Prayagraj Corona Update: संक्रमितों की संख्या घटी, मौतें भी हुईं कम
- लगातार 10वें दिन भी कोरोना मरीजों की संख्या में आई कमी, 24 घंटें में 863 मिले संक्रमित, 12 लोगों की मौत
- 11770 लोगों ने कराई जांच, 1597 लोगों को मिली छुट्टी
- स्वास्थ्य विभाग का दावा ट्रेसिंग पर जोर दिए जाने से रोजाना आने वाले संक्रमितों की संख्या में आई कमी
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पहले दो दिन और अब हफ्ते में तीन दिन लगातार लॉकडाउन का असर दिखने लगा है। सोमवार को भी कोरोना मरीजों संख्या में कमी देखी गई। कुल 863 नए संक्रमित मिले हैं। मरने वालों की संख्या में भी कमी आई है। 12 लोगों की मौत हुई है जो रविवार के मुकाबले नौ कम है।
कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि सोमवार को 11770 लोगों की कोरोना की जांच कराई गई। इसमें 599 लोग शहर में संक्रमित पाए गए जबकि 186 लोग ग्रामीण इलाकों से हैं। शहर में एंटीजन से 112 और ग्रामीण क्षेत्र में 82 पॉजिटिव मिले हैं। जबकि आरटीपीसीआर जांच में शहर में 487 और ग्रामीण क्षेत्रों में 104 लोग संक्रमित पाए गए हैं। सोमवार को 7001 लोगों की एंटीजन जांच हुई। 4249 लोगों की आरटीपीसीआर जांच हुई। इसके अलावा 239 की ट्र्ूनॉट से जांच हुई थी। पॉजिटिव पाए जाने वालों में कुछ लोगों को अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। जबकि बेड न मिलने की वजह से दो-तीन फीसदी लोगों को छोड़कर बाकी सब होम आइसोलेशन में ही हैं।
जिले में लगातार संक्रमितों की संख्या में कमी आने की मुख्य वजह ट्रेसिंग बताई जा रही है। डॉ. ऋषि सहाय ने कहा कि पॉजिटिव आने वाले सभी सदस्यों और उनके अलग-बगल के घरों में रहने वाले लोगों की टेस्टिंग करवाकर अधिक से अधिक पॉजिटिव खोजे जा रहे हैं और आइसोलेट किए जा रहे हैं।
1597 लोग हुए संक्रमण मुक्त
कोरोना के संक्रमण से सोमवार को 1597 लोग मुक्त हुए हैं। इनमें से 61 लोगों को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, रेलवे हॉस्पिटल और निजी अस्पतालों से छुट्टी दी गई। 61 लोगों को छुट्टी दिए जाने के बाद उनकी जगह पर तुरंत नए मरीज भर्ती कर लिए गए। लेकिन, अभी तकरीबन डेढ़ हजार से लोग ऐसे होंगे जिन्हें अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत है लेकिन कोविड अस्पताल फुल होने से वे होम आइसोलेशन मेें रहने को मजबूर हैं। बेड के लिए लोगों ने कंट्रोल रूम से लेकर सीएमओ दफ्तर तक संपर्क किया। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली और जहां उनसे बन पड़ा सभी कोविड अस्पतालों को टटोला लेकिन कहीं सहारा नहीं मिला। अंत में ऑक्सीजन का इंतजाम कर घर में ही पड़े रहे और पता लगाते रहे कि कहीं अगर बेड खाली हो तो भर्ती हो सकें।
ट्रामा सेंटर के इंचार्ज, इफ्को के डिप्टी मैनेजर मिले संक्रमित
सोमवार को एसआरएन चिकित्सालय ट्रामा सेंटर के इंचार्ज, इफ्को के डिप्टी मैनेजर, चीफ ऑपरेटर सहित कई लोग संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पॉजिटिव आने वालों में बेसिक शिक्षा परिषद के और कौंधियारा प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक, फूलपुर स्थित निजी बैंक के वरिष्ठ बैंक मैनेजर, एनटीपीसी मेजा के वरिष्ठ मैनेजर, सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल, प्रतापुर राजकीय विद्यालय के शिक्षक, रेलवे के सचिव सदस्य, सेक्शन इंजीनियर, सीनियर सेक्शन ऑफिसर, बेली हॉस्पिटल के फिजियोथिरेपिस्ट, सीडीए पेंशन के असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर, हाईकोर्ट के अधिवक्ता, डीआरएम ऑफिस के चीफ कंट्रोलर शामिल हैं।
राहत: एक्टिव केस के मामले में पांचवें स्थान पर आया प्रयागराज
कोरोना संक्रमण से राहत मिलने के आसार दिख रहे हैं। राहत की बात यह है कि 25 अप्रैल को एक्टिव केस के मामले में प्रदेश भर में तीसरे से चौथे स्थान पर आने वाला जिला सोमवार को पांचवें स्थान पर आ गया। अब चौथे स्थान पर मेरठ है जबिक पहले स्थान पर राजधानी लखनऊ है।प्रदेश स्तर से जारी कोरोना के आंकड़ों में आठ दिन के अंदर आए इस बदलाव को राहत के तौर पर देखा जा रहा है। सोमवार को लखनऊ में 36384, कानपुर नगर में 14806, प्रयागराज में 11443, वाराणसी में 13305और मेरठ में 11784 कोरोना के सक्रिय रोगी चिह्नित हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. ऋषि सहाय के मुताबिक शहर के साथ अब गांवों में अभियान चलाकर कोविड की जांच की जाएगी। इसके लिए माइक्रोप्लान तैयार कर लिया गया है।