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उपलब्धि : साहित्य अकादमी सम्मान से भरी है प्रयागराज की झोली, नीलम सरन को भी मिलेगा पुरष्कार
Thu, 21 Dec 2023 12:06 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 21 Dec 2023 12:06 PM IST
सार
इससे पहले वर्ष १९६० में सुमित्रानंद पंत, वर्ष १९६२ में अमृतराय, वर्ष १९६५ में डॉ.नागेंद्र, वर्ष १९६८ में हरिवंश राय बच्चन, वर्ष १९७१ में महादेवी वर्मा, वर्ष १९८३ में सर्वेश्वर दयाल सक्सेना और वर्ष १९८८ में नरेश मेहता को साहित्य अकादमी सम्मान दिया गया था।
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साहित्य अकादमी हाल ही में दिवंगत हुए साहित्यकारों पर फिल्मों का प्रसारण करेगी
- फोटो : social media
विस्तार
प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी सम्मान से प्रयागराज के रचनाकारोंं की झोली भरती रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की पूर्व अध्यक्ष और सुपरिचित लेखिका प्रोफेसर नीलम सरन गौर को वर्ष २०२३ का साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाएगा।
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इससे पहले वर्ष १९६० में सुमित्रानंद पंत, वर्ष १९६२ में अमृतराय, वर्ष १९६५ में डॉ.नागेंद्र, वर्ष १९६८ में हरिवंश राय बच्चन, वर्ष १९७१ में महादेवी वर्मा, वर्ष १९८३ में सर्वेश्वर दयाल सक्सेना और वर्ष १९८८ में नरेश मेहता को साहित्य अकादमी सम्मान दिया गया था।
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तकरीबन दो दशक बाद वर्ष २००७ में अमरकांत को उपन्यास ‘इन्हीं हथियारों से’ के लिए यह सम्मान मिला। वर्ष २०१६ में नासिरा शर्मा जबकि बीेते वर्ष २०२२ में सुपरिचित साहित्यकार प्रोफेसर बद्री नरायण को उनकी रचना तुमड़ी के शब्द के लिए साहित्य अकादमी सम्मान दिया गया। वहीं संस्कृत भाषा में वर्ष १९८१ में जगन्नाथ पाठक और उर्दू में वर्ष १९८६ में पद्मश्री शम्सुर्रहमान फारूकी को साहित्य अकादमी सम्मान से नवाजा गया था।
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