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मेजा में दिनदहाड़े गोली मारकर युवक की हत्या
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मेजा में गोली मारकर युवक की की गई हत्या के बाद मौके पर जुटे लोग।
- फोटो : MEJA
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मेजा में सनसनीखेज वारदात, हमलावरों ने मारी तीन गोलियां
बाइक पर बैठाकर ले आए थे साथ, दो लोगों पर नामजद रिपोर्ट
मेजा। गेदुराही नहर के पास मंगलवार को दिनदहाड़े शिवम पांडेय(20) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक पर बैठाकर साथ लाने के बाद दो हमलावरों ने पहले उससे मारपीट की और फिर एक के बाद एक तीन गोलियां उसके सीने में उतार दीं। जानकारी पर एसएसपी भी पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। परिजनों ने दो लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना सुबह 10.30 बजे के करीब हुई। गेदुराही नहर के पास एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक पहुंचे। इसके बाद दो लोगों ने तीसरे से मारपीट शुरू कर दी। नहर के किनारे स्थित खेत में निराई कर रहीं महिलाओं ने बताया कि अचानक एक युवक ने असलहा निकालकर दूसरे युवक के सीने में तीन गोलियां मारीं, जिससे वह लहुलूहान होकर सड़क पर गिर गया। इसके बाद हमलावर असलहे लहराते मेजा कस्बे की तरफ भाग गए। खबर फैली तो भीड़ जुट गई। भीड़ में ही शामिल किसी व्यक्ति ने मृतक की शिनाख्त मांडा के अछोला गांव निवासी शिवम पुत्र विनोद पांडेय के रूप में की। सूचना दी गई तो बदहवास हालात में मौके पर पहुंचे परिजन शव देख बिलखने लगे। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि सुबह नौ बजे के करीब दिघिया गांव का गौरव मिश्रा उसे अपनी बाइक पर बैठा कर घर से ले गया था। शक जताया कि मदरा मुकुंदपुर के नीरज मिश्रा ने गौरव मिश्रा की मदद से शिवम को बुलाकर उसकी हत्या की। पुलिस ने बताया कि चाचा अनिल कुमार पांडेय की तहरीर के आधार दो लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। जानकारी पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज भी मौके पर पहुंचे।
परिजन बोले, मांडा पुलिस की लापरवाही से गई शिवम की जान
आरोप, दो दिन पहले हुई घटना की खुन्नस में की गई वारदात
घर में घुसा था आरोपी, सौंपने पर पुलिस ने थाने से छोड़ा
मेजा। शिवम पांडेय की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने घटनास्थल पर हंगामा भी किया। आरोप लगाया कि उसकी जान मांडा पुलिस की लापरवाही से गई। बताया कि दो दिन पहले मुख्य आरोपी नीरज गांव में एक युवती के घर में घुस गया था। जिसको जमकर पीटने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया, लेकिन कार्रवाई के बजाय उसे थाने से छोड़ दिया गया।
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परिजनोें ने बताया कि 22 सितंबर की रात अछोला गांव में मदरा गांव निवासी नीरज की ग्रामीणों ने पिटाई कर दी थी। वह एक घर में जबरन घुस गया था और तभी लोगों ने उसे पकड़ लिया। पीटने के बाद उसे मांडा पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस दौरान शिवम भी वहां मौजूद था। मृतक के चाचा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए नीरज को छोड़ दिया। जिसके बाद उसने दूसरे दिन थाने पहुंचकर शिवम के खिलाफ ही मारपीट, धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करा दी। आरोप है कि मांडा पुलिस ने कार्रवाई की होती तो यह वारदात नहीं होती। मांडा व दिघिया पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन कुछ देर अड़े रहे। हालांकि पुलिस अफसरों के समझाने पर वे मान गए। सीओ ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच-पड़ताल कराई जाएगी। उधर मांडा एसओ प्रिंस दीक्षित का कहना है कि 22 सितंबर की रात किसी को थाने नहीं लाया गया था। मृतक के परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं।
घर में मचा कोहराम, मां की हालत बिगड़ी
मेजा। शिवम की हत्या के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। वह दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई विवेक पांडेय दिव्यांग है। मां सुधा दोनों बेटों के साथ रहती है, जबकि पिता विनोद मुंबई में रहकर नौकरी करते हैं। बेटे की हत्या की सूचना पाकर गश खाकर मां सुधा जमीन पर गिर गईं। भाई भी रोता रहा। जानकारी पर वह भी घर के लिए चल दिए हैं।
