शुआट्स विश्वविद्यालय : कुलपति और चैयरमैन पर महिला ने धर्मांतरण व शोषण का लगाया आरोप, वीडियो वायरल
वायरल वीडियो में महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2013 में नौकरी देने के नाम पर धर्मांतरण कराया गया। इसके बाद उसे स्कूल में काम, रहने का स्थान व बच्चों को वहीं पर एडमिशन दिया गया। आरोप है कि इसके बाद उसका लगातार शारीरिक व मानसिक शोषण किया जाता रहा।
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क्रिस्टी मेमोरियल स्कूल एंड कॉलेज के चैयरमैन विनोद बी लाल व शुआट्स कुलपति प्रो. डॉ. आरबी लाल के खिलाफ एक महिला ने धर्मांतरण व शोषण का आरोप लगाया गया है। महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं मामले में स्कूल के कोऑर्डिनेटर विशाल चार्ल्स ने बताया कि महिला द्वारा ब्लैकमेलिंग व कॉलेज की छवि को धूमिल करने तथा चेयरमैन व शुआट्स कुलपति को बदनाम करने के लिए धर्मांतरण का झूठा आरोप सोशल मीडिया पर लगाया जा रहा है।
वायरल वीडियो में महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2013 में नौकरी देने के नाम पर धर्मांतरण कराया गया। इसके बाद उसे स्कूल में काम, रहने का स्थान व बच्चों को वहीं पर एडमिशन दिया गया। आरोप है कि इसके बाद उसका लगातार शारीरिक व मानसिक शोषण किया जाता रहा। वर्ष 2020 में उसके पति का देहांत हो गया। उसने आरोप लगाया कि उसे देर रात तक घर में बुलाया जाता था और उसका शोषण किया जाता था। वहीं बीते जुलाई में उसके बच्चों को स्कूल से निकालकर उसे टीसी दे दी गई। साथ ही उससे काम से निकालने के साथ उसके आवास से भी हटा दिया गया।
मामले में क्रिस्टी मेमोरियल स्कूल एंड कॉलेज के कॉऑर्डिनेटर विशाल चार्ल्स ने पत्र जारी करते हुए बताया कि उक्त महिला के हस्ताक्षर किया पत्र 22 अगस्त 2023 का पत्र जारी किया गया। इसमें उसने स्वेच्छा से काम छोड़ने व सारा सामान लेकर वहां जाने की बात लिखी है। बताया कि महिला क्रिस्टी स्कूल में अस्थाई कार्य कर रही थी, उन्हें अस्थाई आवास आवंटित किया गया था।
ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर किया गया सेवा समाप्त
कई माह से उक्त महिला ड्यूटी में लापरवाही बरत रही थी, बिना सूचना दिया अनुपस्थित चल रही थी। महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना निजी मकान बनवा लिया था। महिला ने अपने बच्चों का नाम भी स्कूल से कटवा कर गत माह टीसी प्राप्त कर ली थी। ड्यूटी में लापरवाही को देखते हुए नियमानुसार वार्निंग दी गई, कोई सुधार नहीं होने पर कार्रवाई करते हुए इनकी अस्थाई सेवा समाप्त करके उन्हें आवंटित आवास को खाली कर दिया गया।
महिला द्वारा सारा सामान एवं सभी बकाया राशि लेने की बात लिख कर दी गई है। सेवा प्राप्त करते समय महिला जिस धर्म की थी आज भी वही धर्म की है, ना तो महिला का धर्म परिवर्तन किया गया और ना ही धर्म परिवर्तन के लिए किसी प्रकार कोई लालच दिया गया। ब्लैकमेलिंग और बदनाम करने के लिए आरोप महिला द्वारा लगाया जा रहा है।