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आठ महीने में पहली बार प्रयागराज की हवा हुई खराब
Sat, 17 Oct 2020 04:54 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2020 04:54 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
झूंसी। प्रयागराज की हवा आठ महीने में पहली बार बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है। तापमान के कम होने और हवा की चाल धीमी पड़ने से सितंबर माह में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 अंक के पार पहुंच गया है। शहर के रामबाग और अलोपीबाग सबसे ज्यादा प्रदूषित पाए गए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण पहले हुए लॉक डाउन और उसके बाद अनलॉक ने मई के अंत से शहर की हवा में जहर घोलना शुरू कर दिया था।
लॉकडाउन के दौरान मार्च, अप्रैल और मई महीने में वायु गुणवत्ता सूचकांक 70 और 125 के बीच था। वहीं जून, जुलाई और अगस्त में अनलॉक के साथ ही वायु प्रदूषण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक प्रयागराज के सबसे व्यस्त क्षेत्र रामबाग और अलोपीबाग में तेजी से ऊपर बढ़ रहा है। इसके बाद कटरा और भारत यंत्र निगम लिमिटेड इलाके में वायु प्रदूषण लोगों की सांस में जहर घोल रहा है।
मई में लॉकडाउन के दौरान मिली थोड़ी छूट के बाद अलोपीबाग के पास वायु गुणवत्ता सूचकांक 143, जानसेनगंज में 100, पराग डेयरीे के निकट 108, लक्ष्मी टाकीज के निकट 153 तथा भारत यंत्र निगम लिमिटेड पर 126 दर्ज किया गया था। इसके बाद जून से शुरू हुए अनलॉक के फेज से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप विश्वकर्मा का कहना है कि अनलॉक में जैसे-जैसे सभी गतिविधियां एक-एक कर खोली जा रही हैं। वायु प्रदूषषण बढ़ऩा स्वाभाविक है। लोगों की जागरूकता से ही वायु प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
वायु प्रदूषण का स्तर लॉक डाउन व अनलॉक के वक्त
वायु गुणवत्ता के ये हैं मानक
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लॉकडाउन के दौरान मार्च, अप्रैल और मई महीने में वायु गुणवत्ता सूचकांक 70 और 125 के बीच था। वहीं जून, जुलाई और अगस्त में अनलॉक के साथ ही वायु प्रदूषण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक प्रयागराज के सबसे व्यस्त क्षेत्र रामबाग और अलोपीबाग में तेजी से ऊपर बढ़ रहा है। इसके बाद कटरा और भारत यंत्र निगम लिमिटेड इलाके में वायु प्रदूषण लोगों की सांस में जहर घोल रहा है।
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मई में लॉकडाउन के दौरान मिली थोड़ी छूट के बाद अलोपीबाग के पास वायु गुणवत्ता सूचकांक 143, जानसेनगंज में 100, पराग डेयरीे के निकट 108, लक्ष्मी टाकीज के निकट 153 तथा भारत यंत्र निगम लिमिटेड पर 126 दर्ज किया गया था। इसके बाद जून से शुरू हुए अनलॉक के फेज से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप विश्वकर्मा का कहना है कि अनलॉक में जैसे-जैसे सभी गतिविधियां एक-एक कर खोली जा रही हैं। वायु प्रदूषषण बढ़ऩा स्वाभाविक है। लोगों की जागरूकता से ही वायु प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
वायु प्रदूषण का स्तर लॉक डाउन व अनलॉक के वक्त
| स्थान | मई | जून | जुलाई | अगस्त | सितंबर |
| कटरा लक्ष्मी टाकीज | 153 | 166 | 161 | 190 | 253 |
| भारत यंत्र निगम लिमिटेड | 126 | 170 | 144 | 162 | 236 |
| क्वापरेटिव बैंक जानसेनगंज | 100 | 139 | 157 | 164 | 204 |
| अलोपीबाग पंपिंग स्टेशन | 143 | 203 | 192 | 210 | 312 |
| पराग डेयरी रामबाग | 108 | 196 | 200 | 212 | 380 |
वायु गुणवत्ता के ये हैं मानक
- 0 से 50 वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छा
- 51 से 100 वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक
- 101 से 200 वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम
- 201 से 300 वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब
- 301 से 400 वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब
- 401 से ऊपर वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर