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Pahalgam Attack : सेंधा नमक की आवक हुई कम, तुर्किये का सेब आना हुआ बंद

Sun, 25 May 2025 04:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 25 May 2025 04:00 PM IST
सार

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान से आने वाले सभी सामान पर तुरंत रोक लगा दी है। इस रोक का असर अब धीरे-धीरे बाजार में दिखने लगा है। सेंधा नमक हो या फिर बादाम और खजूर।

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Pahalgam Attack Supply of rock salt reduced, Turkey's apples stopped coming
तुर्किये का सेब। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान से आने वाले सभी सामान पर तुरंत रोक लगा दी है। इस रोक का असर अब धीरे-धीरे बाजार में दिखने लगा है। सेंधा नमक हो या फिर बादाम और खजूर। बीते 15 दिन के दौरान इन सभी के दाम प्रयागराज के बाजार में बढ़े हैं।

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इस बीच संगमनगरी के बाजार में तुर्किये से आने वाले सेब की आवक भी बंद हो गई है। थोक मंडी में बीते कई दिन से तुर्किये का सेब नहीं आया है। पाकिस्तान से भारत में सेंधा नमक काफी आता है। इसके अलावा छुआरा, अखरोट व बादाम की भी वहां से ठीकठाक आवक है। फिलहाल, पहलगाम हमले के बाद से वहां से आने वाले इन सभी सामान पर रोक लग गई है। सेंधा नमक की बात करें तो थोक में पांच किलो खड़े नमक का दाम पहलगाम आतंकी हमले के पहले 150 रुपये था, जो अब बढ़कर 180 से 200 रुपये हो गया है।
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फुटकर में इसका दाम कारोबारी 60 से 70 रुपये प्रतिकिलो ले रहे हैं। फुटकर कारोबारी प्रमिल केसरवानी ने बताया कि थोक बाजार में भी सेंधा नमक की आवक कम है। गनीमत है कि अभी नवरात्र और व्रत वाले अन्य त्योहार दूर है। नहीं तो लोगों को परेशानी ज्यादा होती। इसी तरह मेवों की बात करें तो उनके भी दाम बढ़ गए हैं। अफगानिस्तान से बादाम, अंजीर, अखरोट, मुनक्का, खुरमानी, पिस्ता आदि का आयात होता है। कारोबारी दीपक केसरवानी बताते हैं कि अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते मेवे भारत आते हैं।

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बॉर्डर पर तनाव के बाद वाया दुबई होकर अफगानिस्तान से मेवे आ रहे हैं। इस वजह से मेवों पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ गई है। इस वजह से 850-920 रुपये किलो में मिलने वाला बादाम अब 950 से 1050 रुपये किलो में बिक रहा है। खजूर का दाम भी 280-320 रुपये प्रतिकिलो से बढ़कर 340-380 रुपये प्रतिकिलो हो गया है।

वॉशिंगटन, इटली और कश्मीरी सेब ही अब बाजार में

प्रयागराज में फल की थोक मंडी मुंडेरा में बॉयकॉट तुर्किये का खासा असर देखने को मिल रहा है। यहां तुर्किये का सेब आना एकदम बंद हो गया है। मंडी में अब वॉशिंगटन, इटली, ईरान और कश्मीरी सेब की ही बिक्री हो रही है। हालांकि, यहां सेब के दाम बढ़े भी हैं। फुटकर बाजार की बात की जाए तो 200 से 280 रुपये प्रतिकिलो सेब बिक रहा है। मुंडेरा फल सब्जी व्यापार महासंघ के संरक्षक धनंजय सिंह पटेल, थोक कारोबारी प्रमोद ने बताया कि मुंडेरा में अब तुर्किये का सेब नहीं बेेचा जा रहा है। अन्य सेब की बिक्री हो रही है।

ऑनलाइन व्यापार के विरोध साथ ही चीन, तुर्की और अजरबैजान के सामानों का बहिष्कार
 

इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर वेलफेयर एसोसिएशन ने शनिवार को सुभाष चौराहे पर कई निजी कंपनियों के ऑनलाइन व्यापार का विरोध किया। साथ ही चीन, तुर्की और अजरबैजान में निर्मित वस्तुओं का बहिष्कार किया। इस दौरान दौरान ऑनलाइन व्यापार को भारत के छोटे व्यापारियों के खिलाफ बताया गया और कहा गया कि कई निजी कंपनियों ने भारत के खुदरा बाजार के 32 फीसदी हिस्से कब्जा करके रखा है। इससे भारत का निम्न-मध्यम वर्गीय व्यवसायी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। भारत के व्यापारियों को बचाने के लिए व्यापारिक संघ इनका विरोध करेंगे।

इस दौरान स्वदेशी जागरण मंच प्रांतीय परिषद के सदस्य डॉ. रंजन वाजपेई ने कहा कि हम सभी व्यापारी शांतिपूर्ण तरीके से हर दुकान पर जाकर व्यवसायी और नागरिकों को जागरूक करेंगे। अध्यक्ष अविनाश कुमार ने कहा कि कई निजी कंपनियां भारत के खुदरा क्षेत्र में प्रवेश करके स्लो प्वाइजन की तरह व्यवसायियों को मार रही हैं। ये भारत की आर्थिक परिस्थितियों के लिए अत्यंत घातक है। स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत मेल प्रमुख एवं स्वालंबी भारत के सहसमन्वयक डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने का एकमात्र साधन भारत के हुनर को बढ़ाया जाना है।

भारत के कौशल को मान्यता दी जाए और भारत में भारतीय सामानों की बिक्री हो। प्रभात त्रिपाठी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यवसायियों का संरक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि वो ई- व्यापार के लिए एक स्पष्ट विधि का निर्माण करें। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सहसंयोजक प्रोफेसर अश्विनी महाजन ने भी भारत सरकार और लोगों से तुर्की निर्मित वस्तुओं के बहिष्कार का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत से हर साल तीन लाख से अधिक पर्यटक तुर्की की पर्यटन यात्रा करते हैं। पर्यटन के लिए तुर्की और अजरबैजान का बहिष्कार करें।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अश्वनी द्विवेदी ने किया। इस दौरान स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय प्रचार टोली के सदस्य डॉ. विजय कुमार सिंह, प्रांत युवा प्रमुख राय साहब, भूपेंद्र सिंह और अजीत तिवारी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस मौके पर व्यापारी सौरभ गुप्ता, अरुण मिश्रा, अतुल यादव, अवनीश, विशाल, विनय, राजीव, विवेक, अंकित, प्रशांत, शशांक, शशांक सिंह, अभिषेक और अनूप की भी खास तौर से मौजूदगी रही।

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