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संगम नगरी की थ्री डी तकनीक को पीएमओ की मंजूरी

Tue, 13 Mar 2018 11:19 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
इलाहाबाद ब्यूरो Updated Tue, 13 Mar 2018 11:19 PM IST
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ग्रीन एनर्जी और थ्री डी तकनीक पर नैनी औद्योगिक क्षेत्र में तैयार सस्ते और कम ऊर्जा की खपत वाले मकान बनाने की तकनीक को भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने भी मंजूरी दे दी है। इसकी पहल की प्रधानमंत्री कार्यालय ने। नैनी में बने ऐसे मकान भूकंपरोधी, तापरोधी एवं ब्लास्टिंग रोधी हैं। इंसुलेटेड वॉल पैनल के जरिए यह मकान नैनी में क्विक बिल्ड्स कंपनी में बनाए गए हैं। पीएमओ तक इन मकानों की खासियत के बारे में जानकारी पहुंची तो सरकार सक्रिय हुई है।
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शहरी विकास मंत्रालय ने निर्देश मिलने के बाद इन मकानों की जांच पूरी करा ली है। अब सरकार की योजना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इसी तकनीक से मकान तैयार किए जाएं। बता दें कि अमर उजाला ने अपने छह अक्तूबर के अंक में ‘मकान भी थ्री डी, जहां चाहें, वहां ले जाएं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद पीएमओ तक जानकारी पहुंची।
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शहरी विकास मंत्रालय ने थ्री डी मकान तैयार करने के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग सहित भवन निर्माण की सभी केंद्रीय एजेंसियों को पत्र लिखा है। साथ ही शहरी विकास मंत्रालय ने क्विक बिल्ड्स कंपनी के साथ करार करते हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर दिया है। इसके बाद केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के डीजी ने सभी चीफ इंजीनियर, सुपरीटेंडेंट इंजीनियर्स, एवं एक्जीक्यूटिव इंजीनियर्स को समझौते की प्रति के साथ सर्कुलर जारी कर दिया गया है।
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थ्री-डी मकानों की विशेषता
थ्री-डी तकनीक पर आधारित यह मकान अंदरूनी वातावरण को गर्मी में ठंडा और ठंड में गर्म रहेगा। इन मकानों की लागत विदेशों में उपलब्ध थ्री डी तकनीक से बहुत कम है। विदेश में जहां इसके लिए सात से 10 करोड़ का खर्च आता है, वहीं क्विक बिल्ड्स की तकनीक पर मात्र 12 से 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। अगर आप सिर्फ इस तकनीक पर आधारित सिर्फ एक कमरा ही तैयार करवाना चाहते हैं तो खर्च करीब सवा लाख का खर्च आएगा। कमरे में एसी की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। इन मकानों की एक खासियत यह भी है कि यह निर्माण के बाद कहीं भी ले जाए जा सकते हैं और यह पर्यावरण के अनुकूल हैं। इस मकान को तैयार होने में अधिकतम 30 से 40 दिन लगते हैं। मकान में 50 से 70 फीसदी बिजली की बचत होगी।
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