बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर उतरे लोग, आमरण अनशन पर बैठा परिवार
सगी बहनों की मौत के मामले को लेकर अब सियासी दल भी पुलिस के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिए सोमवार को पिता अपने कुनबे के साथ अंबेडकर चौराहे पर परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठ गया। उनके समर्थन में कांग्रेस, एआईएमआईएम व भीम आर्मी के नेता पहुंचे। कमिश्नर को ज्ञापन देने पहुंचे जिलाधिकारी से कांग्रेसी नेताओं की तकरार और पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस की कार्रवाई पर लोगों ने सवाल उठाए। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर व सीओ सिटी को ज्ञापन सौंपा।
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ निवासी सुभाषचंद्र राव सोमवार को अपने कुनबे के साथ कांग्रेस कार्यालय पहुंचा। यहां उनकी मुलाकात कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से होनी थी। हालांकि थोड़ी ही देर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रमन पासी, अजीत पासी अपनी टीम के साथ पहुंचे। सभी अंबेडकर प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए।
तीन दिनों से सुभाष घर पर ही खाना छोड़ कर अनशन पर बैठा था। परिवार के लोगों की मदद में भीम आर्मी के नेता इंसाफ की आवाज बुलंद करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। उनके समर्थन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्र, नीरज तिवारी अफसरों से बातचीत करते रहे। बाद में लखनऊ से आए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में शामिल विवेकानंद पाठक, सुशील पासी व प्रदीप कोरी ने परिवार के लोगों से बातचीत की। इस बीच बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिए परिवार के समर्थन में एआईएमआईएम के नेता इसरार अहमद भी अपनी टीम के साथ पहुंचे।
सभी लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताने लगे। प्रकरण को लेकर कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त डा. आशीष गोयल से मिलने के लिए एनआईसी पहुंचे। जहां जिलाधिकारी से कांग्रेसी नेताओं की तकरार हुई। पुलिसकर्मी बचाव में आगे आए और कांग्रेसी नेताओं को रोकने का प्रयास करने लगे। जिसे लेकर धक्कामुक्की होने लगी।
कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए मंडलायुक्त से मिलने की जिद करने लगे। बाद में कांग्रेसी नेताओं ने कमिश्नर को आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। वहां से निकलकर सभी नेता अंबेडकर चौराहे पर पहुंचे। यहां एसडीएम सदर विजयपाल सिंह और सीओ सिटी अभय पांडेय के सामने भी नेता सवाल उठाते रहे। जिसे लेकर हंगामा होने लगा। भीम आर्मी सेना ने भी पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद भी पहुंच गए।
पुलिस को गुमराह कर अंबेडकर चौराहे पर पहुंचा सुभाष
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ की रहने वाली शिवांगी व अंजलि की मौत के बाद परिवार पर दुुुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सोमवार को सुभाष अपने परिवार के साथ अंबेडकर चौराहा आ रहा था।
अष्टभुजानगर तिराहे पर सिविल लाइन पुलिस चौकी प्रभारी मिले। परिवार के लोगों से बातचीत करते हुए समझाने लगे। सुभाष ने कहा कि जैसे घर पर रहते हैं। वैसे कचहरी में बैठेंगे। यह कहते हुए सभी घर की ओर लौट गए लेकिन कुछ देर बाद दूसरे रास्ते से अंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर धरना देने लगे। जिससे पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए।
आखिर किसके दबाव में हुआ दोनों बहनों का अंतिम संस्कार, सीबीआई जांच की मांग
सगी बहनों की मौत के मामले में कांग्रेस नेता व भीम आर्मी सेना ने पुलिस प्रशासन के सामने तमाम सवाल उठाए। लोगों ने घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने साल उठाया कि आखिर कौन सी ऐसी वजह थी कि रात में शिवांगी व अंजलि के शव को अंतिम संस्कार किया गया।
पोस्टमार्टम के दौरान मजिस्ट्रेट की नियुक्ति किस वजह से नहीं की गई। निरंकारी समाज को मानने वाली बेटियों का शव दफनाने के बजाय जलवाना भी अपराध है। पोस्टमार्टम के दौरान सुभाष व उसके पिता चिंतामणि को पुलिस लाइन में किस वजह से रखा गया। सदर विधायक राजकुमार पाल ने रुपये का प्रलोभन देकर लाशों का अंतिम संस्कार कराने का दबाव क्यूं बनाया।

कचहरी स्थित एनआईसी में कमिश्नर को ज्ञापन देने जुलूस के साथ पहुंचे कांग्रेस के लोग।- फोटो : PRATAPGARH

कचहरी स्थित एनआईसी में कमिश्नर को ज्ञापन देने आये कांग्रेसियों को पुलिस द्वारा रोकने पर होती हा?- फोटो : PRATAPGARH

अम्बेडकर चौराहे पर अनशन पर बैठे मृत बेटियों के परिजनों के साथ आये कांग्रेसी।- फोटो : PRATAPGARH

अम्बेडकर चौराहे पर अनशन पर बैठे मृत दोनों बेटियों के परिजन।- फोटो : PRATAPGARH