हाईकोर्ट : आईपीएस अधिकारी आशुतोष पांडेय को निदेशक अभियोजन पद से हटाने की हाईकोर्ट में याचिका
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी आशुतोष पांडेय को निदेशक अभियोजन पद से हटाने के लिए उनके खिलाफ दाखिल को-वारंटो की याचिका पर आईपीएस अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी आशुतोष पांडेय को निदेशक अभियोजन पद से हटाने के लिए उनके खिलाफ दाखिल को-वारंटो की याचिका पर आईपीएस अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर कहा है कि तामिला सीजेएम लखनऊ के मार्फत किया जाए। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर 10 फरवरी को सुबह 10 बजे सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश जस्टिस एसपी केसरवानी एवं जस्टिस जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने किशन कुमार पाठक की याचिका पर पारित किया है। याचिका दाखिल कर कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के निदेशक अभियोजन पद पर आईपीएस अधिकारी आशुतोष पांडेय की नियुक्ति गलत है।
कहा गया है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 25 ए के तहत वकील ही इस पद पर नियुक्त किया जा सकता है। पांडेय वकील नहीं हैं। इस कारण वह सीआरपीसी की धारा 25ए में पद के लिए विहित अर्हता धारण नहीं करते हैं। कहा गया है कि उनकी नियुक्ति से पूर्व मुख्यमंत्री की सहमति भी नहीं ली गई है, जो दंड प्रक्रिया संहिता की उक्त धारा के अन्तर्गत निदेशक अभियोजन पद पर नियुक्ति के लिए जरूरी है।