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बाइक पर बैठाकर ले आए थे साथ, दो लोगों पर नामजद रिपोर्ट
मेजा। गेदुराही नहर के पास मंगलवार को दिनदहाड़े शिवम पांडेय(20) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक पर बैठाकर साथ लाने के बाद दो हमलावरों ने पहले उससे मारपीट की और फिर एक के बाद एक तीन गोलियां उसके सीने में उतार दीं। जानकारी पर एसएसपी भी पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। परिजनों ने दो लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना सुबह 10.30 बजे के करीब हुई। गेदुराही नहर के पास एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक पहुंचे। इसके बाद दो लोगों ने तीसरे से मारपीट शुरू कर दी। नहर के किनारे स्थित खेत में निराई कर रहीं महिलाओं ने बताया कि अचानक एक युवक ने असलहा निकालकर दूसरे युवक के सीने में तीन गोलियां मारीं, जिससे वह लहुलूहान होकर सड़क पर गिर गया। इसके बाद हमलावर असलहे लहराते मेजा कस्बे की तरफ भाग गए। खबर फैली तो भीड़ जुट गई। भीड़ में ही शामिल किसी व्यक्ति ने मृतक की शिनाख्त मांडा के अछोला गांव निवासी शिवम पुत्र विनोद पांडेय के रूप में की। सूचना दी गई तो बदहवास हालात में मौके पर पहुंचे परिजन शव देख बिलखने लगे। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि सुबह नौ बजे के करीब दिघिया गांव का गौरव मिश्रा उसे अपनी बाइक पर बैठा कर घर से ले गया था। शक जताया कि मदरा मुकुंदपुर के नीरज मिश्रा ने गौरव मिश्रा की मदद से शिवम को बुलाकर उसकी हत्या की। पुलिस ने बताया कि चाचा अनिल कुमार पांडेय की तहरीर के आधार दो लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। जानकारी पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज भी मौके पर पहुंचे।
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परिजन बोले, मांडा पुलिस की लापरवाही से गई शिवम की जान
आरोप, दो दिन पहले हुई घटना की खुन्नस में की गई वारदात
घर में घुसा था आरोपी, सौंपने पर पुलिस ने थाने से छोड़ा
मेजा। शिवम पांडेय की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने घटनास्थल पर हंगामा भी किया। आरोप लगाया कि उसकी जान मांडा पुलिस की लापरवाही से गई। बताया कि दो दिन पहले मुख्य आरोपी नीरज गांव में एक युवती के घर में घुस गया था। जिसको जमकर पीटने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया, लेकिन कार्रवाई के बजाय उसे थाने से छोड़ दिया गया।
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परिजनोें ने बताया कि 22 सितंबर की रात अछोला गांव में मदरा गांव निवासी नीरज की ग्रामीणों ने पिटाई कर दी थी। वह एक घर में जबरन घुस गया था और तभी लोगों ने उसे पकड़ लिया। पीटने के बाद उसे मांडा पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस दौरान शिवम भी वहां मौजूद था। मृतक के चाचा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए नीरज को छोड़ दिया। जिसके बाद उसने दूसरे दिन थाने पहुंचकर शिवम के खिलाफ ही मारपीट, धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करा दी। आरोप है कि मांडा पुलिस ने कार्रवाई की होती तो यह वारदात नहीं होती। मांडा व दिघिया पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन कुछ देर अड़े रहे। हालांकि पुलिस अफसरों के समझाने पर वे मान गए। सीओ ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच-पड़ताल कराई जाएगी। उधर मांडा एसओ प्रिंस दीक्षित का कहना है कि 22 सितंबर की रात किसी को थाने नहीं लाया गया था। मृतक के परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं।
घर में मचा कोहराम, मां की हालत बिगड़ी
मेजा। शिवम की हत्या के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। वह दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई विवेक पांडेय दिव्यांग है। मां सुधा दोनों बेटों के साथ रहती है, जबकि पिता विनोद मुंबई में रहकर नौकरी करते हैं। बेटे की हत्या की सूचना पाकर गश खाकर मां सुधा जमीन पर गिर गईं। भाई भी रोता रहा। जानकारी पर वह भी घर के लिए चल दिए हैं।