प्रतापगढ़ : चार जवान बेटों के शव देख फूट-फूट कर रोया पल्टन बाजार
मोहल्ले के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। हादसे में पहले चंपा सुर्ती कारोबारी के बेटे समेत तीन की मौत हुई थी। देर रात गंभीर रूप से घायल मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे इमरान ने भी प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
विस्तार
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के हाथी का पुरवा में बुधवार की रात दुर्घटना में जान गंवाने वाले चारों दोस्तों के शव बृहस्पतिवार को शहर के पल्टन बाजार मुहल्ले में पहुंचने के बाद चारों तरफ चीखपुकार और चीत्कार मच गई। परिवार के लोगों की आंखों से आंसुओं का सैलाब बहता रहा।
उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था। एक साथ चार जवान बेटों की लाशें देखकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा था। मोहल्ले के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। हादसे में पहले चंपा सुर्ती कारोबारी के बेटे समेत तीन की मौत हुई थी। देर रात गंभीर रूप से घायल मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे इमरान ने भी प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
शहर के पल्टन बाजार के चंपा सुर्ती कारोबारी मुर्तजा खां का बेटा इरशाद उर्फ गोलू (25), मेडिकल स्टोर संचालक शमीम खान का बेटा इमरान (22) पड़ोस में रहने वाले अपने साथी अबू बकर (27) व लुकमान (26) के साथ बुधवार को कार से लखनऊ जा रहे थे। सुलतानपुर से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जाते समय उनकी कार बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के हाथी का पुरवा में अचानक सामने से आए डंपर से जा टकराई।
बड़ी जबर्दस्त थी टक्कर
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखचे उड़ गए। चारों दोस्त कार के अंदर फंसे थे। आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने कार के दरवाजे और खिड़की तोड़कर किसी तरह उन्हें बाहर निकाला। चारों गंभीर रूप से घायल थे। लुकमान ने किसी तरह पुलिस को परिवार के लोगों का नंबर दिया। अबू बकर व इरशाद उर्फ गोलू को सीएचसी हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
लुकमान व इमरान को सीएचसी गोसाईगंज ले जाया गया। यहां लुकमान की भी मौत हो गई। देर रात इलाज के दौरान इमरान ने भी दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद परिजन बाराबंकी व लखनऊ पहुंचे। परिवार के लोगों ने डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद चारों के शव घर पहुंचे। शहर के पल्टन बाजार में चारों दोस्तों के घर सौ मीटर के दायरे में ही हैं।
मोहल्ले में एक साथ चार लाशें पहुंचने के बाद लोगों की रूह कांप गई। परिवार की महिलाएं दहाड़ मारकर रो रहीं थीं। मोहल्ले का हर शख्स गमगीन था। सबकी आंखों से आंसू गिर रहे थे। परिवार के लोगों की चीत्कार देखने के बाद लोगों की हिम्मत जवाब दे जा रही थी। घरवालों को संभालना मुश्किल हो रहा था। बाद नमाज ईशा चारों दोस्तों के जनाजे को एक साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।