हत्याकांड : अधिवक्ता के भाई की हत्या के मामले में पुलिस कोर्ट से मांगेगी अनुमति, फिर से तलाशा जाएगा शव
आरोपी भले ही गिरफ्तार कर लिए गए हों, लेकिन हत्याकांड से जुड़े कई राज खुलने अभी बाकी हैं। मृतक का शव व उसकी कार भी बरामद की जानी है। इसी को लेकर पुलिस हत्यारोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए जल्द कोर्ट से अनुमति मांगी जाएगी।
विस्तार
सिविल लाइंस से अगवा कर अधिवक्ता के कैब चालक भाई पवन पांडेय के हत्यारोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी। इसके बाद उन्हें लेकर पुलिस टीम बिहार जाएगी, जहां एक बार फिर से गंगा में शव की तलाश की जाएगी। इसके अलावा उनसे हत्याकांड से जुड़े अन्य राज भी उगलवाए जाएंगे।
इसके लिए जल्द ही पुलिस कोर्ट में अर्जी देगी। हत्याकांड में एक दिन पहले ही पुलिस ने निर्भय सिंह, दिवाकर सिंह व अनंत पांडेय को जेल भेजा है, जबकि दो आराेपी अभी फरार हैं। इनमें से एक शशिभूषण राय निवासी भोजपुर बंधु छपरा है। वह सिविल लाइंस से बुकिंग के बाद पटना जाते वक्त कार में निर्भय व दिवाकर के साथ मौजूद था। वहीं, दूसरा वह अज्ञात बाइक सवार है, जिसने बिहार के भोजपुर से पटना जाते वक्त स्थित गंगा पुल पर आकर कैब चालक पवन पर चाकू से हमला किया था।
आरोपी भले ही गिरफ्तार कर लिए गए हों, लेकिन हत्याकांड से जुड़े कई राज खुलने अभी बाकी हैं। मृतक का शव व उसकी कार भी बरामद की जानी है। इसी को लेकर पुलिस हत्यारोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए जल्द कोर्ट से अनुमति मांगी जाएगी। एसीपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। शव तलाशने के लिए जल्द ही एक बार फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
10 सितंबर को घटना
मूलरूप से अलमापुर, मलावा बुजुर्ग थाना सरायइनायत निवासी पवन कैब चलाता था। 10 सितंबर को तीन युवकों ने जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से पटना के लिए कार बुक की थी। इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हो सका। 12 सितंबर को भाई अनुज ने सिविल लाइंस थाने में कार बुक करने वाले निर्भय सिंह निवासी रायपुर छत्तीसगढ़, शशिभूषण राय निवासी छपरा आरा और एक अज्ञात पर केस दर्ज कराया। पुलिस जांच में जुटी तो पता चला कि पवन को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई।