{"_id":"577820064f1c1b797179c3bb","slug":"pattern-of-recruitment-of-lab-technician-changed","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैब तकनीशियन भर्ती का बदला पैटर्न ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लैब तकनीशियन भर्ती का बदला पैटर्न
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती के लिए लैब तकनीशियन की होने वाली भर्ती नए पैटर्न पर होगी। साक्षात्कार की बजाय उनको लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला है। लिखित परीक्षा में भ्यर्थियों से इंटरमीडिएट स्तर के पाठ्यक्रम से सवाल पूछे जाने है। इस पर अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि यह गलत है। अभ्यर्थियों से डिप्लोमा के दौरान पढ़ाए जाने वाले विषयों से ही पाठ्यक्रम निर्धारित करने थे। उन्होंने इस संबंध में भर्ती आयोग को पत्र लिखकर पाठ्यक्रम में बदलाव की मांग की है।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने लैब तकनीशियन के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। भर्ती के लिए उसने जो पाठ्यक्रम निर्धारित किया है, उसको लेकर आवेदन करने वालों में आक्रोश है। पैरामेडिकल संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष जय प्रकाश बिंद ने कहा कि आयोग ने जो पाठ्यक्रम निर्धारित किया है, वह इंटरमीडिएट में पढ़ाए जाने वाले विषयों से हैं। डिप्लोमा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को उसमें शामिल ही नहीं किया है जबकि पूरी परीक्षा को उनके डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अनुसार कराना चाहिए। अभ्यर्थियों ने पाठ्यक्रम को गलत बताया। कहा कि आयोग इसे बदले। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो अभ्यर्थी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने लैब तकनीशियन के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। भर्ती के लिए उसने जो पाठ्यक्रम निर्धारित किया है, उसको लेकर आवेदन करने वालों में आक्रोश है। पैरामेडिकल संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष जय प्रकाश बिंद ने कहा कि आयोग ने जो पाठ्यक्रम निर्धारित किया है, वह इंटरमीडिएट में पढ़ाए जाने वाले विषयों से हैं। डिप्लोमा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को उसमें शामिल ही नहीं किया है जबकि पूरी परीक्षा को उनके डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अनुसार कराना चाहिए। अभ्यर्थियों ने पाठ्यक्रम को गलत बताया। कहा कि आयोग इसे बदले। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो अभ्यर्थी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन