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Prayagraj News: नाले पर लोगों का अतिक्रमण, खेत में पानी का... किसानों की डूबी 700 एकड़ फसल
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मेजा के अमिलिया कला और सोनाई गांव के बॉर्डर पर करीब 500 एकड़ धान की फसल लबालब डूबी पड़ी है।
मेजा के सोनाई गांव से गुजरने वाले नाले ने सैकड़ों किसानों की करीब 700 एकड़ फसल डूबो दी है। लोगों के अतिक्रमण और जगह-जगह पटने की वजह से नाले से जल निकासी नहीं हो पाई और बारिश का पानी बाहर नहीं निकल सका। जिसके चलते सोनाई, अमिलिया कला और आसपास का इलाका जलमग्न हो गया। इससे धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। वहीं, किसानों ने मामले की शिकायत अफसरों से की लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे।
पिछले दिनों एक सप्ताह तक हुई बारिश से कोरांव, मेजा, बारा के कई इलाके पानी में डूब गए। किसानों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। इसके अलावा बड़े क्षेत्र पर ग्रामीणों द्वारा नाले पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है।
बीते दिनों कोरांव में लपरी नदी के अचानक उफान पर आने से दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। प्रशासन ने सक्रियता दिखाई तो दो दिनों में लपरी का पानी तो निकल गया, लेकिन मेजा में संकट गहरा गया है। मेजा में सोनाई गांव से नाला गुजरता है जो नरवर चाैखटा घाट पर गंगा नदी में मिलता है लेकिन यह नाला जगह-जगह से पट गया है। इसके अलावा अतिक्रमण भी हो गया है। जिसने किसानों की फसलें डूबो दी।
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पिछले दिनों एक सप्ताह तक हुई बारिश से कोरांव, मेजा, बारा के कई इलाके पानी में डूब गए। किसानों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। इसके अलावा बड़े क्षेत्र पर ग्रामीणों द्वारा नाले पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है।
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बीते दिनों कोरांव में लपरी नदी के अचानक उफान पर आने से दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। प्रशासन ने सक्रियता दिखाई तो दो दिनों में लपरी का पानी तो निकल गया, लेकिन मेजा में संकट गहरा गया है। मेजा में सोनाई गांव से नाला गुजरता है जो नरवर चाैखटा घाट पर गंगा नदी में मिलता है लेकिन यह नाला जगह-जगह से पट गया है। इसके अलावा अतिक्रमण भी हो गया है। जिसने किसानों की फसलें डूबो दी।
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