फूलपुर लोकसभा : सोनेलाल पटेल की कर्मभूमि पर पत्नी कृष्णा बढ़ाएंगी चुनौती, पीडीएम मोर्चा से लड़ सकती हैं चुनाव
फूलपुर लोकसभा सीट पर भाजपा की ओर से प्रवीण पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है, जबकि सपा गठबंधन ने यहां से अमरनाथ मौर्या को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, बसपा ने डॉ.जगन्नाथ पटेल पर दांव खेला है। फूलपुर के जातीय समीकरण को साधते हुए सभी पार्टियों ने प्रत्याशियों पर दांव चला है।
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अपना दल के संस्थापक स्व.डॉ.सोनेलाल पटेल की कर्मभूमि रही फूलपुर लोकसभा सीट पर चुनावी घमासान तेज होने की अटकलें हैं। सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आ रही है कि इस लोकसभा सीट पर अपना दल कमेरावादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं स्व.डॉ.सोनेलाल पटेल की पत्नी कृष्णा पटेल चुनावी ताल ठोंकने जा रही हैं। इस खबर के सामने आते ही फूलपुर के प्रत्याशियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कहा जा रहा है कि कृष्णा पटेल के चुनाव लड़ने से एनडीए व इंडी दोनों ही गठबंधन के प्रत्याशियों के वोटों का बिखराव होगा।
फूलपुर लोकसभा सीट पर भाजपा की ओर से प्रवीण पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है, जबकि सपा गठबंधन ने यहां से अमरनाथ मौर्या को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, बसपा ने डॉ.जगन्नाथ पटेल पर दांव खेला है। फूलपुर के जातीय समीकरण को साधते हुए सभी पार्टियों ने प्रत्याशियों पर दांव चला है, लेकिन कृष्णा पटेल के पीडीएम मोर्चा से मैदान में आने से चुनाव और दिलचस्प हो जाएगा।
बदलेंगे फूलपुर के समीकरण
फूलपुर में करीब साढ़े 20 लाख मतदाता हैं। इनमें बताया जाता है कि सबसे ज्यादा कुर्मी मतदाता हैं। उसके बाद दलित, मुस्लिम व यादव बिरादरी के वोट सर्वाधिक हैं। भाजपा, सपा और बसपा तीनों ही पार्टियां ओबीसी मत को अपने पाले में लाना चाहती हैं। कृष्णा पटेल भी एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी के साथ होकर पीडीएम मोर्चा यानी पिछड़ा दलित और मुस्लिम का नारा देकर इन वोटों पर अपना अधिकार दिखा रही हैं। पार्टी के पदाधिकारियों का मानना है कि कृष्णा पटेल के चुनाव लड़ने पर डॉ.सोनेलाल पटेल के समर्थकों का वोट पार्टी के खाते में आएगा।
पहले चुनाव लड़ने को नहीं थी तैयार
कृष्णा पटेल ने पहले फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने से इन्कार किया था। तब यह चर्चाएं थीं कि फूलपुर सीट से अनुप्रिया पटेल चुनाव लड़ सकती हैं। कृष्णा पटेल ने साफ कर दिया था कि वह बेटी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगी। पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि अब कृष्णा पटेल चुनाव लड़ने को तैयार हो गई हैं। वाराणसी में 25 अप्रैल को पीडीएम मोर्चा की रैली है। इसके बाद माताजी (कृष्णा पटेल) के नाम की घोषणा की जाएगी।
सोनेलाल पटेल की रही कर्मभूमि
डॉ.सोनेलाल पटेल ने फूलपुर से पांच बार चुनाव लड़ा। वर्ष 1996 में उन्हें 2426 मत, 1998 में 42152 मत, 1999 में 127780 मत, 2004 में 80388 मत और 2009 में 76699 मत प्राप्त हुए। 2009 में ही सोनेलाल का सड़क हादसे में निधन हो गया, जिसके बाद पार्टी की कमान पत्नी कृष्णा पटेल के हाथों में आ गई। फिर पार्टी भी दो धड़े में बंट गई। एक पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद कृष्णा पटेल हैं तो दूसरी पार्टी की कमान उन्हीं की बेटी अनुप्रिया पटेल के हाथ में है। अनुप्रिया पटेल मौजूदा समय में एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं और मिर्जापुर से उनके चुनाव लड़ने की अटकलें हैं।