जिले में कोरोना का हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को कोरोना की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, वहीं जिले में फिर 52 नए मामले सामने आए। इससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद उड़ गई।
आंकड़ों को देखते हुए शाम को स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर संक्रमण पर नियंत्रण के सुझाव मांगे। जिले में कोरोना से अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक्टिव केसों की संख्या ढाई सौ के पार पहुंच गई है।
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एसआरएन चिकित्सालय के कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि तबीयत खराब होने पर जौनपुर के मीरपुर इलाके का युवक 10 जुलाई को एसआरएन आया था। उसको भर्ती कर जांच कराई गई।
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पॉजिटिव आने के बाद कोविड-19 वार्ड में शिफ्ट किया गया। बुधवार को उसकी मौत हो गई। मौत के बाद शव को जौनपुर जिला प्रशासन को सौंपा गया। परिवारवालों की इच्छानुसार युवक का अंतिम संस्कार जौनपुर में ही कराया गया। बताया जा रहा है कि युवक को मोटापा था। इसी वजह से बीपी की समस्या हो गई थी।
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उधर बुधवार को कोरोना से प्रयागराज के करेली के 94 साल और कर्नलगंज के 70 साल के बुजुर्ग और धूमनगंज चकिया के 55 साल के अधेड़ की जान चली गई। करेली के और कर्नलगंज के दोनों बुजुर्गों की तबीयत कई दिनों से खराब थी। दोनों बुजुर्ग और धूमनगंज चकिया का अधेड़ एसआरएन कोविड-19 की ओपीडी में दिखाने गए थे।
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94 वर्षीय वृद्ध को बीपी की समस्या थी, जबकि कर्नलगंज के बुजुर्ग को बीपी और न्यूरो की परेशानी थी। अधेड़ सीओपीडी की चपेट में था। दोनों बुजुर्ग 13 जुलाई को एडमिट हुए थे, जबकि अधेड़ 12 जुलाई को एसआरएन गया था। बुधवार को मौत के बाद तीनों के शव को जिला प्रशासन को सौंप दिए गए। जिला प्रशासन ने शवों का फाफामऊ घाट पर अंतिम संस्कार करा दिया।