UP : प्रयागराज से प्रदेश के युवाओं को साधने में जुटे दल, सपा-कांग्रेस मुखर तो भाजपा ने सीधे मैदान पर उतारा
प्रमुख राजनीति दलों ने प्रयागराज से उत्तर प्रदेश के युवाओं को साधने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर हमलावर है तो सत्ता पक्ष ने उसे जवाब देने के लिए युवाओं को ही सीधे मैदान पर उतार दिया है।
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प्रमुख राजनीति दलों ने प्रयागराज से उत्तर प्रदेश के युवाओं को साधने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर हमलावर है तो सत्ता पक्ष ने उसे जवाब देने के लिए युवाओं को ही सीधे मैदान पर उतार दिया है। भर्तियों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा ने 2017 के चुनाव में प्रदेश की सत्ता हासिल की थी। युवाओं से किए गए अपने वादे को पूरा करने हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोपों की सीबीआई जांच भी शुरू करा दी थी।
आठ साल बाद अब विपक्ष इसी मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेर रहा है। पेपर लीक व भर्तियों में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर सत्ता पक्ष पर निशाना साध रहा है। एक तरफ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अभियान छेड़ रखा है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 19 जुलाई को छात्रों से संवाद के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। उनके साथ कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का भी प्रयागराज आने का कार्यक्रम बन रहा है। वहीं, रविवार को प्रयागराज पहुंचे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी भर्तियाें में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व पेपर लीक जैसे मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरा।
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) और भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रदेश के युवाओं को महत्वपूर्ण पद देकर भाजपा ने भी एक बड़ा संदेश दिया है। एबीवीपी में सक्रिय रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष रोहित मिश्रा को भाजयुमो का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर युवाओं को साधने की एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रयागराज की युवा महिला नेता डॉ. कीर्तिका अग्रवाल को उपाध्यक्ष बनाकर भी संदेश देने की कोशिश की गई है कि प्रदेश में भाजपा की डोर अब युवा नेताओं के हाथ में जा रही है। यूपी के अन्य जिलों के मुकाबले प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों की संख्या से सबसे अधिक है। इनमें बड़ी संख्या पूर्वांचल के छात्रों की है, जो यहां रहकर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में प्रयागराज से प्रदेश को युवाओं को बड़ा संदेश दिया जा सकता है।
सपा मुखिया ने प्रश्नपत्र लीक और बेरोजगारी पर उठाए सवाल, दिए सात वचन
अखिलेश यादव ने दस साल में 20 परीक्षाएं लीक का नारा दिया
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। करीब दस वर्ष से सत्ता से बाहर रहने के बाद समाजवादी पार्टी सरकार को घेरना चाहती है। सपा मुखिया प्रश्नपत्र लीक मामलों और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। भाजपा सरकार में भर्तियां कम हुईं और ज्यादातर विवादों के घेरे में रहीं। कई भर्तियों को सरकार को निरस्त कर दोबारा कराना पड़ा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दस साल में 20 परीक्षाएं लीक का नारा दिया है। वे बेरोजगारों का दर्द उभारकर मरहम लगाना चाहते हैं। इसका उद्देश्य वर्ष 2027 में सरकार बनाने में बेरोजगारों की मदद लेना है।
प्रयागराज पूर्वांचल का महत्वपूर्ण शैक्षिक केंद्र है। यहां करीब बीस लाख बेरोजगार युवक नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। सपा मुखिया ने भर्ती विज्ञापन, परीक्षा धांधली और लाठीचार्ज के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवालों का भी जिक्र किया।
सपा के सात वचन और आरोप
सपा मुखिया ने सरकार बनने पर सात वचन निभाने का दावा किया। इनमें उम्र सीमा में राहत, समयबद्ध भर्ती कैलेंडर, सुरक्षित परीक्षा प्रणाली और नजदीकी परीक्षा केंद्र शामिल हैं। दोषियों पर सीधी कार्रवाई, तेजी से सुनवाई और मुफ्त पुनर्परीक्षा का भी वादा किया गया। अखिलेश यादव ने सरकार को प्रश्नपत्र लीक, बेरोजगारी और महिला अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है।
भर्तियों में गड़बड़ी और छात्रों का प्रदर्शन
सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता पूजा मिश्रा ने कहा कि सपा सरकार जाने के बाद नौकरी नहीं मिल रही है। वर्ष 2019 के बाद शिक्षकों की एडेड स्कूलों में कोई भर्ती नहीं हुई। उन्होंने कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और गोरखपुर में एसएससी कांस्टेबल भर्ती में गड़बड़ी बताई। 48 लाख छात्रों की मेहनत बर्बाद होने के बाद यूपी और बिहार में प्रदर्शन हुए। सपा प्रवक्ता ने नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक होने के बाद लखीमपुर खीरी समेत देश के कई स्थानों पर छात्रों के आत्महत्या करने की खबरें आई।