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प्रयागराजः लापरवाही से कांदी की कान्हा गोशाला की १२ गायों की फिर मौत

Sun, 28 Jul 2019 01:40 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 01:40 AM IST
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Prayagraj: 12 cows of Kanni Kanha Goshala again die due to negligence
Prayagraj: 12 cows of Kanni Kanha Goshala again die due to negligence
कांदी की कान्हा गोशाला की
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12 और गायों की मौत
क्रासर
हेतापट्टी में शिफ्ट कराई गई गायों ने उपचार के अभाव में दम तोड़ा, दो की हालत गंभीर
अनूप ओझा
प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद भी बेसहारा गायों के रखरखाव को लेकर जिला प्रशासन की नींद नहीं टूटी। इंतजामों के नाम पर खानापूर्ति के कारण बहादुरपुर ब्लाक के कांदी गांव की कान्हा गोशाला की 12 और गायों की मौत हो गई। यह तब हुआ, जब इसी गोशाला की 35 गायों की एक साथ मौत होने को लेकर पूरे सूबे में हड़कंप मचा हुआ है। इन घायल गायों को झूंसी केपास हेतापट्टी में क्षमा जन सेवा समिति की ओर से संचालित गोशाला में शिफ्ट कराया गया था। इसी के साथ कांदी गोशाला की मरने वाली गायों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। यहां शिफ्ट कराई गई दो और गायों की हालत गंभीर होने के बाद उनका उपचार कराया जा रहा है।

पखवाड़े भर पहले बारिश के बाद कान्हा गोशाला के दलदल में फंसकर 35 गायों की एक साथ मौत होने की घटना से सबक लेने की बजाए लीपापोती में जुटे प्रशासन ने दूसरी जगहों पर शिफ्ट कराई गई गायों के उपचार और रखरखाव पर कोई ध्यान ही नहीं दिया। कांदी की कान्हा गोशाला में तीन दर्जन पशुओं की मौत के बाद प्रशासन ने यहां की 350 से अधिक गायों को अलग-अलग गोशालाओं में शिफ्ट करा दिया था। इसी में से 30 गायों को बीडीओ के निर्देश पर हेतापट्टी गांव स्थित क्षमा जन सेवा समिति की गोशाला में भिजवाया गया था। इस समिति के संचालक सुधीर कुमार मिश्र के मुताबिक दलदल में फंसने के बाद गिरकर घायल हुईं इन गायों में से किसी के पैर की तो किसी की पसली की हड्डी टूटी हुई थी। बावजूद उन गायों के टूटे पैरों को ही घसीट कर छोटे वाहनों पर लादा गया और गोशाला में ले जाकर जैसे-तैसे उतार दिया गया। वहां भेजी गईं गायों की हालत बिगड़ती गई। यह संस्था घायल पशुओं की ही देखरेख करती है। ऐसे में सरकारी और निजी चिकित्सकों की मदद से उनका उपचार कराया जा रहा था, लेकिन पर्याप्त चिकित्सकीय मदद न मिलने की वजह से कुछ दिन के भीतर 12 गायों की मौत हो गई। दो और गायें यहां जीवन से जूझ रही हैं। बाकी 16 गायों की हालत में सुधार है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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कोट
क्षमा जन सेवा समिति को कुछ गायें सौंपी गई थीं। वहां भेजी गई गायों के लिए नियमित चारा भेजा जाता है। वहां गायों की मौत होने की जानकारी मुझे नहीं है।
- सचेंद्र प्रताप सिंह- प्रधान- कांदी
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