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प्रयागराज : एटीएम क्लोन कर लाखों उड़ाए, खरीद ली एसयूवी, तीन गिरफ्तार

Sat, 15 Jan 2022 08:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 15 Jan 2022 08:35 PM IST
सार

एसटीएफ ने गन्ने टोल प्लाजा के पास से रवि पांडेय, अखिलेश कुमार दुबे और दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि गिरोह के सरगना रवि पांडेय ने कंप्यूटर की पढ़ाई करने के बाद यह काम शुरू किया।

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Prayagraj: Cloned ATMs and blew away lakhs, bought SUVs, three arrested
arrest - फोटो : istock

विस्तार

एसटीएफ ने गन्ने टोल प्लाजा के पास से एटीएम क्लोन कर रुपये उड़ाने वाले गिरोह के तीन ठगों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को सूचना मिलने पर एसटीएफ की टीम नेे छापा मारकर तीनों को पकड़ा। उनके पास से कार्ड रीडर, स्कीमर, छह अलग अलग बैंकों के ब्लैंक एटीएम कार्ड के साथ नई महिंद्रा एक्सयूवी बरामद हुई है। सरगना के पास से एक चैनल का फर्जी आईकार्ड भी मिला है। 

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एसटीएफ ने गन्ने टोल प्लाजा के पास से रवि पांडेय, अखिलेश कुमार दुबे और दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि गिरोह के सरगना रवि पांडेय ने कंप्यूटर की पढ़ाई करने के बाद यह काम शुरू किया।
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गिरोह के लोग कम पढ़े लिखे और बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। बिना गार्ड वाले एटीएम बूथ में वह शिकार का इंतजार करते हैं। मदद के नाम पर वे एटीएम कार्ड अपने हाथ में लेकर उसे तुरंत अपने पास छिपाए एटीएम कार्ड स्किमर से स्कैन कर लेते हैं।
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इसी बीच दूसरा सदस्य पिन कोड देख लेता है। बाद में स्किमर से कार्ड क्लोन कर रुपये निकाल लेते हैं। गिरोह के लोगों ने सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में भी घटनाओं को अंजाम दिया है। रवि पांडेय महाराष्ट्र में भी जेल जा चुका है। रवि ने एक महीने पहले धोखाधड़ी की कमाई रकम से नई एक्सयूवी खरीदी है।

एक मीडिया चैनल का फर्जी आईकार्ड भी बरामद
उसके खिलाफ सिर्फ प्रयागराज में ही आठ मुकदमे दर्ज हैं। अखिलेश और दिनेश भी उसके साथ लंबे समय से जालसाजी के धंधे में लिप्त हैं। उनके आपराधिक इतिहास के बारे में पता लगाया जा रहा है। उनके पास से एक लैपटॉप, एटीएम कार्ड रीडर, कार्ड स्कीमर, एक मीडिया चैनल का फर्जी आईकार्ड, छह ब्लैंक एटीएम कार्ड और चार मोबाइल बरामद हुए हैं। 

शहर में भी मिलने लगा ‘क्लोन साफ्टवेयर’
साइबर ठगों के  लैपटॉप में क्लोन साफ्टवेयर मिला है। रवि पांडेय ने इसे शहर की एक दुकान से खरीदा था। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि साफ्टवेयर बेचने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। बताया कि एटीएम कार्ड को स्किमर से स्कैन करने के बाद कार्ड का डाटा लैपटॉप में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

इसके बाद कार्डरीडर को लैपटॉप से कनेक्ट करके किसी भी कार्ड को स्वैप करके क्लोन तैयार कर लिया जाता है। लैपटॉप में कार्ड का डाटा रीड करने और क्लोन बनाने वाला साफ्टवेयर पहले से इंस्टाल रहता है। क्लोन कार्ड से गिरोह के लोग कहीं से भी रुपये निकाल लेते थे। 

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