नैनी में बमबाजी का मामला : दीवान का बेटा निकला सरगना, घर छोड़कर भागा, दो साथी हिरासत में
एडीए कॉलोनी में बाल भारती स्कूल के पास आधी रात ताबड़तोड़ बमबाजी, फायरिंग करने वाले गिरोह का सरगना दीवान का बेटा सुधांशु शुक्ला निकला। पुलिस का दावा है कि घटना के बाद से ही वह घर छोड़कर भागा हुआ है।
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एडीए कॉलोनी में बाल भारती स्कूल के पास आधी रात ताबड़तोड़ बमबाजी, फायरिंग करने वाले गिरोह का सरगना दीवान का बेटा सुधांशु शुक्ला निकला। पुलिस का दावा है कि घटना के बाद से ही वह घर छोड़कर भागा हुआ है। उधर, उसके दो साथियों को हिरासत में लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि वारदात के बाद भागते वक्त सभी बदमाशों की तस्वीर रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। फुटेज से पता चला कि बदमाश पांच बाइक व दो स्कूटी पर सवार होकर मौके पर पहुंचे थे। इनमें से प्रत्येक पर कम से कम दो युवक सवार थे। यानी वारदात में कम से कम 14 बदमाश शामिल थे।
यह बात भी सामने आई है कि इस गिरोह का सरगना नैनी निवासी दीवान का बेटा सुधांशु है। दीवान मौजूदा समय में प्रतापगढ़ में तैनात है। उसका परिवार पहले नैनी थाना परिसर में बने सरकारी क्वार्टर में रहता था। घटना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश दी, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। मुख्य आरोपी के दो साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल देर रात तक उनसे पूछताछ जारी थी। सीओ अजीत सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों को चिह्नित करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस भी बनी वादी, दो मुकदमे दर्ज
इस मामले में खास बात यह है कि कुल दो मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें से दरोगा जन्मेजय सिंह ने धारा 144 के उल्लंघन व स्थानीय निवासी विनय मिश्र ने बलवा, बमबाजी समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कराया है। दरोगा की ओर से दर्ज कराए गई एफआईआर में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से सौरभ, गौरव व अमन को पकड़ा गया था, जिन्हें नोटिस तामील कराकर थाने से ही छोड़ दिया गया। उधर, दूसरे मुकदमे में अज्ञात हमलावरों को आरोपी बनाया गया है।
सात वर्षीय बालक हुआ है जख्मी
बाल भारती स्कूल के पास गौरव तिवारी रविवार शाम बैडमिंटन खेलने गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे व सौरभ द्विवेदी को पीट दिया था। वह शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे। इधर मोहल्ले में एक दर्जन से ज्यादा हमलावर बाइक व स्कूटी पर सवार होकर पहुंचे। फिर ताबड़तोड़ बमबाजी व फायरिंग कर भाग निकले। इससे वहां दहशत फैल गई। उधर अधिवक्ता एमपी शुक्ला, सौरभ द्विवेदी, सुशील मिश्रा की दीवार व दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए। साथ ही छर्रे लगने से एमपी शुक्ला का सात वर्षीय बेटा वेद शुक्ला जख्मी हो गया।