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Prayagraj News: प्लेटफॉर्म टिकट होगा खत्म, अपनों को नहीं बिठा पाएंगे ट्रेन में
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रेलवे जंक्शनों को अत्याधुनिक सेवाओं से लैस करने के बाद रेलवे अब सेवाओं में भी व्यापक बदलाव करने की तैयारी में है। प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पूरा होने के बाद यहां प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिलेंगे। लोग अपनों को ट्रेन तक बैठाने भी नहीं जा सकेंगे। एयरपोर्ट की तर्ज पर टिकट देखकर यात्रियों को ही इंट्री दी जाएगी। विशेष परिस्थिति में पास जारी किया जाएगा।
प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल का रेलवे द्वारा पुनर्विकास किया जा रहा है। जंक्शन पर तो सर्वाधिक 960 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। महाकुंभ-2025 को देखते हुए जंक्शन पर यह कार्य दो चरणों में होना है। सिविल लाइंस साइड का कार्य शुरू भी हो गया है। इसे दिसंबर 2024 तक पूरा करना है। महाकुंभ संपन्न होने के बाद सिटी साइड में पुनर्विकास का कार्य होगा।
पुनर्विकास के बाद इन दोनों स्टेशनों पर एयरपोर्ट सरीखी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की तैयारी की जा रही है। तैयारी है कि स्टेशन के अंदर सिर्फ यात्रियों को प्रवेश दिया जाए। सामान आदि के लिए यहां एयरपोर्ट की तर्ज पर ट्रॉली की व्यवस्था रेलवे द्वारा की जाएगी। इस वजह से प्लेटफाॅर्म टिकट की बिक्री भी नहीं की जाएगी। फिलहाल, यह व्यवस्था सिर्फ इन्हीं दो स्टेशनों तक सीमित रहेगी।
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विशेष परिस्थिति में स्टेशन तक जाने के लिए नामित अफसर से पास बनवाना होगा। सामान की जांच एक्सरे मशीन से होगी। पार्सल स्कैनर आदि भी रेलवे द्वारा इसी वर्ष लगा दिया जाएगा, ताकि हर एक पार्सल की स्कैनिंग हो सके।
सिविल लाइंस में बनाई जा रही आठ मंजिला इमारत
पिछले वर्ष अगस्त माह में ही पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रयागराज जंक्शन के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया। यहां स्टेशन के दोनों ओर आठ मंजिला इमारत का निर्माण होगा। सिविल लाइंस साइड में यह कार्य शुरू भी हो गया है। यहां प्रथम तीन तल पर रेल संबंधी कार्यालय एवं यात्री सुविधा से जुड़ी चीजें होंगी। ऊपर की मंजिलों पर वाणिज्यिक विकास का प्रावधान किया गया है। यात्रियों के साथ आने वाले लोग जंक्शन पर बनाए जाने वाली शॉपिंग कॉम्पलेक्स, फूड कोर्ट आदि स्थानों तक ही आ सकेंगे। इसके बाद 72 मीटर चौड़े दो कॉनकोर्स पर उनके प्रवेश की मनाही होगी। यहां सिर्फ यात्रियों का ही प्रवेश होगा। क्योंकि कॉनकोर्स से नीचे उतरकर ही यात्री सीधे प्लेटफार्म पर पहुंचेंगे।
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प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल का रेलवे द्वारा पुनर्विकास किया जा रहा है। जंक्शन पर तो सर्वाधिक 960 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। महाकुंभ-2025 को देखते हुए जंक्शन पर यह कार्य दो चरणों में होना है। सिविल लाइंस साइड का कार्य शुरू भी हो गया है। इसे दिसंबर 2024 तक पूरा करना है। महाकुंभ संपन्न होने के बाद सिटी साइड में पुनर्विकास का कार्य होगा।
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पुनर्विकास के बाद इन दोनों स्टेशनों पर एयरपोर्ट सरीखी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की तैयारी की जा रही है। तैयारी है कि स्टेशन के अंदर सिर्फ यात्रियों को प्रवेश दिया जाए। सामान आदि के लिए यहां एयरपोर्ट की तर्ज पर ट्रॉली की व्यवस्था रेलवे द्वारा की जाएगी। इस वजह से प्लेटफाॅर्म टिकट की बिक्री भी नहीं की जाएगी। फिलहाल, यह व्यवस्था सिर्फ इन्हीं दो स्टेशनों तक सीमित रहेगी।
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विशेष परिस्थिति में स्टेशन तक जाने के लिए नामित अफसर से पास बनवाना होगा। सामान की जांच एक्सरे मशीन से होगी। पार्सल स्कैनर आदि भी रेलवे द्वारा इसी वर्ष लगा दिया जाएगा, ताकि हर एक पार्सल की स्कैनिंग हो सके।
सिविल लाइंस में बनाई जा रही आठ मंजिला इमारत
पिछले वर्ष अगस्त माह में ही पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रयागराज जंक्शन के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया। यहां स्टेशन के दोनों ओर आठ मंजिला इमारत का निर्माण होगा। सिविल लाइंस साइड में यह कार्य शुरू भी हो गया है। यहां प्रथम तीन तल पर रेल संबंधी कार्यालय एवं यात्री सुविधा से जुड़ी चीजें होंगी। ऊपर की मंजिलों पर वाणिज्यिक विकास का प्रावधान किया गया है। यात्रियों के साथ आने वाले लोग जंक्शन पर बनाए जाने वाली शॉपिंग कॉम्पलेक्स, फूड कोर्ट आदि स्थानों तक ही आ सकेंगे। इसके बाद 72 मीटर चौड़े दो कॉनकोर्स पर उनके प्रवेश की मनाही होगी। यहां सिर्फ यात्रियों का ही प्रवेश होगा। क्योंकि कॉनकोर्स से नीचे उतरकर ही यात्री सीधे प्लेटफार्म पर पहुंचेंगे।