोल बातें करते रहे।

पहले उन्होंने कहा कि एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई के बाबत कोई रिकॉर्ड फिलहाल उनके पास नहीं। कुछ देर बाद कहा कि अभियान चलने पर जो कार्रवाई होती है, उसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इस सवाल पर कि क्या इसका मतलब यह समझा जाए कि अभियान चला ही नहीं, उन्होंने जवाब बदल दिया। बोले कार्रवाई तो रोज चल रही है लेकिन फिलहाल कोई आंकड़ा उनके पास नहीं। अब सवाल यह है कि कार्रवाई हुई तो पुलिस इसके आंकड़े क्यों नहीं उपलब्ध करा पा रही है।
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