फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Police suspects vandalism, role of DM, SP with lawyer in Etah

एटा में अधिवक्ता के साथ पुलिस ने की बर्बरता, डीएम, एसपी की भूमिका संदिग्ध 

Sun, 03 Jan 2021 12:18 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 03 Jan 2021 12:18 AM IST
विज्ञापन
Police suspects vandalism, role of DM, SP with lawyer in Etah
रिपोर्ट - फोटो : demo pics
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की ओर से एटा के अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा और उनके रिश्तेदारों पर पुलिस बर्बरता और दुर्व्यवहार के मामले में गठित की गई जांच कमेटी ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। काउंसिल की कार्यकारिणी के समक्ष रखी गई रिपोर्ट में पुलिस के कृत्य को अमर्यादित और गैर कानूनी बताया गया है। कहा गया कि मामले में डीएम और एसएसपी की भूमिका नियमों से परे है। निर्णय लिया गया कि मामले की रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष रखने के साथ सीजेएम एटा को भी तुरंत सौंपी जाए तथा घटना की सीबीआई या सीबीसीआईडी जांच कराई जाए। 
विज्ञापन


बार काउंसिल ने एटा मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने शनिवार को हुई बैठक में कार्यकारिणी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डीएम और एसएसपी की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया। कहा कि 21 दिसंबर की घटना के वायरल हुए वीडियो में अधिवक्ता के खिलाफ पुलिस बर्बरता साफ दिखाई दे रही है। बार काउंसिल के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रापर्टी के मामले में उससे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन जिस तरह से पुलिस ने बर्बरता दिखाई, वह सरासर गलत और नियम-कानून से परे है। 
विज्ञापन


इतना ही नहीं मामले में हाईकोर्ट के न्यायिक जांच के आदेश के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार दखलंदाजी की जा रही है। बार काउंसिल के चेयरमैन जानकी शरण पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अफसरों द्वारा न्यायिक अफसरों पर जमानत न देने का दबाव बनाया जा रहा है। एडीजे की कोर्ट में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान एटा डीएम और एसएसपी भी खड़े हो रहे हैं। चेयरमैन ने कहा कि जमानत अर्जी पर 29 दिसंबर और दो जनवरी को सुनवाई हुई है। दोनों ही दिन कोर्ट में डीएम और एसएसपी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रशासनिक अफसरों की यह मौजूदगी न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने की मंशा प्रतीत हो रही है। प्रशासनिक अफसरों की इस तरह कोर्ट में उपस्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इसकी शिकायत की जाएगी। चेयरमैन ने एटा के डीएम और एसएसपी के स्थानांतरण की मामले की जांच सीबीआई या सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed