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वाराणसी, गोरखपुर रूट की बस पकड़ने में निकला जा रहा पसीना
Fri, 22 Feb 2019 02:06 AM IST
shubham
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: shubham
Updated Fri, 22 Feb 2019 02:06 AM IST
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up roadways
वाराणसी, गोरखपुर रूट की बस पकड़ने के लिए आम लोगों का पसीना निकल जा रहा है। पिछले माह मकर संक्रांति के पहले से ही इस रूट की बसों का संचालन अंदावा स्थित अस्थायी बस स्टेशन से हो रहा है। अंदावा पहुंचने और वहां से शहर आने में लोगों को खासी मुसीबत हो रही है। कुंभ के सभी महत्वपूर्ण स्नान भी अब पूरे हो चुके हैं, फिर भी रोडवेज अब भी इन बसों का संचालन सिविल लाइंस बस स्टेशन की बजाया अंदावा स्थित अस्थायी बस स्टेशन से कर रहा है।
कुंभ मेला शुरू होने के पूर्व ही जिला प्रशासन के निर्देश पर रोडवेज ने सिविल लाइंस बस स्टेशन और जीरो रोड बस स्टेशन से संचालित होने वाली विभिन्न रूटों की बसें शहर के बाहर बनाए गए अस्थायी बस स्टेशनों पर शिफ्ट कर दीं। एकाएक बसों को शिफ्ट कर दिए जाने की वजह से यात्रियों को खासी दिक्कत हुई। यूं तो रोडवेज की ओर से अस्थायी बस स्टेशन से शहर के लिए शटल बस सेवा शुरू की गई लेकिन, ज्यादातर यात्रियों की यही शिकायत रही कि उन्हें शटल सेवा का लाभ नहीं मिला। मौनी अमावस्या के बाद रोडवेज ने लखनऊ, कानपुर, फैजाबाद रूट की बसें सिविल लाइंस बस स्टेशन से शुरू कर दीं लेकिन, वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर, बांदा, चित्रकूट आदि रूट की बसें अंदावा और नैनी स्थित लेप्रेसी मिशन चौराहे से ही संचालित हो रही हैं।
इन दोनों ही अस्थायी बस स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को अपने साधन से ही पहुंचना होता है। इससे उनकी जेब भी हल्की हो रही है। प्रयागराज से भदोही जाने वाले दैनिक यात्री अरविंद मिश्र, रोहित शर्मा ने बताया कि अब जब मेला तकरीबन पूरा हो चुका है तो शहर से ही वाराणसी रूट की बसें संचालित क्यों नहीं हो रही हैं। कहा कि पिछले एक माह से अंदावा पहुंचने में उन्हें तकरीबन हर रोज परेशानी ही हुई। इसी तरह मिर्जापुर जाने वाले दैनिक यात्री रविप्रकाश, सोमनाथ यादव, पुनीत शुक्ला ने भी शहर से ही रोडवेज बसें चलाने की मांग की। कहा कि बसें न चलने से उन्हें हर रोज टेंपो, विक्रम से पहले नैनी पहुंचना होता है।
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‘जिला प्रशासन को ही इस बारे में निर्णय लेना है। अगर बसों को शहर में लाने का निर्देश मिलेगा तो निश्चित ही वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर रूट की बसों का संचालन सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन से शुरू कर दिया जाएगा।’
00 डा. हरिशचंद्र, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपी रोडवेज इलाहाबाद परिक्षेत्र।
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कुंभ मेला शुरू होने के पूर्व ही जिला प्रशासन के निर्देश पर रोडवेज ने सिविल लाइंस बस स्टेशन और जीरो रोड बस स्टेशन से संचालित होने वाली विभिन्न रूटों की बसें शहर के बाहर बनाए गए अस्थायी बस स्टेशनों पर शिफ्ट कर दीं। एकाएक बसों को शिफ्ट कर दिए जाने की वजह से यात्रियों को खासी दिक्कत हुई। यूं तो रोडवेज की ओर से अस्थायी बस स्टेशन से शहर के लिए शटल बस सेवा शुरू की गई लेकिन, ज्यादातर यात्रियों की यही शिकायत रही कि उन्हें शटल सेवा का लाभ नहीं मिला। मौनी अमावस्या के बाद रोडवेज ने लखनऊ, कानपुर, फैजाबाद रूट की बसें सिविल लाइंस बस स्टेशन से शुरू कर दीं लेकिन, वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर, बांदा, चित्रकूट आदि रूट की बसें अंदावा और नैनी स्थित लेप्रेसी मिशन चौराहे से ही संचालित हो रही हैं।
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इन दोनों ही अस्थायी बस स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को अपने साधन से ही पहुंचना होता है। इससे उनकी जेब भी हल्की हो रही है। प्रयागराज से भदोही जाने वाले दैनिक यात्री अरविंद मिश्र, रोहित शर्मा ने बताया कि अब जब मेला तकरीबन पूरा हो चुका है तो शहर से ही वाराणसी रूट की बसें संचालित क्यों नहीं हो रही हैं। कहा कि पिछले एक माह से अंदावा पहुंचने में उन्हें तकरीबन हर रोज परेशानी ही हुई। इसी तरह मिर्जापुर जाने वाले दैनिक यात्री रविप्रकाश, सोमनाथ यादव, पुनीत शुक्ला ने भी शहर से ही रोडवेज बसें चलाने की मांग की। कहा कि बसें न चलने से उन्हें हर रोज टेंपो, विक्रम से पहले नैनी पहुंचना होता है।
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‘जिला प्रशासन को ही इस बारे में निर्णय लेना है। अगर बसों को शहर में लाने का निर्देश मिलेगा तो निश्चित ही वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर रूट की बसों का संचालन सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन से शुरू कर दिया जाएगा।’
00 डा. हरिशचंद्र, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपी रोडवेज इलाहाबाद परिक्षेत्र।