फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Potato prices fall making it difficult to recover costs

Prayagraj News: आलू की गिरावट से लागत निकालना हुआ मुश्किल

Thu, 19 Mar 2026 02:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Thu, 19 Mar 2026 02:56 AM IST
विज्ञापन
Potato prices fall making it difficult to recover costs
तहसील में आलू अपना विशेष महत्व रखता है। इसके चलते आलू की खेती बड़ी पैमाने पर किसानों द्वारा की जाती है। लेकिन इन दिनों आलू की अगेती फसल के बाद सीजनी आलू के दाम में भारी गिरावट के चलते किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। आलू की सर्वाधिक खेती सोरांव, होलागढ़, कौड़िहार, शृंग्वेरपुर धाम ब्लॉक के बाद सबसे मऊआइमा विकास खंड में होती है।
विज्ञापन

करीब पखवाड़े भर पहले उच्च क्वालिटी की जी फोर कौडिहार बाजार में 800 -850 रुपए प्रति कुंतल था जो समय बीतने के साथ ही गिर कर करीब 700 प्रति कुंतल पर जा पहुंचा। इसी तरह शंकर प्रजाति की आलू कुफरी बादशाह जैसे किस्मे प्रति कुंतल साढ़े तीन से चार सौ रुपए के आसपास जा लुढका हुआ है। जिसके चलते खुदाई के दौरान किसानों को लागत भी निकालना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन

किसी विकल्प तथा एक उम्मीद के चलते अपने उत्पादित आलू को कोल्ड स्टोरेज में भंडारित करना शुरू कर दिए हैं। जिससे कोल्ड स्टोरेज में हमेशा अधिक भीड़ के चलते जाम की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। इलाके के तुलसीपुर गांव के रहने वाले किसान ननकू राम पटेल ने बताया कि खुदाई के दौरान आलू का उचित दाम न मिलने के कारण आलू को कोल्ड स्टोरेज में रख दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी प्रकार धामापुर बलकरनपुर गांव के रहने वाले किसान विजय बहादुर यादव ने बताया कि आलू की मंदी के चलते लागत निकालना मुश्किल हो रहा है एक उम्मीद के सहारे कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण करना मजबूरी है। रामनगर उमरी निजामपुर गांव के रहने वाले किसान महेंद्र कुमार बैश्य ने कहां की शंकर तथा जी फोर प्रजाति की लागत लगभग मामूली अंतर रहता है लेकिन गोल व संकर प्रजात आलू का दाम इस कदर गिर चुका की उर्वरक डालने की लागत भी निकलना मुश्किल हो गया।

किसानों को इस बार नहीं भाया आलू

सोरांव तहसील क्षेत्र सबसे अधिक आलू उत्पादन वाला क्षेत्र कहा जाता है। इस बार किसानों को खेतों में लागत के हिसाब से उपज का मूल्य नहीं मिल रहा है। जिससे काश्तकारों में उदासी छाई हुई है। खेतों से व्यापारी मंडी के लिए विभिन्न ब्रांड के आलू पांच से सात सौ रुपये क्विंटल में खरीदारी कर रहे हैं।

मऊआइमा के घीनपुर निवासी राधेश्याम यादव पांच बीघा, सुभाष पटेल ढाई बीघा, राम कैलाश पटेल दो बीघा, शिवपूजन डेढ़ बीघा, जीतलाल दो बीघा, किशोरीलाल दो बीघा आलू की खेती की है। इस समय लागत निकालना मुश्किल हाे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed