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पीएचडी विस्तार को डीन से मिल जाएगी मंजूरी
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phd extension will get approval from dean
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) से पीएचडी कर रहे जो छात्र-छात्राएं लॉक डाउन में फंसे हैं और उनकी पीएचडी का समय पूरा हो रहा है, उन्हें पीएचडी विस्तार की मंजूरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा और न ही तमाम तरह की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। डिपार्टमेंटल प्रोग्राम कमेटी के प्रस्ताव पर डीन स्तर से ही इसे मंजूरी मिली जाएगी। यह निर्णय इविवि परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया है। हालांकि इस व्यवस्था को लॉगडाउन तक अस्थायी तौर पर लागू किया गया है।
पीएचडी पूरी करने के लिए अधिकतम छह साल का समय मिलता है। अगर कोई छात्र या छात्रा निर्धारित समय में पीएचडी की पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रहा है तो उसे छह माह का अतिरिक्त समय दिया जाता है। इसके लिए उसे अपने विभागाध्यक्ष के समक्ष आवेदन करना पड़ता है। इस आवेदन को विभागध्यक्ष मंजूर करके रिसर्च डिग्री कमेटी के पास भेजते हैं और कुलपति की अध्यक्षता वाली कमेटी ही इस पर अंतिम मुहर लगाती है। कोविड-19 के मद्देनजर एक जगह भीड़ इकट्ठा करने पर रोक है। ऐसे में बैठकें एवं अन्य आयोजन नहीं हो पा रहे हैं, सो रिसर्च डिग्री कमेटी की बैठक भी नहीं हो सकती है।
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए इविवि परीक्षा समिति ने लॉक डाउन लागू रहने तक प्रक्रिया में बदलाव का निर्णय लिया है। तय हुआ है कि अगर किसी छात्र या छात्रा को पीएचडी पूरी करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय चाहिए तो वह विभागाध्यक्ष को अपना आवेदन देगा। डिपार्टमेंट प्रोग्राम कमेटी (डीपीसी) इसे मंजूरी देकर आवेदन डीन के पास भेज देगी और डीन आवेदन पर अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे। बाद में जब रिसर्च डिग्री कमेटी की बैठक होगी, तब इस बारे में बैठक में रिपोर्ट कर दी जाएगी। यह व्यवस्था लागू होने से लॉक डाउन में फंसे छात्र-छात्राओं को काफी राहत मिलेगी।
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सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ होंगी विधि, प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विधि और प्रोफेशनल कोर्सेज की परीक्षाएं सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ आयोजित की जाएंगी। यह निर्णय इविवि परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया है। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह ने बताया कि एलएलबी, बीएएलएलबी, एलएलएम की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम के तहत होती है। इसी तरह पीजी के अलावा प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई भी सेमेस्टर सिस्टम के तहत कराई जाती है। इसी वजह से विधि और प्रोफेशेनल कोर्सेज की परीक्षाए 15 या 16 जुलाई से शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ आयोजित की जाएंगी।
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पीएचडी पूरी करने के लिए अधिकतम छह साल का समय मिलता है। अगर कोई छात्र या छात्रा निर्धारित समय में पीएचडी की पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रहा है तो उसे छह माह का अतिरिक्त समय दिया जाता है। इसके लिए उसे अपने विभागाध्यक्ष के समक्ष आवेदन करना पड़ता है। इस आवेदन को विभागध्यक्ष मंजूर करके रिसर्च डिग्री कमेटी के पास भेजते हैं और कुलपति की अध्यक्षता वाली कमेटी ही इस पर अंतिम मुहर लगाती है। कोविड-19 के मद्देनजर एक जगह भीड़ इकट्ठा करने पर रोक है। ऐसे में बैठकें एवं अन्य आयोजन नहीं हो पा रहे हैं, सो रिसर्च डिग्री कमेटी की बैठक भी नहीं हो सकती है।
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इस समस्या को ध्यान में रखते हुए इविवि परीक्षा समिति ने लॉक डाउन लागू रहने तक प्रक्रिया में बदलाव का निर्णय लिया है। तय हुआ है कि अगर किसी छात्र या छात्रा को पीएचडी पूरी करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय चाहिए तो वह विभागाध्यक्ष को अपना आवेदन देगा। डिपार्टमेंट प्रोग्राम कमेटी (डीपीसी) इसे मंजूरी देकर आवेदन डीन के पास भेज देगी और डीन आवेदन पर अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे। बाद में जब रिसर्च डिग्री कमेटी की बैठक होगी, तब इस बारे में बैठक में रिपोर्ट कर दी जाएगी। यह व्यवस्था लागू होने से लॉक डाउन में फंसे छात्र-छात्राओं को काफी राहत मिलेगी।
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सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ होंगी विधि, प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विधि और प्रोफेशनल कोर्सेज की परीक्षाएं सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ आयोजित की जाएंगी। यह निर्णय इविवि परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया है। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह ने बताया कि एलएलबी, बीएएलएलबी, एलएलएम की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम के तहत होती है। इसी तरह पीजी के अलावा प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई भी सेमेस्टर सिस्टम के तहत कराई जाती है। इसी वजह से विधि और प्रोफेशेनल कोर्सेज की परीक्षाए 15 या 16 जुलाई से शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ आयोजित की जाएंगी।