Prayagraj Corona News: एंटीजन टेस्ट से तेज हुई संक्रमितों की पहचान, आधे घंटे में रिपोर्ट
शहर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू कराई गई एंटीजन टेस्ट की प्रक्रिया लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। इससे संक्रमितों की पहचान में तेजी आई है। खास बात यह कि आधे घंटे में ही रिपोर्ट मिल जा रही है।
अब तक 190 लोगों की जांच की जा चुकी है। इसमें दो लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए। जिसके बाद दोनों की दोनों की आरटीपीसीआर जांच भी कराई गई। इसमें एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई उसे भर्ती करा दिया गया जबकि, दूसरे की रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल उन इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है जो हॉट स्पॉट हैं।
एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आया अधेड़ दरियाबाद इलाके का है। उसकी उम्र 50 साल की है। कहा जा रहा है कि इलाके में पहले से ही कई कोरोना पॉजिटिव आए हैं। उसी के संपर्क में आने से यह व्यक्ति भी पॉजिटिव आया है। एसीएमओ डॉ. सत्येंद्र राय बताते हैं, फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने पांच दिनों में करेली, रानीमंडी, गौसनगर, दरियाबाद, सुल्तानपुर भावा सहित कुल 15 स्थानों पर 190 लोगों का एंटीजन टेस्ट किया है। अभी 54 इलाकों में टेस्ट करना बाकी है।
पहले प्रमुखता उन स्थानों पर दी जा रही है, जहां हॉटस्पॉट बने हैं। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में आने वालों को पहले जांच की जा रही है। इसके अलावा आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से किए जा रहे सर्वे में जुकाम, बुखार के चिह्नित किए गए लोगों की भी जांच हो हुई है। हालांकि, कुछ लोग जांच कराने से भी कतरा रहे हैं।
सर्वे के दौरान घर-घर जा रही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट के मुताबिक कई लोग बताते ही नहीं कि उन्हें बुखार है, खांसी की परेशानी है। स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीशम जैदी कहते हैं फील्ड में काम कर रही आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ऐसी बहुत सी शिकायतें की हैं।
टेस्ट कराने वाले मांग रहे रिपोर्ट
एंटीजन टेस्ट कराने वाले अपनी जांच रिपोर्ट मांग रहे हैं। हालांकि एंटीजन टेस्ट के दौरान उन्हें आधे घंटे मेें ही बता दिया जा रहा है कि उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है लेकिन लोग लिखित में मांग रहे हैं। हालांकि, कुछ अधिकारियों ने सुझाव भी दिया कि लोगों के मोबाइल पर ही उनकी जो भी रिपोर्ट आई हो उसे भेज दिया जाए। या फिर एक प्रोफार्मा तैयार कर उसमें पॉजिटिव, निगेटिव की रिपोर्ट दे दी जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों और चिकित्सकों का कहना है कि लोग लिखित तौर पर अपनी रिपोर्ट मांग रहे हैं। कई बार तो लोग रिपोर्ट के लिए हंगामा भी करने लगते हैं।
सर्वे करने पहुंची आशा तो कहा, एनआरसी वाले हैं
घर-घर सर्वे करने जा रहीं आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कई दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा हैं। कई लोग आशाओं को एनआरसी वाला बता रहे हैं। जबकि कई लोगों ने कहा कि जब अखबारों में निकलेगा तभी सर्वे करने आइएगा।दो दिन पूर्व तुलसीपुर में सर्वे करने गई आशा से स्थानीय लोगों ने कहा कि अखबार में सूचना आ जाए तभी सर्वे करने आएं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सर्वे की छपी खबरों के साथ आशाओं को भेजा तब उन्हें विवरण मिल सका। जबकि सुल्तानपुर भावा के कालीमंदिर के पास रह रहे लोगों ने कहा कि एनआरसी वाले हैं। उन्होंने अपना विवरण नहीं दिया।