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पीसीएस-2016 मेंस में कोई बदलाव नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 27 Sep 2015 02:03 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2016 के परीक्षा प्रारूप में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा। आगामी सत्र में भी पीसीएस मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषयों की परीक्षा होगी। हालांकि आयोग की ओर से जारी कैलेंडर में इस बाबत कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन परीक्षा की अवधि को देखते हुए यह माना जा रहा है कि प्रारूप में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा। इसके विरोध में प्रतियोगियों ने आंदोलन की घोषणा की है।
सिविल सेवा में मुख्य परीक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए एक ही वैकल्पिक पेपर कर दिया गया है। दूसरे विषय की जगह सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। पीसीएस में भी इस बदलाव की उम्मीद की जा रही थी। पीसीएस-2015 से इस बदलाव को लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा भी गया था, लेकिन उसे वापस कर दिया गया। ऐसे में माना जा रहा था कि पीसीएस-2016 से नया प्रारूप लागू कर दिया जाएगा।
इसके विपरीत आयोग की ओर जारी से कैलेंडर के अनुसार पीसीएस-2016 मुख्य परीक्षा भी 15 दिन होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि परीक्षा प्रारूप में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर इसका विरोध शुरू हो गया है। प्रतियोगियों का कहना है कि स्केलिंग का लाभ कुछ लोगों को देने के लिए आयोग ने परीक्षा प्रारूप में बदलाव नहीं किया है।
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सिविल सेवा में मुख्य परीक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए एक ही वैकल्पिक पेपर कर दिया गया है। दूसरे विषय की जगह सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। पीसीएस में भी इस बदलाव की उम्मीद की जा रही थी। पीसीएस-2015 से इस बदलाव को लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा भी गया था, लेकिन उसे वापस कर दिया गया। ऐसे में माना जा रहा था कि पीसीएस-2016 से नया प्रारूप लागू कर दिया जाएगा।
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इसके विपरीत आयोग की ओर जारी से कैलेंडर के अनुसार पीसीएस-2016 मुख्य परीक्षा भी 15 दिन होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि परीक्षा प्रारूप में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर इसका विरोध शुरू हो गया है। प्रतियोगियों का कहना है कि स्केलिंग का लाभ कुछ लोगों को देने के लिए आयोग ने परीक्षा प्रारूप में बदलाव नहीं किया है।
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