फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   people are calling for help in illness of self and his family members

मेरा बेटा बीमार है, उसे घर पहुंचा दीजिए

Fri, 03 Apr 2020 12:54 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 12:54 AM IST
विज्ञापन
people are calling for help in illness of self and his family members
जिले के एमसीआर (मॉडर्न कंट्रोल रूम) को इन दिनों कुछ अलग ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर पर यूपी ही नहीं देश के कोने-कोने से लोग फोन कर कर रहे हैं। उनकी सिर्फ एक ही ख्वाहिश होती है की कंट्रोल रूम वाले उनके घरवालों को प्रयागराज से निकालकर घर पहुंचा दें। पुलिसवाले बेहद विनम्र भाषा में उन्हें समझाते हैं की पुलिस लॉकडाउन तक उनका पूरा ख्याल रखेगी, लेकिन यहां से निकलना संभव नहीं है, जब तक कि सरकार लॉकडाउन खत्म करने का आदेश न दे दे। इस समय कंट्रोल रूम में अधिकांश फोन इसी बात के लिए आ रहे हैं।
विज्ञापन

प्रयागराज में बड़ी संख्या में पूरे प्रदेश और आसपास के प्रदेशों के बच्चे पढ़ाई करते हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत तमाम इंजीनियरिंग कॉलेज और कॉलेजों में पढ़ने वाले बाहरी छात्र बड़ी संख्या यहां रहते हैं। इसके अलावा संगम आने वाले तीर्थयात्री भी प्रतिदिन यहां आते हैं। हाईकोर्ट के काम से भी कई जिलों व अन्य प्रदेशों से लोगों का प्रतिदिन यहां आना जाना होता है। पहले दिन लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं, तीर्थयात्री और बाहरी लोग शहर और आसपास के इलाकों में ही फंस गए थे। अधिकांश छात्र-छात्राएं या तो हॉस्टल में या फिर डेलीगेसी में रहते हैं। लॉकडाउन के बाद उनके घरवाले परेशान होकर कंट्रोल रूम को फोन कर रहे हैं। अहमदाबाद में रहने वाले रामकेवल के बेटे सिद्धांत यहां कटरा में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। रामकेवल अक्सर कंट्रोल रूम में फोन कर कहते हैं कि उनके बेटे को किसी तरह अहमदाबाद पहुंचा दिया जाए।
विज्ञापन

इसके लिए वह कितना भी पैसा खर्च करने को तैयार हैं। हैदराबाद से तीर्थयात्रियों को लेकर एक बस लव टोन से पहले प्रयागराज पहुंची थी, कुछ लोग तीर्थपुरोहितों के यहां रुके हुए हैं तो कुछ जान पहचान वालों के यहां। उनके परिजन उनके संपर्क में तो हैं, लेकिन जब-जब कहीं से कोई मदद नहीं मिली तो इंटरनेट से लेकर प्रयागराज कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर पर फोन किया। वे लॉकडाउन पास बनवाने की जिद करने लगे। पुलिसवालों ने उन्हें समझाया कि यह संभव नहीं है। तमाम जिले व प्रदेशों की सीमाएं पूरी तरह सील हैं। किसी को भी आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। खाने-पीने और दवाओं का प्रशासन पूरा ख्याल रख रहा है, कहीं कोई परेशानी हो तो कंट्रोल रूम को फोन किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भुवनेश्वर के आठ तीर्थयात्री कीडगंज में रहने वाले एक तीर्थपुरोहित के घर रुके हुए हैं। भुवनेश्वर से उनके घरवाले लगातार कंट्रोल रूम को फोन कर उन्हें किसी तरह से प्रयागराज से उड़ीसा जाने के लिए कर्फ्यू पास बनाने के लिए कह रहे हैं। वह बताते हैं कि साधना को सांस की बीमारी है। उसका आना बहुत जरूरी है। पुलिस वाले उन्हें समझाते हैं कि उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाएगा। लेकिन लॉकडाउन से पहले उन्हें उड़ीसा पहुंचाना संभव नहीं है।
कंट्रोल रूम का नजारा बदला हुआ है। पुलिस वाले लोगों को समझा रहे हैं। जो खाने के लिए कहते हैं, उनकी मदद की जा रही है। पीआरवी की टीमें राशन पहुंचा रही हैं। करेली में पीआरवी की टीम ने एक घर में देर रात दवा पहुंचाई। बाहर से लोग फोन कर लगातार कह रहे हैं कि उनके घरवालों को किसी तरह घर पहुंचा दिया जाए।
आरपी पांडेय, आरआई (एमसीआर)
देवरिया के रहने वाले देवी शरण सिंह की बेटी रश्मि झूंसी में रहकर 3 सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। लॉकडाउन के बाद रश्मि झूंसी में ही है। घरवाले उससे प्रतिदिन बात कर रहे हैं, लेकिन उनका मन फिर भी नहीं मान रहा है। देवी शरण ने कंट्रोल रूम में फोन कर कहा, चाहे पैसा लगे, चाहे सोर्स मेरी बेटी को देवरिया भिजवा दीजिए।

बंगलूरू के चिन्नास्वामी पत्नी राधम्मा अपने मोहल्लेवालों के 12 लोगों के साथ काशी और प्रयाग की तीर्थयात्रा पर आई थी। अचानक लॉकडाउन के बाद जब ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया तो सभी लोग प्रयागराज में ही फंस गए। पहले तो वे एक धर्मशाला में रुके थे, लेकिन बाद में उन्हें वहां से भी निकलना पड़ा। अब वह एक तीर्थपुरोहित के घर पर हैं। चिन्नास्वामी रोते हुए कंट्रोल रूम के सिपाही से कहते हैं- मेरी पत्नी बीमार है, उसे जल्द न पहुंचाया गया तो कुछ भी हो सकता है। पुलिसवाले हर बार यही कहते हैं- उनकी पत्नी का पूरा ख्याल रखा जाएगा, लेकिन लॉकडाउन में उन्हें बंगलूरू पहुंचाना संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed