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वाणिज्य में पीएचडी प्रवेश का रिजल्ट निरस्त
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्ववविद्यालय (इविवि) के डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट)-2019 के तहत पीएचडी प्रवेश का रिजल्ट निरस्त कर दिया गया है। यह निर्णय शुक्रवार को कुलपति प्रो. आरआर तिवारी की अध्यक्षता में हुई सभी डीन की बैठक में लिया गया। इसके साथ ही अन्य सभी विभागाध्यक्षों से क्रेट-2019 में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची भी तलब कर ली गई है।
कॉमर्स विभाग में छात्रों ने पीएचडी प्रवेश में धांधली के आरोप लगाए थे। कुलपति के साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी शिकायत भेजी दी गई थी। छात्रों का आरोप था कि कुछ शिक्षकों को अपने चहेतों को पीएचडी में प्रवेश देने के लिए इंटरव्यू में मनमाने तरीके से नंबर दे दिए और योग्य अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिन छात्रों की लिखित परीक्षा में तीसरी और पांचवीं रैंक थी और वे नेट भी क्वालीफाई थे, उन्हें इंटरव्यू में न्यूनतम अंक देकर चयन से बाहर कर दिया गया और जिन छात्रों की लिखित परीक्षा में 100 से ऊपर रैंक थी, उन्हें इंटरव्यू में अधिक अंक देकर चयनित कर लिया गया। इसके अलावा भी कई गड़बड़ियों की शिकायत की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने शुक्रवार को सभी डीन की बैठक बुला ली। कॉमर्स विभाग का रिजल्ट निरस्त करने के साथ 15 दिनों के भी इंटरव्यू दोबारा कराने और कुलपति की अनुमति लेकर नए सिरे से परिणाम जारी करने का निर्णय लिया गया। डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के हेड को निर्देश दिए गए कि इस प्रक्रिया को तत्काल पूरा करें। इसके साथ ही सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए कि क्रेट-2019 में चयनित अभ्यर्थियों की फाइनल सूची अभ्यर्थियों को मिले अंकों और श्रेणीवार वितरण की जानकारी समेत चार फरवरी तक उपलब्ध करा दी जाए। बैठक में डीन आर्ट्स प्रो. रंजना बाजपेयी, डीन कॉमर्स प्रो्. एके मुखर्जी, डीन लॉ प्रो. आरके चौबे, डीन साइंस प्रो. शेखर श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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कॉमर्स विभाग में छात्रों ने पीएचडी प्रवेश में धांधली के आरोप लगाए थे। कुलपति के साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी शिकायत भेजी दी गई थी। छात्रों का आरोप था कि कुछ शिक्षकों को अपने चहेतों को पीएचडी में प्रवेश देने के लिए इंटरव्यू में मनमाने तरीके से नंबर दे दिए और योग्य अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिन छात्रों की लिखित परीक्षा में तीसरी और पांचवीं रैंक थी और वे नेट भी क्वालीफाई थे, उन्हें इंटरव्यू में न्यूनतम अंक देकर चयन से बाहर कर दिया गया और जिन छात्रों की लिखित परीक्षा में 100 से ऊपर रैंक थी, उन्हें इंटरव्यू में अधिक अंक देकर चयनित कर लिया गया। इसके अलावा भी कई गड़बड़ियों की शिकायत की गई थी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने शुक्रवार को सभी डीन की बैठक बुला ली। कॉमर्स विभाग का रिजल्ट निरस्त करने के साथ 15 दिनों के भी इंटरव्यू दोबारा कराने और कुलपति की अनुमति लेकर नए सिरे से परिणाम जारी करने का निर्णय लिया गया। डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के हेड को निर्देश दिए गए कि इस प्रक्रिया को तत्काल पूरा करें। इसके साथ ही सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए कि क्रेट-2019 में चयनित अभ्यर्थियों की फाइनल सूची अभ्यर्थियों को मिले अंकों और श्रेणीवार वितरण की जानकारी समेत चार फरवरी तक उपलब्ध करा दी जाए। बैठक में डीन आर्ट्स प्रो. रंजना बाजपेयी, डीन कॉमर्स प्रो्. एके मुखर्जी, डीन लॉ प्रो. आरके चौबे, डीन साइंस प्रो. शेखर श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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