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पांच घंटे तक पुलिस का सरेंडर
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प्रतापगढ़ में अधिवक्ता की हत्या के विरेध में सड़क पर की गई आगजनी।
- फोटो : PRATAPGARH
पांच घंटे तक पुलिस का सरेंडर
सड़क पर उतरे वकीलों ने फूंका डीएम-एसपी का पुतला, तीखी झड़प के बाद कार्यालय में जाकर बैठे अफसर
पुलिस लाइन तिराहे पर नगर कोतवाल से नोकझोंक, पुलिसकर्मी रहे प्रदर्शनकारियों के निशाने पर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अधिवक्ता की हत्या के दूसरे दिन आक्रोशित वकीलों ने जमकर बवाल काटा। कचहरी में तालाबंदी कर चौराहों पर जाम लगाकर वाहनों का आवागमन ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने होमगार्ड को पीटा और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की। सड़क पर उतरे वकीलों ने डीएम-एसपी का पुतला फूंका। शहर कोतवाल से उनकी नोकझोंक हुई। डीएम-एसपी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के गेट पर पिकअप खड़ी कर वकीलों ने रास्ता जाम कर दिया। जिसे हटाने पहुंचे एएसपी से उनकी तीखी झड़प हुई। लोगों का गुस्सा देख एएसपी अपने कार्यालय में जाकर बैठ गए। पुलिसकर्मी खासतौर पर वकीलों के निशाने पर रहे। बवाल के दौरान वीडियो क्लिप बनाने वाले लोगों की भी पिटाई हुई। पुलिसकर्मियों के बीच एसडीएम सदर को भी वकीलों ने भगाया। जाम के दौरान बच्चे, बुजुर्ग, राहगीर और मरीज सभी परेेशान रहे, लेकिन पुलिस कहीं उनकी मदद के लिए आगे नहीं आई।
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या के बाद आक्रोशित वकील मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतर पड़े। कचहरी में तालाबंदी करने के बाद वकीलों ने पुलिस लाइन तिराहे पर जाम लगा दिया। टायर जलाकर सड़क पर आवागमन ठप कर दिया। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही से लगातार वकीलों की हत्याएं हो रही हैं। जाम की खबर मिलने पर एएसपी पूर्वी, एसडीएम सदर राहुल यादव व सीओ सिटी अतुल शर्मा भारी पुलिस बल व पीएसी के साथ कोषागार चौराहे पर पहुंचे। यहां बीच सड़क पर टायर जल रहा था। एएसपी को देखते ही लोग नारेबाजी करने लगे। कुछ देर बाद वकीलों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के गेट पर बांस लदी पिकअप को खड़ा कर दिया। जिसे हटाने के लिए एएसपी पूर्वी पहुंचे। चालक के वाहन स्टार्ट करते ही अधिवक्ता भड़क उठे। वकीलों की एएसपी से तीखी झड़प हुई। पुलिस बैकफुटक पर रही। एएसपी सभी को लेकर अपने कार्यालय में जाकर बैठ गए। लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। एलआईयू कार्यालय में तैनात होमगार्ड को भी एसपी कार्यालय के सामने दुकान से निकालकर पीटा गया। कई लोगों की साइकिलों के टायर से हवा निकाल दी गई। दस बजे से शुरू हुआ वकीलों का प्रदर्शन तीन बजे के बाद जाकर समाप्त हुआ।
पकड़ो, जाने न दो, कैसे घुस गया...
कचहरी के आसपास जाम लगाने वाले वकीलों में काफी गुस्सा था। जाम में घुसने वाले लोगों को वकील दौड़ाते रहे। पांच घंटे तक पुलिस लाइन, कोषागार चौराहा, पुलिस अधीक्षक चौराहे पर पकड़ो, जाने न दो, कैसे घुस गया का शोर मचता रहा। लोगों की साइकिल और बाइक तक खड़ी करा ली जाती रही, ताकि उस रास्ते से कोई दूसरा न निकल सके। शोरशराबे के बीच लोग दौड़ने लगते। पुलिसकर्मी भी चौकन्ना होते, लेकिन वकीलों का हुजूम देख शांत हो जाते।
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धरने में बैठाते, फिर जाने देते
यदि कोई जाम में अंजाने में घुस आया या मोबाइल से वीडियो क्लिप बनाने के साथ ही तस्वीर खींचने लगता तो उसे प्रदर्शनकारी रोक ले रहे थे। उसे सड़क पर बैठा दे रहे थे। मोबाइल से वीडियो या फिर तस्वीरें उड़ाने के बाद उन्हें जाने दे रहे थे। मंगलवार को प्रदर्शनकारी वकीलों ने पुलिस को मात देने के लिए रणनीति बनाई थी। यदि कोई विरोध करता या जबरन निकलने का प्रयास करता तो उसके साथ भिड़ंत भी हुई।
बंदियों को लेकर पहुंचा प्रिजन वैन भी लौटा
न्यायालय में पेशी पर जेल से लाए गए बंदियों को लेकर पहुंचे प्रिजन वैन लोहिया पार्क के पास ही रोक दिया गया। जाम को देखते हुए पुलिसकर्मी दूर ही वाहन लेकर रुक गए। बाद में बंदियों को लेकर पुलिसकर्मी बैरंग लौट गए। न्यायालय में बंदियों को पेश नहीं कराया जा सका।
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सड़क पर उतरे वकीलों ने फूंका डीएम-एसपी का पुतला, तीखी झड़प के बाद कार्यालय में जाकर बैठे अफसर
पुलिस लाइन तिराहे पर नगर कोतवाल से नोकझोंक, पुलिसकर्मी रहे प्रदर्शनकारियों के निशाने पर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अधिवक्ता की हत्या के दूसरे दिन आक्रोशित वकीलों ने जमकर बवाल काटा। कचहरी में तालाबंदी कर चौराहों पर जाम लगाकर वाहनों का आवागमन ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने होमगार्ड को पीटा और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की। सड़क पर उतरे वकीलों ने डीएम-एसपी का पुतला फूंका। शहर कोतवाल से उनकी नोकझोंक हुई। डीएम-एसपी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के गेट पर पिकअप खड़ी कर वकीलों ने रास्ता जाम कर दिया। जिसे हटाने पहुंचे एएसपी से उनकी तीखी झड़प हुई। लोगों का गुस्सा देख एएसपी अपने कार्यालय में जाकर बैठ गए। पुलिसकर्मी खासतौर पर वकीलों के निशाने पर रहे। बवाल के दौरान वीडियो क्लिप बनाने वाले लोगों की भी पिटाई हुई। पुलिसकर्मियों के बीच एसडीएम सदर को भी वकीलों ने भगाया। जाम के दौरान बच्चे, बुजुर्ग, राहगीर और मरीज सभी परेेशान रहे, लेकिन पुलिस कहीं उनकी मदद के लिए आगे नहीं आई।
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या के बाद आक्रोशित वकील मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतर पड़े। कचहरी में तालाबंदी करने के बाद वकीलों ने पुलिस लाइन तिराहे पर जाम लगा दिया। टायर जलाकर सड़क पर आवागमन ठप कर दिया। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही से लगातार वकीलों की हत्याएं हो रही हैं। जाम की खबर मिलने पर एएसपी पूर्वी, एसडीएम सदर राहुल यादव व सीओ सिटी अतुल शर्मा भारी पुलिस बल व पीएसी के साथ कोषागार चौराहे पर पहुंचे। यहां बीच सड़क पर टायर जल रहा था। एएसपी को देखते ही लोग नारेबाजी करने लगे। कुछ देर बाद वकीलों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के गेट पर बांस लदी पिकअप को खड़ा कर दिया। जिसे हटाने के लिए एएसपी पूर्वी पहुंचे। चालक के वाहन स्टार्ट करते ही अधिवक्ता भड़क उठे। वकीलों की एएसपी से तीखी झड़प हुई। पुलिस बैकफुटक पर रही। एएसपी सभी को लेकर अपने कार्यालय में जाकर बैठ गए। लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। एलआईयू कार्यालय में तैनात होमगार्ड को भी एसपी कार्यालय के सामने दुकान से निकालकर पीटा गया। कई लोगों की साइकिलों के टायर से हवा निकाल दी गई। दस बजे से शुरू हुआ वकीलों का प्रदर्शन तीन बजे के बाद जाकर समाप्त हुआ।
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पकड़ो, जाने न दो, कैसे घुस गया...
कचहरी के आसपास जाम लगाने वाले वकीलों में काफी गुस्सा था। जाम में घुसने वाले लोगों को वकील दौड़ाते रहे। पांच घंटे तक पुलिस लाइन, कोषागार चौराहा, पुलिस अधीक्षक चौराहे पर पकड़ो, जाने न दो, कैसे घुस गया का शोर मचता रहा। लोगों की साइकिल और बाइक तक खड़ी करा ली जाती रही, ताकि उस रास्ते से कोई दूसरा न निकल सके। शोरशराबे के बीच लोग दौड़ने लगते। पुलिसकर्मी भी चौकन्ना होते, लेकिन वकीलों का हुजूम देख शांत हो जाते।
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धरने में बैठाते, फिर जाने देते
यदि कोई जाम में अंजाने में घुस आया या मोबाइल से वीडियो क्लिप बनाने के साथ ही तस्वीर खींचने लगता तो उसे प्रदर्शनकारी रोक ले रहे थे। उसे सड़क पर बैठा दे रहे थे। मोबाइल से वीडियो या फिर तस्वीरें उड़ाने के बाद उन्हें जाने दे रहे थे। मंगलवार को प्रदर्शनकारी वकीलों ने पुलिस को मात देने के लिए रणनीति बनाई थी। यदि कोई विरोध करता या जबरन निकलने का प्रयास करता तो उसके साथ भिड़ंत भी हुई।
बंदियों को लेकर पहुंचा प्रिजन वैन भी लौटा
न्यायालय में पेशी पर जेल से लाए गए बंदियों को लेकर पहुंचे प्रिजन वैन लोहिया पार्क के पास ही रोक दिया गया। जाम को देखते हुए पुलिसकर्मी दूर ही वाहन लेकर रुक गए। बाद में बंदियों को लेकर पुलिसकर्मी बैरंग लौट गए। न्यायालय में बंदियों को पेश नहीं कराया जा सका।

प्रतापगढ़ में अधिवक्ता की हत्या के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पुलिस नोकझोंक करते वकील।- फोटो : PRATAPGARH