पुलिस की ‘सुपर 20’ करेगी संगम घाट पर क्राउड मैनेजमेंट, श्रद्धालुओं की भीड़ को करेगी व्यवस्थित
महाकुंभ में मुख्य स्नान पर्व पर संगम घाट पर क्राउड मैनेजमेंट का जिम्मा पुलिस की ‘सुपर 20’ टीम संभालेगी। यह टीम श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ ही घाट पर मूवमेंट बनाए रखने के लिए भी जिम्मेदार होगी।
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महाकुंभ में मुख्य स्नान पर्व पर संगम घाट पर क्राउड मैनेजमेंट का जिम्मा पुलिस की ‘सुपर 20’ टीम संभालेगी। यह टीम श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ ही घाट पर मूवमेंट बनाए रखने के लिए भी जिम्मेदार होगी। यह टीम रविवार शाम से ही घाट पर मुस्तैद कर दी जाएगी।
मुख्य स्नान पर्वों पर सबसे ज्यादा भीड़ संगम घाट पर ही उमड़ती है। हर श्रद्धालु का प्रयास यही होता है कि वह संगम नोज तक जरूर पहुंच सके। अमृत स्नान के चलते भी यह घाट बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में इस घाट पर भीड़ प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
अभी तक यह काम जल पुलिस व घाट पर तैनात जवान करते रहे हैं। इस बार इसके लिए एक विशेष टीम गठित कर दी गई है, जिसे ‘सुपर 20’ का नाम दिया गया है। इस टीम में 200 युवा पुलिसकर्मियों को जगह दी गई है।
डीआईजी पहुंचे, टीम को समझाई जिम्मेदारियां
डीआईजी वैभव कृष्ण शुक्रवार रात दो बजे के करीब संगम घाट पहुंचे। यहां उन्होंने ‘सुपर 20’ टीम के सभी जवानों को दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्हें उनकी जिम्मेदारियां भी समझाईं। उन्होंने भीड़ के दबाव के आधार पर चिह्नित किए गए मेला क्षेत्र के संवेदनशील अन्य स्थलों का भी निरीक्षण किया। साथ ही बैरियर प्वाइंट भी चेक किए।
‘सुपर 20’ टीम सुनिश्चित करेगी कि संगम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ व्यवस्थित रहे। साथ ही भीड़ का मूवमेंट भी बना रहे। घाट पर श्रद्धालु एकत्रित न हो पाएं। इस टीम का नेतृत्व एडिशनल एसपी संगम अनित कुमार करेंगे। - वैभव कृष्ण, डीआईजी मेला
मुख्य स्नान पर्वों पर नहीं चलेगी मोटर बोट
पर्यटक मोटर बोट की राइड का लुत्फ उठाना है तो मुख्य स्नान पर्व पर निराशा ही हाथ लगेगी। पुलिस ने निर्णय लिया है कि स्नानार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए मुख्य स्नान पर्वों पर मोटर बोट के संचालन पर रोक रहेगी। हालांकि, इस दौरान चप्पू वाली नावें चलेंगी लेकिन भीड़ ज्यादा हुई तो इनके संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। जल पुलिस प्रभारी जनार्दन साहनी ने बताया कि मोटर बोट या स्पीड बोट के चलने से नदी में लहरें उठती हैं जिससे अन्य नावें हादसाग्रस्त हो सकती हैं। इसी को देखते हुए मुख्य स्नान पर्व पर स्पीड बोट के संचालन पर रोक लगाई गई है।