सपा में बगावती तेवर : टिकट नहीं मिलने से नाराज परवेज अहमद लड़ सकते निर्दलीय, ऋचा ने भी जताई नाराजगी
शहर दक्षिणी से रईस शुक्ला को टिकट दिए जाने की घोषणा के अगले दिन बृहस्पतिवार को परवेज अहमद ने अपने आवास पर समर्थकों की बैठक बुलाई। उसमें सभी विकल्पों पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि टिकट में बदलाव के लिए शीर्ष नेतृत्व को 24 घंटे का समय दिया जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सपा में टिकट न पाने वाले नेताओं की नाराजगी मुखर होने लगी है। तीन नेताओं ने बुधवार को ही पार्टी छोड़ दी थी, अब दो अन्य नेताओं ने भी तेवर तल्ख कर लिए हैं। पूर्व विधायक परवेज अहमद के तो निर्दलीय लड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ाते हुए उन्होंने 24 घंटे का समय दिया है। इनके अलावा डॉ.ऋचा सिंह ने भी शहर पश्चिमी से अमरनाथ मौर्य को टिकट दिए जाने पर नाराजगी जताई है।
शहर दक्षिणी से रईस शुक्ला को टिकट दिए जाने की घोषणा के अगले दिन बृहस्पतिवार को परवेज अहमद ने अपने आवास पर समर्थकों की बैठक बुलाई। उसमें सभी विकल्पों पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि टिकट में बदलाव के लिए शीर्ष नेतृत्व को 24 घंटे का समय दिया जाए।
इसके बाद आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी। हालांकि, समर्थकों का कहना था कि टिकट नहीं मिलने पर परवेज निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं परवेज का कहना है कि एमएलसी के चुनाव में रईस शुक्ला के खिलाफ ही कार्यकर्ताओं ने प्रचार किया था। अब उन्हीं रईस के लिए प्रचार करने के लिए कहा जा रहा है। परवेज का यह भी कहना है कि शहर दक्षिणी का कार्यकर्ता उनके साथ है।
डॉ.ऋचा सिंह का भी कहना है कि अमरनाथ मौर्य पहले भाजपा में थे और भाजपा के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने प्रचार किया था। अब नेतृत्व भाजपा से आए व्यक्ति के लिए प्रचार करने के लिए कह रही है। डॉ.ऋचा का कहना है कि टिकट में बदलाव के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात की जा रही है। उनके निर्देश के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।
फाफामऊ के साथ शहर उत्तरी में भी असमंजस बरकरार
सपा से दावेदारी को लेकर फाफामऊ विधानसभा क्षेत्र के लिए दुविधा की स्थिति बनी हुई है। पार्टी ने अभी तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसके अलावा शहर उत्तरी से संदीप यादव ने बृहस्पतिवार को नामांकन नहीं किया। बताया जा रहा है कि संदीप बसंत पंचमी के दिन नामांकन कर सकते हैं। इसी बीच भाजपा के विधायक हर्षवर्धन बाजपेई के सपा में शामिल होने की चर्चा भी जोरों पर है। ऐसे में शहर उत्तरी को लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई है।
रोक के बावजूद नारेबाजी करते हुए पहुंचे प्रत्याशी
नामांकन जुलूस प्रतिबंधित है। कोविड प्रोटोकाल के तहत भी इस पर रोक है। इसके बावजूद कई प्रत्याशियों के साथ 50 से अधिक लोग कलक्ट्रेट तक पहुंचे। शहर पश्चिमी से भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ नाथ सिंह तथा मेजा से सपा उम्मीदवार संदीप सिंह के समर्थन लगातार नारेबाजी भी करते रहे। हालांकि, समर्थकों को नामांकन स्थल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।