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निरीक्षकों को द्वितीय प्रोन्नति ग्रेड पे देने का आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 29 Jan 2015 11:41 PM IST
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पुलिस विभाग में कार्यरत निरीक्षकों (इंस्पेक्टर्स) के लिए यह राहत भरी खबर है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि निरीक्षकों को द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान (ग्रेड पे 5400) दिए जाने पर आठ सप्ताह में निर्णय लें। इन निरीक्षकों की प्रशिक्षण अवधि के दो वर्ष भी सेवा काल में जोड़ जाने पर सर्कुलर के मद्देनजर निर्णय लिया जाए।
इलाहाबाद के खुल्दाबाद थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह सहित प्रदेश के कई जिलों में तैनात दर्जनों निरीक्षकों ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने याचिकाओं को एक साथ निस्तारित करते हुए कहा कि सरकार याचीगणों का दावा स्वीकार करते हुए 21 जुलाई 2011 को शासनादेश जारी कर चुकी है। याचीगणों का मामला इसी शासनादेश के क्रम में निस्तारित किया जाए।
अधिवक्ता विजय गौतम के मुताबिक याचीगणों की नियुक्ति 1989 में उपनिरीक्षक पद पर हुई थी। मुरादाबाद में इन्होंने दो वर्ष का प्रशिक्षण लिया। 1990 में उपनिरीक्षक पद पर तैनाती दी गई और वर्ष 2014 में वह निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत किए गए। मगर उनको द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान 5400 रुपये का ग्रेड पे नहीं दिया गया। प्रशिक्षण अवधि का कार्यकाल भी सेवा में जोड़ा नहीं गया। सरकार ने चार जुलाई 2010, 21 जुलाई 2011, 22 दिसंबर 2011 और 17 मार्च 2012 को शासनादेश जारी कर निर्णय लिया कि पुलिस विभाग में 16 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियोें की प्रशिक्षण अवधि को जोड़कर द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान दिया जाना चाहिए।
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इलाहाबाद के खुल्दाबाद थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह सहित प्रदेश के कई जिलों में तैनात दर्जनों निरीक्षकों ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने याचिकाओं को एक साथ निस्तारित करते हुए कहा कि सरकार याचीगणों का दावा स्वीकार करते हुए 21 जुलाई 2011 को शासनादेश जारी कर चुकी है। याचीगणों का मामला इसी शासनादेश के क्रम में निस्तारित किया जाए।
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अधिवक्ता विजय गौतम के मुताबिक याचीगणों की नियुक्ति 1989 में उपनिरीक्षक पद पर हुई थी। मुरादाबाद में इन्होंने दो वर्ष का प्रशिक्षण लिया। 1990 में उपनिरीक्षक पद पर तैनाती दी गई और वर्ष 2014 में वह निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत किए गए। मगर उनको द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान 5400 रुपये का ग्रेड पे नहीं दिया गया। प्रशिक्षण अवधि का कार्यकाल भी सेवा में जोड़ा नहीं गया। सरकार ने चार जुलाई 2010, 21 जुलाई 2011, 22 दिसंबर 2011 और 17 मार्च 2012 को शासनादेश जारी कर निर्णय लिया कि पुलिस विभाग में 16 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियोें की प्रशिक्षण अवधि को जोड़कर द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान दिया जाना चाहिए।
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