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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   PCS Topper Alok Singh: First IITian after leaving the village became SDM, now eye on collectorate

PCS Topper Alok Singh : गांव से निकलकर पहले आईआईटीयन फिर बने एसडीएम, अब कलेक्टरी पर नजर

Sat, 08 Apr 2023 11:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 08 Apr 2023 11:13 PM IST
सार

यूपीपीसीएस के शुक्रवार को आए परिणाम में 13वीं रैंक के साथ सफलता पाने वाले आलोक सिंह शंकरगढ़ के रहने वाले हैं। वह राजापुर स्थित रानी रेवती देवी के छात्र रहे। सफलता किसी खास स्थान या सुविधाओं का मोहताज नहीं होती।

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PCS Topper Alok Singh: First IITian after leaving the village became SDM, now eye on collectorate
Prayagraj News : आलोक सिंह, पीसीएस टॉपर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

यूपीपीसीएस के शुक्रवार को आए परिणाम में 13वीं रैंक के साथ सफलता पाने वाले आलोक सिंह शंकरगढ़ के रहने वाले हैं। वह राजापुर स्थित रानी रेवती देवी के छात्र रहे। सफलता किसी खास स्थान या सुविधाओं का मोहताज नहीं होती। बस सही दिशा और ईमानदार प्रयास की जरूरत होती है। शंकरगढ़ के आलोक सिंह ने यह सिद्ध किया है। इसी वर्ष रिटायर होने वाले पिता प्रभाकर सिंह कानूनगो थे तो आलोक उन्हीं तहसीलों में अब एसडीएम होंगे। उन्होंने 13वीं रैंक के साथ पीसीएस-2022 में सफलता हासिल की है।

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आलोक ने नौवीं तक पढ़ाई कोरांव के गोपाल विद्यालय इंटर कॉलेज से की लेकिन इनकी मेधा को देखते हुए पिता ने 10वीं में शहर के राजापुर स्थित रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज में दाखिला करा दिया। आलोेक ने इसी स्कूल से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की। 10वीं में जिले की मेरिट लिस्ट में भी शामिल रहे। इंटर के बाद ही उनका आईआईटी गांधीनगर में चयन हो गया और वहां से इलेक्टि्रक इंजीनियरिंग से बीटेक की। इसके बाद 2016 से 2020 तक भारत पेट्रोलियम में नौकरी की, लेकिन प्रशासनिक अफसर बनने की चाहत थी। इसलिए नौकरी छोड़ दी।

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अब दो वर्ष के प्रयास के बाद उनका एसडीएम पद के लिए चयन हुआ है। यह इनका दूसरा प्रयास था। आलोक ने संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सर्विसेज-2022 मुख्य परीक्षा में भी सफलता हासिल की है और एक मई का उनका साक्षात्कार है। आलोक शनिवार को शंकरगढ़ स्थित घर पर रहे, लेकिन साक्षात्कार की तैयारी के लिए वह एक-दो दिन में दिल्ली चले जाएंगे। आलोक का कहना है कि सफलता का कोई शार्टकट फॉर्मूला नहीं है। लक्ष्य बनाने के साथ सही दिशा में सतत प्रयास से सफलता जरूर हासिल होती है।

आलोक का कहना है कि माता-पिता के अलावा स्कूलों से उन्हें हमेशा प्रेेरणा मिलती ही। यही वजह रही कि एसडीएम पद पर चयन के अगले दिन ही आलोक रानी रेवती देवी स्कूल पहुंचे और गुरुजनों का आशीर्वाद लिया। साथ ही छात्रों को प्रेरित किया। आलोक की माता गृहिणी हैं। छोटी बहन बंगलुरु में नौकरी करती हैं। वहीं बड़ी बहन ने बीएचयू से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की है।

स्कूल में हुआ स्वागत


रानी रेेवती देवी स्कूल में आलोक का स्वागत किया गया। आलोक के अचानक स्कूल पहुंचने पर उत्साह का माहौल बन गया। आलोक ने छात्राें संघ अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि मेहनत से घबराएं नहीं। स्कूल की हर गतिविधि में प्रतिभाग करें। इससे मानसिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि आपको जब भी जरूरत होगी विद्यालय में उपस्थित हो जाऊंगा। प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडेय ने विद्यार्थियों से आलोक सिंह से प्रेरणा लेने की बात कही। आलोक की सफलता के बाद शंकरगढ़ के कोहड़िया गांव स्थित घर पर भी जश्न का माहौल रहा। बधाई देने वालों के आने-जाने का क्रम लगातार जारी रहा।

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