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गुमनाम फरियादी पर पुलिसकर्मियों ने झाड़ा रौब, आधी रात लगी क्लास
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Policemen shout at 'anonymous complainant', midnight class
- फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। देर रात मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे गुमनाम फरियादी पर रौब झाड़ना पुलिसकर्मियों को उल्टा पड़ गया। गुमनाम फरियादी की हकीकत सामने आई तो उनके होश उड़ा गए। मामला सिविल लाइंस थाने का है जहां मातहतों की सक्रियता जानने एडीजी जोन अचानक पहुंचे थे। फिलहाल पुलिसकर्मियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
एडीजी प्रेमप्रकाश ने आते ही पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत ही वह लगातार थानों व पुलिस कार्यालयों के निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम मेें वह पिछले दिनों मातहतों की सक्रियता जानने रात में निकले और 11.30 बजे के करीब एक राहगीर को लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंच गए। इस दौरान रात्रिकालीन ड्यूटी पर सिविल लाइंस चौकी प्रभारी राजेश कुमार व मुंशी लल्लन के अलावा संतरी ड्यूटी पर तैनात सिपाही व कुछ होमगार्ड थाने में मौजूद थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि दरोगा, मुंशी और अन्य पुलिसकर्मी अपने विभाग के अफसर को ही नहीं पहचान सके। ऐसे में उन्होंने आम फरियादी की तरह ही उनसे भी ‘पुलिसिया अंदाज’ में व्यवहार किया। थाने आने की वजह पूछने पर एडीजी के साथ गए राहगीर ने बताया कि उसे मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज करानी है। जिसके बाद उससे कहा गया कि प्रार्थनपत्र दे दो। प्रार्थनापत्र लिखने के दौरान मोबाइल से वीडियो बनाने पर वहां तैनात एक सिपाही ने रौब झाड़ने की कोशिश की। कहा कि मोबाइल से वीडियो बनाना बंद कर दो। एडीजी के इसकी वजह पूछने पर वह कहने लगा कि दरोगा जी से बात करो। इसके बाद सिपाही के बताने पर न सिर्फ दरोगा बल्कि ड्यूटी पर तैनात मुंशी ने भी एडीजी पर रौब झाड़ते हुए मोबाइल बंद करने को कहा। यही नहीं इंकार करने पर कार्रवाई की धमकी तक दे डाली। हालांकि जैसे ही एडीजी ने अपना परिचय दिया, उनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और वह माफी मांगने लगे। जिसके बाद एडीजी ने रौब झाड़ने वाले पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई। उधर एडीजी के थाने पहुंचने की सूचना पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज व डीएम भानुचंद गोस्वामी भी आ गए। एसएसपी ने भी पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई। देर रात एडीजी निरीक्षण के बाद थाने से लौटे तब जाकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
सिविल लाइंस थाने में आकस्मिक निरीक्षण को पहुंचा था। फरियादी के प्रति व्यवहार ठीक होना चाहिए, यही हिदायत ड्यूटी पर तैनात रहे पुलिसकर्मियोें को दी गई। फिलहाल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
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प्रेमप्रकाश, एडीजी
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एडीजी प्रेमप्रकाश ने आते ही पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत ही वह लगातार थानों व पुलिस कार्यालयों के निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम मेें वह पिछले दिनों मातहतों की सक्रियता जानने रात में निकले और 11.30 बजे के करीब एक राहगीर को लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंच गए। इस दौरान रात्रिकालीन ड्यूटी पर सिविल लाइंस चौकी प्रभारी राजेश कुमार व मुंशी लल्लन के अलावा संतरी ड्यूटी पर तैनात सिपाही व कुछ होमगार्ड थाने में मौजूद थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि दरोगा, मुंशी और अन्य पुलिसकर्मी अपने विभाग के अफसर को ही नहीं पहचान सके। ऐसे में उन्होंने आम फरियादी की तरह ही उनसे भी ‘पुलिसिया अंदाज’ में व्यवहार किया। थाने आने की वजह पूछने पर एडीजी के साथ गए राहगीर ने बताया कि उसे मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज करानी है। जिसके बाद उससे कहा गया कि प्रार्थनपत्र दे दो। प्रार्थनापत्र लिखने के दौरान मोबाइल से वीडियो बनाने पर वहां तैनात एक सिपाही ने रौब झाड़ने की कोशिश की। कहा कि मोबाइल से वीडियो बनाना बंद कर दो। एडीजी के इसकी वजह पूछने पर वह कहने लगा कि दरोगा जी से बात करो। इसके बाद सिपाही के बताने पर न सिर्फ दरोगा बल्कि ड्यूटी पर तैनात मुंशी ने भी एडीजी पर रौब झाड़ते हुए मोबाइल बंद करने को कहा। यही नहीं इंकार करने पर कार्रवाई की धमकी तक दे डाली। हालांकि जैसे ही एडीजी ने अपना परिचय दिया, उनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और वह माफी मांगने लगे। जिसके बाद एडीजी ने रौब झाड़ने वाले पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई। उधर एडीजी के थाने पहुंचने की सूचना पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज व डीएम भानुचंद गोस्वामी भी आ गए। एसएसपी ने भी पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई। देर रात एडीजी निरीक्षण के बाद थाने से लौटे तब जाकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
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सिविल लाइंस थाने में आकस्मिक निरीक्षण को पहुंचा था। फरियादी के प्रति व्यवहार ठीक होना चाहिए, यही हिदायत ड्यूटी पर तैनात रहे पुलिसकर्मियोें को दी गई। फिलहाल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
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प्रेमप्रकाश, एडीजी