पीसीएस अभ्यर्थियों को झटका, प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे बीडीओ के पद, नई भर्तियां फंसीं
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बीडीओ के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में हुए इस बदलाव के लिए उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग राजपत्रित अधिकारी सेवा नियमावली, 1991 में संशोधन किया जाएगा। मुख्य सचिव की ओर से ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त को पत्र जारी कर कहा गया कि नियमावली संशोधन का मॉडल ड्राफ्ट एक सप्ताह के अंदर शासन को उपलब्ध करा दिया जाए। मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में यह भी बताया गया कि बीडीओ के स्वीकृत 857 पदों के मुकाबले तकरीबन 336 पद रिक्त हैं और इन पदों को किसी भी माध्यम से भरा नहीं जा पा रहा है।
ऐसे में बीडीओ के इन रिक्त पदों पर अन्य विभागों के राजपत्रित अधिकारियों से भरे जाने के लिए नियमावली में संशोधन का निर्णय लिया गया है। मुख्य सचिव की ओर से यह पत्र जारी किए जाने के बाद पीसीएस-2020 के तहत बीडीओ के पदों पर भर्ती फंस गई है, जबकि बीडीओ के पदों पर भर्ती अब तक पीसीएस परीक्षा के माध्यम से ही होती रही है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से बीडीओ के पद बड़ी संख्या में खाली हैं और इन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए ग्राम्य विकास विभाग की ओर से पदों का अधियाचन नहीं भेजा जा रहा है।
इस मसले पर प्रतियोगी छात्रों ने अपना विरोध भी दर्ज कराया था और आरोप लगाया था कि बीडीओ के पदों पर दूसरे विभागों के अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। इस मसले पर शासन की ओर से चार सितंबर 2018 को एक पत्र भी जारी किया गया था, जिसमें भ्रष्टाचार के मामले का जिक्र करते हुए रिक्त पदों पर दूसरों विभागों के अफसरों को अतिरिक्त प्रभार न देने की बात कही गई थी। साथ ही रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजकर भर्ती कराए जाने को कहा गया था।