UP Board : यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं आज से, 19481 परीक्षक लगे, एप के माध्यम से अपलोड होंगे अंक
यूपी बोर्ड की वर्ष 2025 की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। दो चरणों में मंडलवार होने वाली परीक्षाओं के लिए 19481 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा में पारदर्शिता के लिए यूपी बोर्ड ने तमाम इंतजाम किए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी बोर्ड की वर्ष 2025 की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। दो चरणों में मंडलवार होने वाली परीक्षाओं के लिए 19481 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा में पारदर्शिता के लिए यूपी बोर्ड ने तमाम इंतजाम किए हैं। परीक्षक पहली बार ऐप के माध्यम से अंक अपलोड करेंगे।
दो चरणों में कुल 53 विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं होनी हैं। एक से आठ फरवरी तक पहले चरण में अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी व गोरखपुर और नौ से 16 फरवरी तक आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या, आजमगढ़, देवीपाटन व बस्ती मंडल के जिलों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
पहले चरण की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए 9977 व दूसरे चरण के लिए 9504 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षकों को ऐप के माध्यम से पोर्टल पर अंक अपलोड करने होंगे। खास यह कि परीक्षकाें को केंद्र में जाना ही होगा। क्योंकि, परीक्षा केंद्र से 200 मीटर से अधिक दूरी पर ऐप काम नहीं करेगा। यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षकों को परीक्षा संबंधी आवश्यक प्रपत्र पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
बाह्य परीक्षकों को मोबाइल ऐप के उपयोग से जियो लाकेशनयुक्त फोटो अपलोड करने होंगे और परीक्षा वाले दिन ही पोर्टल पर प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक अपलोड करने होंगे। आंतरिक परीक्षकों को भी अपने विद्यालय की लॉगइन आईडी से माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक उसी दिन अनिवार्य रूप से अपलोड करने होंगे।
भौतिकी व रसायन में 16-16 लाख से अधिक परीक्षार्थी
भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 1650482 व रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 1650937 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। वहीं, जीव विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 1249485 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। भूगोल की परीक्षा के लिए 358731, होमसाइंस के लिए 267394, कंप्यूटर के लिए 18512 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सबसे कम पांच परीक्षार्थी डांसिंग की प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल होंगे। इसके अलावा मिलिट्री साइंस की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 5664, एग्रोनॉमी फर्स्ट के लिए 14267, एग्रीकल्चर बॉटनी के लिए 14267, एग्रीकल्चर फिजिक्स एंड क्लाइमेट के लिए 14609, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के लिए 13925, एग्रोनॉमी सिक्स के लिए 12344, एग्रीकल्चर जूलॉजी के लिए 12344, एनिमल हसबैंड्री के लिए 12344, एग्रीकल्चर केमिस्ट्री के लिए 12344, म्यूजिक वोकल की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 6034 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
पांच फीसदी विद्यालयों का होगा ऑडिट
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से प्रत्येक जनपद में प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित कराने वाले विद्यालयों के सापेक्ष रैंडम आधार पर पांच फीसदी विद्यालयों का ऑडिट कराया जाएगा। इसमें किसी प्रतिकूल तथ्य या अनियमितता प्रकाश में आने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संसाधनों की कमी पर निरस्त होगी विद्यालय की मान्यता
राजकीय विद्यालय में संसाधनों के अभाव के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) स्वयं उत्तरदायी होंगे। वहीं, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में संसाधनों की कमी होने पर डीआईओएस संबंधित विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य के विरुद्ध सख्त कारवाई सुनिश्चित करेंगे। वित्तविहीन विद्यालयों में यह स्थिति आने पर पर विद्यालय की मान्यता निरस्त की जाएगी।
परीक्षक पर दबाव बनाया तो कारावास व जुर्माना
यदि कोई व्यक्ति प्रयोगात्मक परीक्षक पर किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव बनाता या प्रलोभन देता है तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा-9 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें न्यूनतम तीन वर्ष का कारावास (जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है) और तीन लाख रुपये जुर्माने (जिसे 10 लाख तक बढ़ाया जा सकता है) का प्रावधान है।